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        "text": "भारतीय कृषि को उच्च गुणवत्ता वाले जैव-कीटनाशी, पौध वृद्धि संवर्धक, उर्वरक और फसल सुरक्षा समाधानों के साथ सशक्त बनाना। अनुभव, विज्ञान और सतत खेती के प्रति प्रतिबद्धता द्वारा समर्थित।",
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      "our_story_text": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स की शुरुआत वर्ष 2000 में एक छोटी सी दुकान से हुई, जहां हमारे वर्तमान सीईओ श्री राकेश शाह के पिता ने किसानों के लिए फसल सुरक्षा उत्पाद बेचना शुरू किया। उनका एक सरल वादा था: हर किसान के खेत को अपना खेत समझकर देखना। वह दुकान एक कक्षा बन गई—किसानों की बातें सुनना, मौसम दर मौसम सीखना और हर बार विश्वास अर्जित करना।<br><br>दो दशकों बाद, वही वादा आज एक आधुनिक विनिर्माण संयंत्र और व्यापक मिशन को शक्ति देता है। श्री शाह के नेतृत्व में, हमने एक पारिवारिक दुकान से एक उच्च गुणवत्ता वाले पौध वृद्धि प्रमोटर, कीटनाशक, शाकनाशी और फफूंदनाशी के निर्माता, निर्यातक और आयातक के रूप में विकास किया है। जो नहीं बदला वह है हमारा 'मिट्टी में हाथ' वाला दृष्टिकोण: व्यावहारिक विज्ञान, निरंतर गुणवत्ता, और ऐसा मार्गदर्शन जो वास्तव में खेत में काम करता है।<br><br>आज, अन्नपूर्णा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, नेपाल और बांग्लादेश में विस्तृत और बढ़ते बाजार की सेवा करता है—वितरकों, एग्रीबिजनेस भागीदारों और उन किसानों का समर्थन करता है जो हम सभी को भोजन कराते हैं। बुवाई से लेकर कटाई तक, हमारा पोर्टफोलियो उपज की रक्षा करने, पौधों की ताकत बढ़ाने और तब निर्णय आसान बनाने के लिए बनाया गया है जब मौसम—और कीट—नियमों का पालन नहीं करते।<br><br>हमने एक दुकान और इस विश्वास से शुरुआत की थी कि बेहतर इनपुट बेहतर परिणाम देते हैं। हम आज भी इस पर विश्वास करते हैं। और जैसे-जैसे हम अपनी क्षमताओं और साझेदारियों का विस्तार कर रहे हैं, हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत वही है: हर मौसम, हर खेत में विश्वसनीय परिणाम प्रदान करना।<br><br><strong>अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स</strong><br>विश्वास में जड़ें। आपके साथ बढ़ते हुए।",
      "point1": "2000 से किसानों के साथ विश्वास की जड़ें",
      "point2": "बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, नेपाल और बांग्लादेश में सेवा",
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      "text": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स, सवली‑मंजुसर, वडोदरा, गुजरात स्थित प्रमुख एग्रोकेमिकल निर्माता और आपूर्तिकर्ता है, जिसकी स्थापना 2000 में हुई थी। हम जैव-कीटनाशी, पौध वृद्धि संवर्धक, शाकनाशी, फफूंदनाशी, उर्वरक, नाइट्रोबेंजीन और अन्य प्रमुख फसल इनपुट्स में विशेषज्ञता रखते हैं और लगातार उच्च गुणवत्ता वाले, वास्तविक एग्रो समाधान प्रदान करते हैं। हमारा पैन-इंडिया नेटवर्क, मजबूत डीलर और वितरक चैनलों के साथ, किसानों को वास्तविक मूल्य देता है। वडोदरा में विनिर्माण और गोदाम की सुविधा से समय पर डिलीवरी, पूर्ण ट्रेसबिलिटी और पारदर्शी सेवा सुनिश्चित होती है। निरंतर नवाचार से प्रेरित, हमारी टीम पर्यावरण की रक्षा करते हुए फसल उत्पादकता बढ़ाने वाले नवीन, सतत सूत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम ग्राहक-केंद्रित सेवा और भरोसेमंद उत्पादों को मिलाकर भारतीय कृषि को सशक्त बनाते हैं।",
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        "सभी प्रमुख फसलों के लिए व्यापक एग्रोकेमिकल समाधान",
        "जैव-कीटनाशी, संवर्धक और पौध पोषण में विशेषज्ञता",
        "वडोदरा, गुजरात में अत्याधुनिक निर्माण सुविधा",
        "तेज़, विश्वसनीय आपूर्ति के लिए पैन-इंडिया डीलर और वितरक नेटवर्क",
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      "text": "हमारी उत्पाद श्रृंखला में जैव-कीटनाशी, पौध वृद्धि संवर्धक, शाकनाशी, फफूंदनाशी, विशेष उर्वरक और नाइट्रोबेंजीन सूत्रीकरण शामिल हैं। हर समाधान फसल की सुरक्षा, उपज बढ़ाने और सतत खेती के लिए तैयार किया गया है। गुणवत्ता और विश्वसनीयता के लिए भारत भर के किसान हम पर विश्वास करते हैं।",
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      "heading": "आम एग्रोकेमिकल सवालों के उत्तर <br> यहां पाएं",
      "q1": "आप किस प्रकार के एग्रोकेमिकल उत्पाद उपलब्ध कराते हैं?",
      "a1": "हम जैव-कीटनाशी, पौध वृद्धि संवर्धक, शाकनाशी, फफूंदनाशी, विशेष उर्वरक और नाइट्रोबेंजीन फॉर्मुलेशन सहित विभिन्न उत्पाद प्रदान करते हैं ताकि टिकाऊ फसल उत्पादन को समर्थन मिल सके।",
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      "a2": "हमारे जैव-कीटनाशी प्राकृतिक स्रोतों से बने हैं और फसलों और पर्यावरण के लिए सुरक्षित रहते हुए कीटों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करते हैं। वे रासायनिक अवशेष को कम करते हैं और स्वस्थ फसल की प्राप्ति में मदद करते हैं।",
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      "a3": "हाँ, हमारे पौध वृद्धि संवर्धक विभिन्न फसलों के लिए तैयार किए गए हैं। वे स्वस्थ वृद्धि, पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण और उच्च उपज को बढ़ावा देते हैं। फसल-विशिष्ट सलाह के लिए हमारे विशेषज्ञों से संपर्क करें।",
      "q4": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स के विशेष उर्वरकों के क्या लाभ हैं?",
      "a4": "हमारे विशेष उर्वरक मिट्टी की उर्वरता सुधारने, संतुलित पोषण प्रदान करने और फसलों के स्वस्थ विकास में मदद करते हैं। ये उपज को अधिकतम करने और मिट्टी के दीर्घकालिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।",
      "q5": "आपके एग्रोकेमिकल उत्पादों का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग कैसे सुनिश्चित करें?",
      "a5": "हमेशा उत्पाद लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें और अनुशंसित मात्रा में ही उपयोग करें। सर्वोत्तम परिणाम और सुरक्षा के लिए, हमारे तकनीकी विशेषज्ञों या स्थानीय कृषि सलाहकारों से सलाह लें।"
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        "धान में खरपतवार प्रबंधन: बिसपायरीबैक सोडियम (Agni Baan) का उपयोग",
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        "intro": "लीची (Litchi chinensis) और आम (Mangifera indica) सिर्फ फल नहीं हैं, बल्कि भारतीय बागवानी परंपरा का उत्सव हैं। ये रसीले ग्रीष्मकालीन फल देशभर में अपने स्वाद, पौष्टिकता और बाज़ार मूल्य के लिए प्रसिद्ध हैं। भारत दोनों फलों का सबसे बड़ा उत्पादक है—यूपी, बिहार (लीची) से महाराष्ट्र, गुजरात, बंगाल और दक्षिण (आम) तक किसानों के लिए यह गर्व, समृद्धि और रोजगार का बड़ा स्रोत है।",
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        "why_content": "• प्रीमियम बाज़ार मूल्य: ताजे, प्रोसेस्ड और निर्यात बाज़ार में इन फलों की बड़ी मांग है, जिससे अच्छा मुनाफा मिलता है।<br>• पौष्टिकता व सेहत: लीची विटामिन सी व एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, आम में विटामिन, फाइबर व मिनरल्स प्रचुर हैं।<br>• दीर्घकालिक लाभ: एक बार तैयार होने के बाद, बाग़ दशकों तक फल देते हैं।<br>• निर्यात में बढ़ोतरी: भारतीय आम और लीची की विश्वभर में मांग है, जिससे निर्यात अवसर बढ़ते हैं।<br>• सरकारी व तकनीकी सहयोग: सब्सिडी, पैकहाउस, और शोध सहायता फसल की गुणवत्ता व उपज बढ़ाते हैं।",
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        "heading": "सोयाबीन: भारत की शक्ति शाली फसल",
        "intro": "सोयाबीन दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण फसलों में से एक है, जिसे इसके उच्च प्रोटीन (40% से अधिक) और तेल की मात्रा (20% से ज्यादा) के लिए महत्व दिया जाता है। यह खाद्य, पशु आहार और औद्योगिक उपयोगों के लिए एक प्रमुख फसल है। पूरी तरह से प्रोटीन से भरपूर—सभी जरूरी अमीनो एसिड के साथ—सोयाबीन कई आहारों और उद्योगों की मुख्य सामग्री है। सोयाबीन का तेल प्राकृतिक रूप से कोलेस्ट्रॉल मुक्त होता है, जिससे यह लाखों लोगों के लिए एक स्वस्थ वनस्पति तेल विकल्प बनता है।\nपिछले दो दशकों में भारत में सोयाबीन की खेती तेजी से बढ़ी है, अब 2.7 करोड़ एकड़ से अधिक क्षेत्र में इसकी खेती होती है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य अग्रणी सोयाबीन उत्पादक हैं, जो मजबूत लाभ और मांग के कारण इस फसल का विस्तार कर रहे हैं।",
        "why_heading": "सोयाबीन की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "वैज्ञानिक रूप से ग्लाइसीन मैक्स (Glycine max) के नाम से जानी जाने वाली सोयाबीन सिर्फ एक सामान्य फसल नहीं है। यह सतत कृषि का आधार है, जो मानव और पशुओं के लिए प्रोटीन व तेल से भरपूर पोषण देता है। सोया उत्पादों और फीड की बढ़ती मांग इसे भारतीय किसानों के लिए लाभकारी व टिकाऊ विकल्प बनाती है।",
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        "partner_heading": "सोयाबीन सफलता में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "चाहे आप अनुभवी किसान हों या नए, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स आपके साथ है। अनुसंधान आधारित उत्पाद, सतत कृषि और किसान शिक्षा पर हमारा जोर हमें खास बनाता है। चलिए मिलकर आपकी सोयाबीन फसल की पूरी क्षमता को पाते हैं—उपज बढ़ाएं, मुनाफा बढ़ाएं, और भारतीय कृषि का भविष्य स्वस्थ बनाएं।",
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        "intro": "धान, जिसे वैश्विक स्तर पर चावल (Oryza sativa) के नाम से जाना जाता है, केवल एक फसल नहीं—बल्कि यह करोड़ों भारतीय परिवारों की जीवनरेखा और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का मुख्य आधार है। ग्रामीण आजीविका और आहार की रीढ़ के रूप में, धान की खेती समृद्ध मैदानों से लेकर तटीय डेल्टा तक फैली हुई है और भारत के विविध कृषि-जलवायु क्षेत्रों में फलती-फूलती है। इसकी अनुकूलता, उच्च कैलोरी मूल्य और लगातार मांग धान की खेती को भारतीय किसानों के लिए सबसे सुरक्षित और आवश्यक विकल्प बनाती है।",
        "why_heading": "धान/चावल की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "चावल की खेती समय की कसौटी पर खरी, टिकाऊ और भारत की खाद्य टोकरी के लिए महत्वपूर्ण है।<br><br>• उच्च बाजार मांग: चावल देश की आधी से अधिक आबादी का मुख्य भोजन है, जिससे लगातार मांग और विपणन के अवसर बने रहते हैं।<br>• बहुपरकारी और अनुकूल: विभिन्न मृदा, जलवायु और खेती प्रणालियों के लिए उपयुक्त।<br>• रोजगार और आजीविका: करोड़ों ग्रामीण परिवारों को आजीविका और सहयोगी कार्यों में रोजगार मिलता है।<br>• सरकार का निरंतर समर्थन: लाभकारी नीतियाँ, MSP और सरकारी खरीद मजबूत वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स में, हम धान उत्पादकों को संपूर्ण उत्पाद रेंज और विशेषज्ञता के साथ समर्थन देते हैं—आपको कीट, रोग और खरपतवार की चुनौतियों को पार करने में सक्षम बनाते हुए टिकाऊ, उच्च-उपज वाली कृषि को बढ़ावा देते हैं। हमारा किसान-प्रथम दृष्टिकोण आपको स्थानीय चावल पारिस्थितिकी प्रणालियों के अनुसार नवीनतम फसल सुरक्षा, समन्वित समाधान और सर्वश्रेष्ठ कृषि अभ्यास प्रदान करता है।",
        "resources_heading": "सफल धान खेती के लिए आवश्यक संसाधन",
        "resources_content": "• चावल की किस्में: अपने क्षेत्र की वर्षा, मिट्टी और बुवाई समय के अनुसार बेहतर, रोग-रोधी किस्में चुनें।<br>• बुवाई और रोपाई: समय, नर्सरी प्रबंधन, रोपाई विधियाँ और जल प्रबंधन पर मार्गदर्शन लें ताकि फसल की मजबूत स्थापना हो।<br>• पोषक प्रबंधन: मजबूत टिलरिंग और दाने भरने के लिए संतुलित पोषक तत्वों के साथ उर्वरक योजना बनाएं।<br>• कीट एवं रोग प्रबंधन: प्रमुख कीट और फफूंद से बचाव के लिए अन्नपूर्णा के व्यापक समाधान अपनाएँ।<br>• खरपतवार प्रबंधन: अधिकतम उपज के लिए प्री- और पोस्ट-इमर्जेंस हर्बीसाइड्स से शुरुआती फसल रक्षा करें।<br>• बाजार सहायता: MSP, स्थानीय मांग और सरकारी योजनाओं से जुड़े रहें।",
        "partner_heading": "चावल खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "चाहे आप उत्तर भारत में बासमती या दक्षिण में हाइब्रिड धान उगा रहे हों, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स हमेशा आपके साथ है। नवाचार, किसान शिक्षा और टिकाऊ समाधान पर हमारा ध्यान आपको उच्च उपज, बेहतर मुनाफा और दीर्घकालिक मृदा स्वास्थ्य दिलाने में सहायक होगा। आइए, एक स्वस्थ धान की फसल के साथ मिलकर भारत का भविष्य खिलाएं।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान",
          "weed_heading": "खरपतवार नियंत्रण",
          "weed_targets": "एकबीजपत्रीय (Echinochloa, Leptochloa), द्विबीजपत्रीय (Eclipta, Ludwigia), सेजेस (Cyperus)",
          "weed_products": "अग्नि बाण (Bispyribac Sodium 10% SC) (पोस्ट-इमर्जेंस)<br>रिपिट (Pretilachlor 50% EC) (प्री-इमर्जेंस)<br>सारथी (Pyrazosulfuron Ethyl 10% WP) (सिलेक्टिव)",
          "insect_heading": "कीट प्रबंधन",
          "insect_issues": "तना छेदक, पत्ती लपेटक<br>ब्राउन प्लांट हॉपर, ग्रीन लीफ हॉपर, व्हाइट बैक्ड प्लांट हॉपर",
          "insect_products": "क्रि-दान, कोरम, सुल्तान, भीमा, मिसाइल, फ्यूरन 3जी, विस्टा, राफेल, सेनापति",
          "disease_heading": "रोग प्रबंधन",
          "disease_issues": "ब्लास्ट, शीथ ब्लाइट, लीफ स्पॉट, रॉट",
          "disease_products": "स्टॉपर, हे़क्सा 5+, सेफ एक्सप्रेस, एम-45, कवच",
          "soil_heading": "मृदा स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक सुरक्षा",
          "soil_issues": "दीमक, रूट ग्रब्स, प्रारंभिक सुरक्षा",
          "soil_products": "फ्यूरन 3जी, सेनापति (बीजोपचार), कोरम"
        }
    },
        "wheat": {
          "breadcrumb_title": "गेहूं: भारत की मजबूत मुख्य फसल",
          "home": "होम",
          "project_details": "गेहूं विवरण",
          "heading": "गेहूं: भारत की मजबूत मुख्य फसल",
          "intro": "गेहूं (ट्रिटिकम एस्टिवम) भारत की सबसे महत्वपूर्ण रबी फसल है, जो पीढ़ियों से खानपान, अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आजीविका को आकार देती है। यह फसल विस्तृत मैदानों और विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में उगाई जाती है, और खाद्य सुरक्षा, रोजगार तथा कृषि उद्योग को खेत से आटे तक मजबूती देती है। इसकी अनुकूलता, उच्च पोषण और भरोसेमंद आमदनी इसे करोड़ों भारतीय किसानों की पहली पसंद बनाती है।",
          "why_heading": "गेहूं की खेती क्यों चुनें?",
          "why_content": "• उच्च मांग और खाद्य सुरक्षा: गेहूं भारतीय भोजन का आधार है, जिससे स्थिर बाजार और सरकारी खरीद की सुविधा मिलती है।<br>• जलवायु अनुकूलता: यह अर्ध-शुष्क से सिंचित क्षेत्रों तक आसानी से उगता है, नई किस्में बदलती जलवायु के लिए उपयुक्त हैं।<br>• लाभकारी: स्थिर आमदनी देता है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) एवं सरकारी सहायता के लिए पात्र है।<br>• रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था: यह किसानों, मजदूरों और कृषि प्रसंस्करण को मजबूत करता है।",
          "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
          "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स हर मौसम में गेहूं उत्पादकों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी विशेषज्ञता, नवीन फसल समाधान और किसान-केंद्रित सेवाएं आपकी फसल को स्वस्थ, उच्च उपज और दीर्घकालिक मृदा उर्वरता सुनिश्चित करती हैं। मजबूत और लाभकारी गेहूं खेती के लिए हमारे विज्ञान-आधारित उत्पादों और व्यक्तिगत मार्गदर्शन पर भरोसा करें।",
          "resources_heading": "सफल गेहूं खेती के लिए जरूरी संसाधन",
          "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र और बोवाई समय के लिए रोग-रोधी, अधिक उपज देने वाली किस्में चुनें।<br>• बीज और बुवाई: समरूप अंकुरण और मजबूत पौधों के लिए बीज उपचार, बुवाई की गहराई और पौधों के बीच उचित दूरी की सलाह लें।<br>• पोषक प्रबंधन: स्वस्थ टिलरिंग और दाने भरने के लिए उर्वरकों का सही उपयोग करें।<br>• खरपतवार, कीट एवं रोग नियंत्रण: प्रमुख गेहूं खतरों के लिए अन्नपूर्णा के लक्षित समाधान अपनाएं।<br>• कटाई और बाजार: कटाई, भंडारण और समय पर विपणन के लिए सर्वोत्तम उपायों का लाभ लें।",
          "partner_heading": "गेहूं खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
          "partner_content": "बुवाई से कटाई तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स आपके गेहूं उत्पादन और लाभ को सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। हमारे शोध-आधारित उत्पाद और किसान सशक्तिकरण पर ध्यान आपको हर मौसम में स्थायी उपज प्राप्त करने में मदद करेंगे। आइए मिलकर भारत के खेत और रसोईघर को भरपूर बनाएं।",
          "table": {
            "issue": "समस्या / लक्ष्य",
            "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
          }
    },
    "cotton": {
        "breadcrumb_title": "कपास: भारत की फाइबर शक्ति",
        "home": "होम",
        "project_details": "कपास विवरण",
        "heading": "कपास: भारत की फाइबर शक्ति",
        "intro": "कपास (गॉसिपियम spp.) केवल एक नकदी फसल नहीं—यह भारत के वस्त्र उद्योग की नींव है, जो खेत से लेकर फैशन तक लाखों किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों को समर्थन देती है। कपास विविध कृषि-जलवायु क्षेत्रों में फलती-फूलती है, और इसके फाइबर व उप-उत्पादों की मजबूत बाजार मांग के चलते यह ग्रामीण समृद्धि और नवाचार का प्रतीक बनी हुई है।",
        "why_heading": "कपास की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• मजबूत बाजार और औद्योगिक मांग: कपास भारत के वस्त्र क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे कच्चे फाइबर और बीजों की मजबूत मांग बनी रहती है।<br>• लाभकारी: उच्च मूल्य और कई बार तुड़ाई से किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है।<br>• अनुकूलता: आधुनिक किस्में कीट और सूखा प्रतिरोधी होती हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में टिकाऊ उत्पादन संभव है।<br>• ग्रामीण रोजगार: कपास ग्रामीण परिवारों को आजीविका देती है और भारत के कपास बेल्ट्स की आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाती है।<br>• सरकारी समर्थन: एमएसपी और समर्पित कपास योजनाएं किसानों की आय को स्थिर बनाती हैं।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स कपास किसानों के साथ हर कदम पर खड़ी है, प्रमुख कीटों, खरपतवारों और रोगों से आपकी फसल की सुरक्षा के लिए पूर्ण समाधान प्रदान करती है। हमारा मिशन है कि नवाचार और जमीनी सहयोग के जरिए आप रिकॉर्ड तोड़ पैदावार, स्वच्छ फाइबर और टिकाऊ मृदा स्वास्थ्य हासिल करें।",
        "resources_heading": "सफल कपास खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र और कीट प्रोफ़ाइल के अनुसार उच्च उपज देने वाली, बीटी या हाइब्रिड किस्में चुनें।<br>• बुवाई और फसल देखभाल: मजबूत वृद्धि के लिए बुवाई समय, पौधों के बीच दूरी और पोषक प्रबंधन की विशेषज्ञ सलाह लें।<br>• समन्वित कीट प्रबंधन: बॉलवर्म, सकिंग पेस्ट्स और नए खतरों के नियंत्रण के लिए अन्नपूर्णा के उन्नत फसल सुरक्षा उपायों पर भरोसा करें।<br>• खरपतवार नियंत्रण: प्रारंभिक फसल विकास के लिए प्री- व पोस्ट-इमर्जेंस हर्बीसाइड्स से सुरक्षा सुनिश्चित करें।<br>• तुड़ाई और फाइबर गुणवत्ता: अधिक मुनाफे के लिए स्वच्छ तुड़ाई, भंडारण और विपणन की सर्वोत्तम विधियों का पालन करें।",
        "partner_heading": "कपास खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "बीज से लेकर गांठ तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स ज्ञान और तकनीक से कपास उत्पादकों को अधिक लाभ, मजबूती और उच्च गुणवत्ता का फाइबर प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। हमारे विज्ञान-सिद्ध समाधान और क्षेत्रीय मार्गदर्शन आपकी कपास फसल को हर चरण में सुरक्षित रखते हैं।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
        }
    },
    "sugarcane": {
        "breadcrumb_title": "गन्ना: भारत की मीठी सफलता",
        "home": "होम",
        "project_details": "गन्ना विवरण",
        "heading": "गन्ना: भारत की मीठी सफलता",
        "intro": "गन्ना (सैकरम ऑफ़िसिनारम) भारत के शर्करा उद्योग की रीढ़ है और ग्रामीण आजीविका, आय और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं का एक प्रमुख आधार है। गुड़ से लेकर बायोफ्यूल तक, गन्ना करोड़ों किसानों की आजीविका और देशभर के मजबूत कृषि-औद्योगिक नेटवर्क को ऊर्जा देता है।",
        "why_heading": "गन्ना खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• उच्च मांग: गन्ना चीनी मिलों, गुड़ इकाइयों और बढ़ते इथेनॉल क्षेत्र को ऊर्जा देता है।<br>• मजबूत आमदनी: कई कटाई और उप-उत्पादों के कारण निरंतर नकद प्रवाह और विविध आय स्रोत मिलते हैं।<br>• अनुकूलता: यह उष्णकटिबंधीय और उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, बदलती मिट्टी और पानी की स्थिति में भी अच्छा बढ़ता है।<br>• रोजगार: ग्रामीण श्रम, परिवहन और कृषि उद्योग को व्यापक समर्थन देता है।<br>• सरकारी समर्थन: लाभकारी नीतियाँ, एसएपी (SAP) और मिल खरीद की गारंटी उपलब्ध है।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स गन्ना उत्पादकों के लिए शक्तिशाली फसल समाधान लाती है—जो कीटों से लड़ने, खरपतवार नियंत्रण और उत्पादन की रक्षा में मदद करती है। हमारा संकल्प: क्षेत्र-परीक्षित उत्पादों और व्यावहारिक सहयोग के ज़रिए मजबूत सुरक्षा, अधिक उत्पादकता और दीर्घकालिक मृदा स्वास्थ्य।",
        "resources_heading": "सफल गन्ना खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र के लिए जल्दी पकने वाली, उच्च उपज और रोग-रोधी किस्में लगाएं।<br>• रोपण और देखभाल: सेट्ट ट्रीटमेंट, दूरी, सिंचाई और ट्रैश मल्चिंग की सर्वोत्तम विधियों का पालन करें ताकि फसल मजबूत हो।<br>• समन्वित कीट व रोग प्रबंधन: प्रमुख बोरर, ग्रब्स और फफूंद नियंत्रण के लिए अन्नपूर्णा के समाधान अपनाएं।<br>• खरपतवार नियंत्रण: अधिकतम गन्ना विकास के लिए प्रमुख चरणों पर अनुशंसित हर्बीसाइड्स लगाएं और खेत स्वच्छ रखें।<br>• कटाई व आपूर्ति: सर्वश्रेष्ठ शर्करा और भुगतान के लिए सही कटाई, बंडलिंग और परिवहन अपनाएं।",
        "partner_heading": "गन्ना खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "रोपाई से क्रशिंग तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स हर चरण पर आपके साथ है—आपकी उपज अधिकतम करने, खतरों का प्रबंधन करने और लाभकारी, टिकाऊ भविष्य सुरक्षित करने में मदद करती है।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
        }
    },
    "groundnut": {
        "breadcrumb_title": "मूंगफली: भारत की तिलहन संपदा",
        "home": "होम",
        "project_details": "मूंगफली विवरण",
        "heading": "मूंगफली: भारत की तिलहन संपदा",
        "intro": "मूंगफली (एराकिस हाइपोजिया), जिसे पीनट भी कहा जाता है, भारत की एक महत्वपूर्ण तिलहन फसल है—जो ग्रामीण आजीविका, पोषण सुरक्षा और संपन्न खाद्य तेल उद्योग को शक्ति देती है। वर्षा आधारित और सिंचित दोनों परिस्थितियों में इसकी अनुकूलता, उच्च प्रोटीन एवं तेल प्रतिशत, और बाजार मूल्य इसे किसानों की पसंदीदा फसल बनाते हैं।",
        "why_heading": "मूंगफली की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• उच्च मूल्य: खाद्य तेल, स्नैक्स, कन्फेक्शनरी और पशु चारे के लिए बहुत मांग है।<br>• पोषण शक्ति: प्रोटीन, अच्छे वसा और खनिजों से भरपूर, मानव एवं पशु स्वास्थ्य के लिए लाभकारी।<br>• मृदा सुधारक: दलहनी होने से मूंगफली नाइट्रोजन स्थिर करती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है।<br>• मजबूत बाजार: तेल मिलों और फूड प्रोसेसिंग से स्थिर आय मिलती है।<br>• सरकारी समर्थन: एमएसपी और विभिन्न योजनाएँ किसानों की आय को सुरक्षित व बढ़ाती हैं।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स मूंगफली उत्पादकों के साथ मिलकर खरपतवार, कीट और रोगों से फसल की रक्षा करती है। हमारे विज्ञान-सिद्ध समाधान और किसान-केंद्रित मार्गदर्शन हर मूंगफली सीजन में लाभ, मृदा स्वास्थ्य और स्थिरता अधिकतम करते हैं।",
        "resources_heading": "सफल मूंगफली खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने जलवायु और बाजार के अनुसार सूखा सहनशील, अधिक उपज देने वाली किस्में चुनें।<br>• बुवाई एवं बीज उपचार: बुवाई का समय, बीज दर और प्रारंभिक कीट/रोग सुरक्षा पर सलाह प्राप्त करें।<br>• पोषक व जल प्रबंधन: स्वस्थ फूल, पेगिंग और दाना भरने के लिए उर्वरकों और सिंचाई का संतुलन बनाएं।<br>• कीट, रोग एवं खरपतवार नियंत्रण: मजबूत फसल स्वास्थ्य और अधिक उपज के लिए अन्नपूर्णा के लक्षित उत्पादों पर भरोसा करें।<br>• कटाई व भंडारण: हानि कम करने और दाने की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सर्वोत्तम उपाय अपनाएं।",
        "partner_heading": "मूंगफली खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "बीज से बाजार तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स आपके सबसे बड़े सहयोगी हैं—बेहतर पैदावार और अधिक मुनाफे के लिए अत्याधुनिक उत्पाद, सर्वोत्तम अभ्यास और पूर्ण समर्थन प्रदान करते हैं।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
        }
    },
    "potato": {
        "breadcrumb_title": "आलू: भारत की बहुपयोगी जड़ फसल",
        "home": "होम",
        "project_details": "आलू विवरण",
        "heading": "आलू: भारत की बहुपयोगी जड़ फसल",
        "intro": "आलू (सोलानम ट्यूबरोसम) विश्व की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है और भारतीय रसोई की पहचान है, जो उत्तर से दक्षिण तक हर व्यंजन में इस्तेमाल होती है। इंडो-गैंगेटिक मैदानों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक, आलू की खेती कम समय, अधिक उत्पादन और विविध फसल प्रणाली में लचीलापन के लिए प्रसिद्ध है। यह एक महत्वपूर्ण नकदी फसल भी है, जो फ्रोजन फूड, चिप्स, स्नैक्स उद्योग और लाखों किसानों की समृद्धि का आधार है।",
        "why_heading": "आलू की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• सार्वत्रिक मांग: आलू घरों, होटलों, प्रोसेस्ड फूड और स्नैक्स उद्योग के लिए अनिवार्य है—सालभर मजबूत बाजार मांग सुनिश्चित करता है।<br>• त्वरित मुनाफा: कम समय की फसल होने से किसान आलू को डबल या ट्रिपल क्रॉपिंग सिस्टम में आसानी से शामिल कर वार्षिक आय बढ़ा सकते हैं।<br>• पोषण मूल्य: कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर—आलू ग्रामीण और शहरी दोनों आबादी के लिए ऊर्जा और पोषण का अच्छा स्रोत है।<br>• अनुकूलता: मैदान, पहाड़, सिंचित या वर्षा आधारित—हर प्रकार की मिट्टी व जलवायु में अच्छी पैदावार।<br>• सरकारी एवं औद्योगिक समर्थन: सरकारी खरीद, निर्यात के अवसर और कोल्ड स्टोरेज व प्रोसेसिंग उद्योग के विकास से मूल्य स्थिरता मिलती है।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "आलू की खेती में अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स आपका समर्पित साथी है। हमारे विज्ञान-सिद्ध समाधान और विशेषज्ञ मार्गदर्शन आपको स्वस्थ पौधे, मजबूत उपज और उच्च गुणवत्ता के कंद दिलाने में मदद करते हैं—साथ ही खरपतवार, कीट और प्रमुख रोगों से फसल की रक्षा भी करते हैं। बीज उपचार से लेकर कटाई तक, हमारा संकल्प है कि आपकी आय और स्थिरता अधिकतम हो।",
        "resources_heading": "सफल आलू खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: स्थानीय जलवायु, बाजार पसंद और रोग प्रतिरोध के अनुसार जल्दी, मध्यम या देर से पकने वाली किस्में चुनें।<br>• बीज उपचार और रोपण: प्रमाणित, रोगमुक्त कंद लगाएं और जोरदार आरंभिक वृद्धि व रोग सुरक्षा के लिए उचित बीज उपचार अपनाएं।<br>• पोषक प्रबंधन: स्वस्थ पत्तियों और कंद के विकास के लिए संतुलित उर्वरक (NPK, सूक्ष्म पोषक तत्व) और जैविक खाद डालें।<br>• सिंचाई और फसल देखभाल: समय पर सिंचाई और कृषि कार्य अपनाएं ताकि जल तनाव न हो और कंद का आकार व गुणवत्ता बेहतर बने।<br>• खरपतवार, कीट एवं रोग नियंत्रण: प्रभावी खरपतवार नियंत्रण और प्रमुख कीट-रोगों से हानि रोकने के लिए अन्नपूर्णा के व्यापक फसल सुरक्षा उत्पादों पर भरोसा करें।<br>• कटाई, भंडारण एवं विपणन: खुदाई, इलाज, भंडारण और परिवहन की सर्वोत्तम तकनीकें अपनाएं ताकि उप-फसल हानि कम हो और बाजार गुणवत्ता बनी रहे।",
        "partner_heading": "आलू खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "चाहे आप ताजे बाजार, चिप्स या प्रोसेसिंग के लिए आलू उगाएं—अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स हर स्तर के लिए विशेष समाधान देता है। हमारा संकल्प: हर किसान के लिए स्वस्थ पौधे, अधिक उपज, साफ कंद और ज्यादा मुनाफा।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
        }
    },
    "chilli": {
        "breadcrumb_title": "मिर्च: भारत का स्वाद और तीखापन",
        "home": "होम",
        "project_details": "मिर्च विवरण",
        "heading": "मिर्च: भारत का स्वाद और तीखापन",
        "intro": "मिर्च (कैप्सिकम एन्नुअम), जिसे आमतौर पर लाल मिर्च कहा जाता है, भारतीय मसालों की जान है, जो देश के लगभग हर व्यंजन में रंग और तीखापन जोड़ती है। भारत मिर्च का विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है, और किसान इसे सिंचित व वर्षा आधारित दोनों क्षेत्रों में सफलतापूर्वक उगाते हैं। विविध जलवायु में अनुकूलता, बढ़ती मांग और अपार निर्यात क्षमता के कारण मिर्च छोटे किसानों से लेकर बड़े व्यवसायिक उत्पादकों तक की पसंदीदा फसल है।",
        "why_heading": "मिर्च की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• उच्च लाभ: हरी और सूखी मिर्च, पाउडर व ओलियोरेसिन की घरेलू व निर्यात मांग के कारण अच्छा मुनाफा देती है।<br>• मूल्य संवर्धन और निर्यात: प्रोसेसिंग, सुखाने और निर्यात के अवसर आय को बढ़ाते हैं और बाजार जोखिम कम करते हैं।<br>• पोषण व औषधीय गुण: विटामिन ए, सी, कैप्सैसिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर—स्वास्थ्य और स्वाद के लिए महत्वपूर्ण।<br>• बहु-फसली अनुकूलता: कपास, मूंगफली, अनाज के साथ फसल चक्र में शामिल हो सकती है, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग होता है।<br>• सरकारी व औद्योगिक समर्थन: सब्सिडी, तकनीकी मार्गदर्शन और मजबूत बीज व विपणन व्यवस्था किसानों को सुरक्षा देती है।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स मिर्च उत्पादकों को विशेषज्ञ कृषि सलाह, विश्वस्तरीय फसल सुरक्षा और पोषण समाधान उपलब्ध कराती है। हमारा उद्देश्य: आपकी पैदावार बढ़ाना, कीट-रोगों से फसल की सुरक्षा और हर बार उच्च गुणवत्ता की उपज सुनिश्चित करना—चाहे घरेलू बाजार हो या निर्यात।",
        "resources_heading": "सफल मिर्च खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपनी मिट्टी और जलवायु के अनुसार अधिक उपज, रोगरोधी हाइब्रिड या स्थानीय किस्में चुनें।<br>• बुवाई व रोपाई: स्वस्थ पौध तैयार करने व जोरदार आरंभिक वृद्धि के लिए श्रेष्ठ बेड व नर्सरी प्रबंधन अपनाएं।<br>• पोषक प्रबंधन: संतुलित पोषक (सूक्ष्म पोषक सहित) डालें ताकि फूल, फल और रंग अच्छे विकसित हों।<br>• सिंचाई व खेत प्रबंधन: नियमित सिंचाई, ड्रिप या फरोक विधि व मल्चिंग अपनाएं ताकि पौधे स्वस्थ रहें।<br>• कीट व रोग नियंत्रण: प्रमुख चूसक, चबाने वाले कीटों और घातक फफूंद/बैक्टीरियल रोगों से बचाव के लिए अन्नपूर्णा के समन्वित समाधान अपनाएं।<br>• तुड़ाई व उप-फसल प्रबंधन: सही तुड़ाई, सुखाने और ग्रेडिंग विधियां अपनाएं ताकि गुणवत्ता और आय अधिक मिले।",
        "partner_heading": "मिर्च खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "रोपाई से बाजार तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स मिर्च किसानों के साथ है—विज्ञान-आधारित फसल देखभाल, क्षेत्र में सिद्ध उत्पाद और व्यावहारिक सलाह से आपको सर्वोत्तम दाम और स्थायी समृद्धि दिलाने में मदद करती है।",
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          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
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        "breadcrumb_title": "बैंगन: भारत की प्रिय सब्जी",
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        "project_details": "बैंगन विवरण",
        "heading": "बैंगन: भारत की प्रिय सब्जी",
        "intro": "बैंगन (सोलानम मेलोंजेना), जिसे एगप्लांट या भिंडी भी कहा जाता है, भारतीय कृषि और भोजन में एक खास स्थान रखता है। रसोई बगीचों से लेकर बड़े वाणिज्यिक खेतों तक, देशभर में बैंगन की खेती होती है, जिससे लाखों भारतीय परिवारों को निरंतर आय और पोषण मिलता है। विविध मिट्टी और जलवायु में बढ़ने की क्षमता, साल भर की मांग और मजबूत बाजार मूल्य के कारण बैंगन भारतीय किसानों के लिए भरोसेमंद फसल है।",
        "why_heading": "बैंगन की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• उच्च उपभोक्ता मांग: घरों, होटलों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में रसोई की प्रमुख सब्जी—सालभर मजबूत बाजार मांग सुनिश्चित करता है।<br>• विविधता एवं पोषण: बैंगन फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है—स्वास्थ्य और स्वाद दोनों को बढ़ाता है।<br>• अनुकूल और लाभकारी: मैदान और पहाड़ी, सिंचित और वर्षा आधारित क्षेत्रों में उगने की क्षमता, अधिक उपज वाली किस्में उपलब्ध।<br>• निरंतर तुड़ाई: अच्छी प्रबंधन से किसान विस्तारित सीजन में कई बार तुड़ाई कर सकते हैं और अधिक लाभ ले सकते हैं।<br>• सरकारी एवं औद्योगिक समर्थन: किसान हितैषी योजनाएं, बेहतर किस्में और विपणन सहयोग से सुरक्षा व लाभ बढ़ता है।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स बैंगन उत्पादकों को सिद्ध, विज्ञान-सम्मत फसल सुरक्षा और पोषण समाधान के साथ सशक्त बनाती है। हमारा उद्देश्य: हर स्तर पर खरपतवार, प्रमुख कीट और रोगों से फसल की रक्षा कर, स्वस्थ पौध, अधिक उपज और अच्छा लाभ दिलाना।",
        "resources_heading": "सफल बैंगन खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र और सीजन के अनुसार अधिक उपज, रोगरोधी हाइब्रिड या परंपरागत किस्में चुनें।<br>• नर्सरी व रोपाई: उचित नर्सरी देखभाल और समय पर, सावधानी से खेत में रोपाई कर मजबूत पौध तैयार करें।<br>• पोषक व जल प्रबंधन: संतुलित उर्वरक व सिंचाई कार्यक्रम अपनाएं ताकि फसल में अच्छी बढ़वार और एकसमान फल मिले।<br>• समन्वित कीट एवं रोग नियंत्रण: बैंगन के प्रमुख कीटों और रोगों से पूर्ण सुरक्षा के लिए अन्नपूर्णा के समाधान अपनाएं।<br>• तुड़ाई एवं विपणन: सावधानीपूर्वक, क्रमिक तुड़ाई और उप-फसल देखभाल से बाजार मूल्य और शेल्फ लाइफ अधिक पाएं।",
        "partner_heading": "बैंगन खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
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        "breadcrumb_title": "प्याज: भारत की आवश्यक बल्ब फसल",
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        "project_details": "प्याज विवरण",
        "heading": "प्याज: भारत की आवश्यक बल्ब फसल",
        "intro": "प्याज (एलियम सेपा) केवल रसोई की आम सामग्री नहीं, बल्कि भारत और दुनियाभर के व्यंजनों में एक महत्वपूर्ण घटक है। इसकी खेती पूरे वर्ष होती है, जिससे लाखों किसान परिवारों को नियमित आय और रोजगार मिलता है। स्थानीय बाजारों से लेकर वैश्विक निर्यात तक, प्याज भारतीय कृषि की सबसे मूल्यवान और संवेदनशील सब्जियों में से एक है।",
        "why_heading": "प्याज की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• सार्वभौमिक मांग: घर के खाने, फूड प्रोसेसिंग, होटलों और निर्यात के लिए आवश्यक—इससे सालभर मजबूत और स्थिर मांग रहती है।<br>• लाभ की संभावना: प्याज ताजे और सुखाए दोनों बाजारों में अच्छे दाम दिलाता है और ऑफ-सीजन भंडारण से अतिरिक्त आमदनी मिलती है।<br>• अनेक बोवाई विकल्प: रबी, खरीफ और लेट-खरीफ में बोया जा सकता है—फसल चक्र में लचीलापन और नियमित आमदनी देता है।<br>• पोषण मूल्य: विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर प्याज स्वाद के साथ स्वास्थ्य भी देता है।<br>• सरकारी एवं औद्योगिक समर्थन: खरीद, भंडारण और निर्यात योजनाएं किसान की आय और बाजार पहुंच को समर्थन देती हैं।",
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        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स प्याज उत्पादकों को फसल की विशेष चुनौतियों—खरपतवार प्रतिस्पर्धा, मृदा व पर्ण रोग, और कीटों से होने वाले नुकसान—से निपटने में मदद करता है। हमारे विज्ञान-सिद्ध समाधान और विशेषज्ञ मार्गदर्शन हर साल स्वस्थ बल्ब, मजबूत उपज और बेहतरीन बाजार गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं।",
        "resources_heading": "सफल प्याज खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र और सीजन के अनुसार अधिक उपज, भंडारण योग्य और रोगरोधी किस्में चुनें।<br>• नर्सरी व रोपाई: स्वस्थ पौध से शुरू करें और बल्ब के समान विकास के लिए उचित दूरी, सिंचाई व उर्वरक दें।<br>• पोषक व जल प्रबंधन: विशेषकर बल्ब बनने और विकास के समय संतुलित पोषक तत्व और समय पर सिंचाई करें।<br>• खरपतवार, कीट एवं रोग नियंत्रण: प्रभावी और टिकाऊ फसल सुरक्षा के लिए अन्नपूर्णा के समन्वित समाधान अपनाएं।<br>• कटाई व उप-फसल प्रबंधन: खुदाई, इलाज, भंडारण और परिवहन की सर्वोत्तम विधियां अपनाएं ताकि नुकसान कम हो और गुणवत्ता बनी रहे।",
        "partner_heading": "प्याज खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "बोवाई से भंडारण तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स प्याज किसानों के साथ है—सिद्ध फसल देखभाल उत्पाद, आधुनिक कृषि तकनीक और सतत सहयोग के साथ ताकि आप स्वस्थ, बिकाऊ बल्ब की कटाई कर सकें और अधिक मुनाफा पा सकें।",
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        "breadcrumb_title": "टमाटर: भारत की सब्जियों का बाजार नेता",
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        "project_details": "टमाटर विवरण",
        "heading": "टमाटर: भारत की सब्जियों का बाजार नेता",
        "intro": "टमाटर (सोलानम लाइकोपर्सिकम) भारत में सबसे अधिक उगाई और खाई जाने वाली सब्जियों में से एक है, जो रोजमर्रा के भोजन और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का केंद्र है। टमाटर ऊँची पहाड़ियों से लेकर नदी के मैदानों तक हर जगह फलता-फूलता है, और ताजे बाजार व प्रोसेसिंग दोनों से करोड़ों किसानों को स्थिर आय देता है। इसकी तेज वृद्धि, अधिक मुनाफा और अनुकूलता के कारण यह भारत की सब्जी उत्पादन का आधार है।",
        "why_heading": "टमाटर की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• उच्च मांग: हर रसोई की जरूरत, टमाटर घर के भोजन, रेस्तरां, प्रोसेस्ड फूड और सॉस में अनिवार्य है—सालभर मजबूत बाजार मांग सुनिश्चित करता है।<br>• लाभकारी: तेजी से बढ़ने और अधिक उत्पादन देने वाला, टमाटर कई फसल चक्रों और निरंतर नकदी प्रवाह की सुविधा देता है।<br>• अनुकूलता: खुले खेत, ग्रीनहाउस या संरक्षित खेती—हर तरह की जलवायु में उपयुक्त।<br>• मूल्य संवर्धन: प्रोसेस्ड फूड और केचप उद्योग के विस्तार से मांग और मूल्य स्थिरता मिलती है।<br>• सरकारी व औद्योगिक समर्थन: किसान प्रशिक्षण, उन्नत किस्में और बाजार पहुँच कार्यक्रमों से आय और निर्यात क्षमता बढ़ती है।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स टमाटर उत्पादकों की पैदावार और गुणवत्ता अधिकतम करने के लिए समर्पित है। हम विज्ञान-आधारित फसल सुरक्षा, रोग प्रबंधन और पोषण उत्पादों की पूरी श्रृंखला के साथ विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ताकि हर सीजन में पौधे स्वस्थ और उपज बेहतर हो।",
        "resources_heading": "सफल टमाटर खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र और लक्षित बाजार के अनुसार अधिक उपज, रोगरोधी हाइब्रिड या खुले परागन वाली किस्में चुनें।<br>• पौध व रोपाई: उचित नर्सरी व रोपाई तकनीक से मजबूत, रोगमुक्त पौध तैयार करें।<br>• पोषक प्रबंधन: मजबूत वृद्धि, फूल व फल विकास के लिए संतुलित और समय पर उर्वरक डालें।<br>• सिंचाई व फसल देखभाल: एकसमान नमी और अच्छे फल सेट के लिए ड्रिप या फरोक सिंचाई अपनाएं।<br>• कीट व रोग प्रबंधन: प्रमुख खतरों से सुरक्षा के लिए अन्नपूर्णा के एकीकृत कीट प्रबंधन व फसल देखभाल उत्पादों पर भरोसा करें।<br>• कटाई व उप-फसल प्रबंधन: उचित कटाई, ग्रेडिंग और पैकिंग अपनाएं ताकि हानि कम हो और अच्छा मूल्य मिले।",
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        "partner_content": "बीज से लेकर थाली तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स आपके टमाटर उत्पादन की लाभप्रदता और स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे समाधान ताजे बाजार और प्रोसेसिंग दोनों के टमाटर उत्पादकों के लिए सुरक्षा और मानसिक शांति देते हैं।",
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        "project_details": "चाय विवरण",
        "heading": "चाय: भारत की प्रतिष्ठित बागान फसल",
        "intro": "चाय (कैमेलिया साइनेंसिस) भारत में केवल पेय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विरासत और ग्रामीण आजीविका का मुख्य आधार है, खासकर पूर्वोत्तर, नीलगिरि और हिमालयी क्षेत्रों में। दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक और निर्यातकों में से एक होने के कारण, भारत के हरे-भरे चाय बागान आर्थिक और सामाजिक प्रगति के वाहक हैं—जो विविध भौगोलिक क्षेत्रों में लाखों श्रमिकों, परिवारों और छोटे किसानों को सहारा देते हैं।",
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        "why_content": "• वैश्विक मांग: भारत की चाय घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग में रहती है, जिससे अच्छी और स्थिर आमदनी मिलती है।<br>• रोजगार सृजन: चाय बागान ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में प्रमुख रोजगारदाता हैं, जो समुदायों को सालभर आय देते हैं।<br>• विविध मूल्य शृंखला: ग्रीन, ब्लैक, स्पेशलिटी टी व वैल्यू-एडेड, निर्यात उत्पादों से कई आय स्रोत उपलब्ध हैं।<br>• पर्यावरण-अनुकूल भूमि उपयोग: चाय पहाड़ी, आमतौर पर सीमांत भूमि पर उगाई जाती है, जिससे मृदा की रक्षा व स्थानीय जैव विविधता को समर्थन मिलता है।<br>• सरकारी व औद्योगिक समर्थन: समर्पित टी बोर्ड, अनुसंधान, सब्सिडी और निर्यात प्रोत्साहन स्थिरता व विकास के अवसर देते हैं।",
        "annapurna_heading": "उत्पादकों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स चाय बागानों व छोटे उत्पादकों के लिए भरोसेमंद, विज्ञान-आधारित फसल सुरक्षा और पोषण समाधान देता है। हमारे क्षेत्रीय परीक्षणित समाधान रोग, माइट व अन्य कीट नियंत्रण में सहायता करते हैं और पत्तियों के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं—जिससे उच्च उपज, प्रीमियम गुणवत्ता और टिकाऊ खेती संभव होती है।",
        "resources_heading": "सफल चाय खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र के लिए उपयुक्त, उच्च उपज वाली क्लोन व किस्में चुनें ताकि उपज, गुणवत्ता और रोग प्रतिरोध का संतुलन रहे।<br>• नर्सरी व बाग प्रबंधन: स्वस्थ वृद्धि व झाड़ी की दीर्घायु के लिए पौध तैयार करना, रोपण, छाया, छंटाई व मल्चिंग की श्रेष्ठ विधियाँ अपनाएं।<br>• पोषक प्रबंधन: पत्तियों की फ्लश और चाय गुणवत्ता अधिकतम करने के लिए संतुलित उर्वरक (NPK, सूक्ष्म पोषक, जैविक पदार्थ) डालें।<br>• समन्वित कीट व रोग प्रबंधन: प्रभावी फफूंद, माइट व कीट नियंत्रण के लिए अन्नपूर्णा के उन्नत समाधान अपनाएँ।<br>• तुड़ाई व उप-प्रसंस्करण: गुणवत्तायुक्त और अधिक लाभ के लिए कुशल तोड़ाई, पत्तियों की सावधानीपूर्वक हैंडलिंग और सही विदरिंग अपनाएं।",
        "partner_heading": "चाय खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "नर्सरी से प्रोसेसिंग तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स भारत के चाय उत्पादकों के साथ है—स्वस्थ झाड़ियाँ, प्रीमियम पत्तियाँ और प्रतिस्पर्धी बाजार में सफलता दिलाने में सहायता करता है।",
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        "breadcrumb_title": "अंगूर: भारत की प्रीमियम बागवानी फसल",
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        "project_details": "अंगूर विवरण",
        "heading": "अंगूर: भारत की प्रीमियम बागवानी फसल",
        "intro": "अंगूर (वाइटिस विनिफेरा) एक उच्च-मूल्य फल फसल है, जो भारत के तेजी से बढ़ते ताजे फल, किशमिश और वाइन उद्योग को शक्ति देती है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में मुख्य रूप से उगाए जाने वाले अंगूर प्रगतिशील किसानों को मजबूत आय और वैश्विक बाजार पहुंच दिलाते हैं। अनुकूलता, त्वरित लाभ और निर्यात अवसरों के कारण अंगूर आधुनिक, लाभकारी बागवानी का प्रतीक है।",
        "why_heading": "अंगूर की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• उच्च बाजार मूल्य: अंगूर ताजा और प्रोसेस्ड (किशमिश, जूस, वाइन) बाजारों में प्रीमियम दाम दिलाते हैं।<br>• निर्यात अवसर: भारत टेबल ग्रेप्स का प्रमुख निर्यातक है, जिससे आय के नए रास्ते खुलते हैं।<br>• त्वरित व नियमित लाभ: कम किशोरावस्था और स्थापित बेलों से हर साल तुड़ाई संभव।<br>• पोषण लाभ: अंगूर एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर हैं, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं को पसंद आते हैं।<br>• सरकारी एवं औद्योगिक समर्थन: सब्सिडी, तकनीकी सलाह और निर्यात प्रोत्साहन किसान की आय को सुरक्षित करते हैं।",
        "annapurna_heading": "उत्पादकों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स अंगूर उत्पादकों को उन्नत फसल सुरक्षा, रोग प्रबंधन और श्रेष्ठ कृषि अभ्यास के साथ समर्थन करता है। हमारे नवाचारी उत्पाद आपको बेल के कीट-रोग नियंत्रण, उच्च उत्पादन और बाजार पसंद, रेसिड्यू-सेफ फल देने में मदद करते हैं।",
        "resources_heading": "सफल अंगूर खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र के लिए निर्यात-प्राथमिक, रोगरोधी किस्में चुनें (जैसे थॉम्पसन सीडलैस, सोनाका, बैंगलोर ब्लू)।<br>• कैनोपी व पोषक प्रबंधन: बेहतर गुच्छा निर्माण और बेरी गुणवत्ता के लिए उचित छंटाई, ट्रेलिसिंग और संतुलित पोषण अपनाएं।<br>• सिंचाई व फसल देखभाल: एकसमान बेरी विकास और फटना/रोग कम करने के लिए ड्रिप या नियंत्रित सिंचाई अपनाएं।<br>• समन्वित कीट व रोग प्रबंधन: प्रमुख अंगूर कीट-रोगों से सुरक्षा के लिए अन्नपूर्णा पोर्टफोलियो पर भरोसा करें।<br>• तुड़ाई व विपणन: उच्च गुणवत्ता, रेसिड्यू-कम्प्लायंट फल के लिए सावधानीपूर्वक तुड़ाई और कोल्ड चेन प्रबंधन अपनाएं।",
        "partner_heading": "अंगूर खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "वाइनयार्ड से बाजार तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स विज्ञान-सिद्ध उत्पाद, क्षेत्रीय सलाह और भरोसेमंद सहयोग के साथ—बेहतर उत्पादन, गुणवत्ता और मुनाफा पाने में आपका साथी है।",
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        "breadcrumb_title": "कुकुर्बिट्स: भारत का महत्वपूर्ण सब्जी समूह",
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        "project_details": "कुकुर्बिट्स विवरण",
        "heading": "कुकुर्बिट्स: भारत का महत्वपूर्ण सब्जी समूह",
        "intro": "(खीरा, करेला, लौकी, कद्दू, तरबूज, तुरई आदि)<br><br>पोषण को बढ़ावा—खेत से थाली तक<br>कुकुर्बिट्स भारतीय गर्मी और वर्षा ऋतु की सब्जी उत्पादन की रीढ़ हैं, जो देशभर के किचन गार्डन, खेतों और बाजारों को भरते हैं। इनकी अनुकूलता, पौष्टिकता और उच्च उपज किसानों की आय, उपभोक्ता स्वास्थ्य और सालभर की आपूर्ति श्रृंखला के लिए आवश्यक है। सलाद से लेकर पकवान और मिठाइयों तक, कुकुर्बिट्स हर भारतीय थाली में पहुंचते हैं।",
        "why_heading": "कुकुर्बिट्स की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• उच्च उपज व तेज़ वृद्धि: अधिकांश कुकुर्बिट्स जल्दी पकती हैं और भारी, नियमित तुड़ाई देती हैं।<br>• बाज़ार मांग: ताजे, प्रोसेस्ड और वैल्यू-एडेड फूड के लिए आवश्यक—किसानों को सालभर आमदनी सुनिश्चित करती हैं।<br>• पोषण: पानी, फाइबर, विटामिन (A, C, K) व खनिजों से भरपूर—हाइड्रेशन व स्वास्थ्य के लिए लाभकारी।<br>• विविध विकल्प: खीरा, करेला, लौकी, कद्दू, तरबूज, खरबूजा, तुरई, गिलकी आदि।<br>• सहनशील व अनुकूल: विभिन्न जलवायु व मिट्टी में अच्छी पैदावार—हर क्षेत्र के लिए हाइब्रिड उपलब्ध।<br>• सरकारी समर्थन: तकनीकी प्रशिक्षण, बेहतर बीज और बाज़ार पहुंच किसानों की आय सुरक्षित रखते हैं।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स कुकुर्बिट उत्पादकों के साथ हर फसल खतरे से निपटने में भागीदार है—खरपतवार, चूसक कीट, फल छेदक, डाउनी व पाउडरी मिल्ड्यू और मृदा जनित रोग। हमारे विज्ञान-सिद्ध उत्पाद और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से फसल स्वस्थ, उपज अधिक और लाभ बढ़ता है।",
        "resources_heading": "सफल कुकुर्बिट्स खेती के लिए जरूरी संसाधन",
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        "partner_content": "पहली बुवाई से अंतिम तुड़ाई तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स मज़बूत, क्षेत्र में परखी फसल सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहयोग देता है—हर कुकुर्बिट फसल से बेहतर लाभ दिलाने में मदद करता है।",
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        "breadcrumb_title": "बासमती चावल: भारत की सुगंधित धरोहर",
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        "heading": "बासमती चावल: भारत की सुगंधित धरोहर",
        "intro": "बासमती चावल भारत का विश्वप्रसिद्ध, खुशबूदार लंबा दाना चावल है, जो अपने उत्कृष्ट स्वाद, मुलायम बनावट और मूल्यवान निर्यात के लिए जाना जाता है। मुख्य रूप से उत्तर भारत के हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के हिस्सों में उगाया जाने वाला बासमती ग्रामीण समृद्धि का आधार है और भारत को वैश्विक चावल व्यापार का केंद्र बनाता है। इसकी सावधानीपूर्वक खेती—किस्म चयन से कटाई तक—परंपराओं, समुदायों और आर्थिक विकास को सहेजती है।",
        "why_heading": "बासमती चावल की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• वैश्विक मांग व प्रीमियम दाम: भारत विश्व के 70% से अधिक बासमती चावल की आपूर्ति करता है, जिससे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के लिए ऊँचा मूल्य मिलता है।<br>• निर्यात अवसर: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पसंदीदा—बासमती महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा और किसान आय लाता है।<br>• विशिष्ट सुगंध व दाना गुणवत्ता: बासमती की खास खुशबू, पतले दाने और पकने पर लंबाई बढ़ने से इसकी मांग हमेशा बनी रहती है।<br>• सरकारी व औद्योगिक समर्थन: मूल्य प्रोत्साहन, निर्यात नीतियाँ और अनुसंधान आधारित किस्में किसान सफलता को सुरक्षित करती हैं।<br>• टिकाऊ खेती: अच्छी विधियों से बासमती फसल चक्र में फिट होती है और मृदा स्वास्थ्य को भी बनाए रखती है।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स बासमती किसानों को खरपतवार, प्रमुख कीट और रोगों से बचाने के लिए सर्वोत्तम समाधान और व्यक्तिगत फील्ड सपोर्ट प्रदान करता है। हमारे विज्ञान-सिद्ध उत्पाद व मार्गदर्शन से आप निर्यात गुणवत्ता, साफ अनाज और अधिक मुनाफा हासिल करें—और बासमती की असली पहचान बनाए रखें।",
        "resources_heading": "सफल बासमती चावल खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र और निर्यात बाजार के अनुसार अनुशंसित, रोगरोधी बासमती किस्में चुनें।<br>• नर्सरी व रोपाई: स्वस्थ पौध, उचित दूरी और जल प्रबंधन से मजबूत फसल स्थापना करें।<br>• पोषक प्रबंधन: मजबूत टिलरिंग, पैनिकल विकास और दाने भराव के लिए संतुलित उर्वरक डालें।<br>• एकीकृत खरपतवार, कीट व रोग नियंत्रण: कोमल बासमती फसल की सुरक्षा के लिए अन्नपूर्णा के अनुशंसित उत्पादों पर भरोसा करें।<br>• कटाई व उप-फसल प्रबंधन: सर्वोत्तम हेड राइस, सुगंध और मूल्य के लिए समय पर कटाई और सावधानीपूर्वक हैंडलिंग अपनाएँ।",
        "partner_heading": "बासमती चावल खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "नर्सरी से निर्यात तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स अनुकूलित फसल समाधान, कृषि विशेषज्ञता और निरंतर सहयोग देता है—ताकि आप भारत का सबसे पसंदीदा चावल दुनियाभर के उत्कृष्ट बाजारों तक पहुँचा सकें।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
        }
    },
    "maize": {
        "breadcrumb_title": "मक्का (कॉर्न): भारत की बहुउपयोगी सुनहरी फसल",
        "home": "होम",
        "project_details": "मक्का विवरण",
        "heading": "मक्का (कॉर्न): भारत की बहुउपयोगी सुनहरी फसल",
        "intro": "मक्का (जिया मेयस), जिसे कॉर्न भी कहते हैं, भारत की सबसे अनुकूल और विविध अनाज फसल है। भोजन और पशु चारे से लेकर स्टार्च और बायोफ्यूल तक, मक्का ग्रामीण समृद्धि और आधुनिक उद्योगों को शक्ति देता है। इसकी उच्च उपज, कम अवधि और विभिन्न मिट्टी व जलवायु में सफलता के कारण मक्का छोटे और बड़े किसानों की पहली पसंद है।",
        "why_heading": "मक्का की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• सार्वभौमिक मांग: भोजन, पशु चारा, प्रोसेस्ड फूड, स्टार्च, इथेनॉल आदि के लिए आवश्यक—मजबूत बाजार सालभर बना रहता है।<br>• उच्च उपज व तेज़ वृद्धि: कम अवधि में अधिक उपज—हाइब्रिड और उन्नत किस्मों से प्रति एकड़ बेहतरीन लाभ।<br>• अनुकूलता: लगभग सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों—खरीफ, रबी, वसंत—में कम जोखिम के साथ अच्छी उपज देता है।<br>• पोषण मूल्य: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर, मक्का मानव आहार और पशु पोषण दोनों में सहायक है।<br>• सरकारी व औद्योगिक समर्थन: एमएसपी, सरकारी खरीद और उद्योग संपर्क से मूल्य स्थिरता व नए बाज़ार मिलते हैं।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स मक्का उत्पादकों को प्रमुख नुकसानदायक कारकों—खरपतवार, तना व शूट बोरर, फॉल आर्मीवर्म, पत्तियों के रोग और जड़ के कीट—से निपटने में सहायता करता है। हमारे परखे हुए उत्पाद और विशेषज्ञ मार्गदर्शन बीज से कटाई तक मजबूत फसल, स्वस्थ पौधे और अधिक मुनाफा सुनिश्चित करते हैं।",
        "resources_heading": "सफल मक्का खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र और सीजन के अनुसार अधिक उपज, रोग व कीट प्रतिरोधी हाइब्रिड या स्थानीय किस्में चुनें।<br>• बीज उपचार व बुवाई: प्रमाणित बीज, बीज उपचार और सही बोवाई तकनीक अपनाएं ताकि फसल मजबूत हो।<br>• पोषक व जल प्रबंधन: विशेषकर घुटने ऊँचाई और टेसलिंग चरण में समय पर सिंचाई व उर्वरक डालें ताकि उपज अधिक हो।<br>• समन्वित खरपतवार, कीट व रोग नियंत्रण: स्वस्थ, सशक्त पौधों के लिए अन्नपूर्णा के अनुशंसित फसल सुरक्षा समाधान अपनाएं।<br>• कटाई व भंडारण: अधिक रिकवरी, सुरक्षित भंडारण और बेहतर बाजार दाम के लिए सही समय पर कटाई और सुखाई करें।",
        "partner_heading": "मक्का खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "बोवाई से बिक्री तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स भारत के मक्का उत्पादकों को नवीन फसल सुरक्षा, तकनीकी मार्गदर्शन और सतत सहयोग के साथ—टिकाऊ और लाभकारी फसल सुनिश्चित करता है।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
        }
    },

    "okra": {
        "breadcrumb_title": "भिंडी: भारत का हरा सोना",
        "home": "होम",
        "project_details": "भिंडी विवरण",
        "heading": "भिंडी: भारत का हरा सोना",
        "intro": "भिंडी (एबेलमोसकस एस्कुलेंटस), जिसे लेडीफिंगर भी कहा जाता है, भारत की एक प्रमुख सब्जी फसल है—जो अपने स्वाद, पोषण और लगातार आय के लिए प्रसिद्ध है। ग्रामीण बगानों से बड़े खेतों तक, भिंडी हर मौसम में सफलता से उगाई जाती है, जिससे पारिवारिक पोषण और ग्रामीण आय को बल मिलता है। इसकी कम अवधि, बार-बार तुड़ाई और सहनशीलता के कारण यह भारतीय किसानों की पसंदीदा फसल है।",
        "why_heading": "भिंडी की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• सालभर मांग: भिंडी भारतीय रसोई, प्रोसेस्ड फूड और निर्यात बाजार में जरूरी है—जिससे दाम स्थिर रहते हैं।<br>• तेज़ वृद्धि और कई तुड़ाई: भिंडी जल्दी पकती है, जिससे सीजन में बार-बार तुड़ाई और निरंतर नकद आय मिलती है।<br>• पोषण मूल्य: विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर—हर उम्र के लिए स्वास्थ्यवर्धक।<br>• अनुकूलता: हर प्रकार की मिट्टी और जलवायु में अच्छी उपज—हर क्षेत्र के लिए अधिक उपज वाली किस्में उपलब्ध।<br>• बाजार लचीलापन: ताजा, प्रोसेस्ड और वैल्यू-एडेड उत्पादों के लिए उपयुक्त—किसानों की लाभप्रदता बढ़ाता है।<br>• सरकारी समर्थन: सतत तकनीकी मार्गदर्शन, बेहतर बीज और विपणन लिंक किसान की आय को सुरक्षित रखते हैं।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स भिंडी किसानों को फसल की प्रमुख चुनौतियों—चूसक कीट, फल छेदक, पत्तियों के रोग और खरपतवार—से निपटने में मदद करता है। हमारे विज्ञान-सम्मत समाधान और क्षेत्रीय विशेषज्ञता हर सीजन में उच्च उपज, श्रेष्ठ गुणवत्ता और सतत लाभ में मदद करते हैं।",
        "resources_heading": "सफल भिंडी खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र और बाजार की मांग के अनुसार रोग सहनशील, अधिक उपज वाली किस्में या हाइब्रिड चुनें।<br>• बुवाई और फसल स्थापना: अच्छी अंकुरण के लिए गुणवत्ता बीज, उचित दूरी और सही मिट्टी तैयारी अपनाएं।<br>• पोषक प्रबंधन: मजबूत विकास और अधिक फल सेट के लिए संतुलित उर्वरक, सूक्ष्म पोषक सहित, डालें।<br>• समन्वित कीट व रोग प्रबंधन: मुख्य चूसक कीट, फल छेदक और पत्तियों के रोगों से सुरक्षा के लिए अन्नपूर्णा के लक्षित समाधान अपनाएं।<br>• तुड़ाई और विपणन: सही अवस्था पर कोमल फल तोड़ें, गुणवत्ता व बाजार मूल्य के लिए उप-फसल प्रबंधन अपनाएं।",
        "partner_heading": "भिंडी खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "बुवाई से अंतिम तुड़ाई तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स आपकी भिंडी फसल की सफलता के लिए समर्पित है—भरोसेमंद फसल सुरक्षा, कृषि मार्गदर्शन और सतत क्षेत्रीय सहयोग के साथ सर्वोत्तम उपज और मुनाफा दिलाता है।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
        }
    },
    "brassica": {
        "breadcrumb_title": "पत्ता गोभी एवं फूलगोभी: भारत की शीतकालीन मुख्य सब्जियाँ",
        "home": "होम",
        "project_details": "पत्ता गोभी एवं फूलगोभी विवरण",
        "heading": "पत्ता गोभी एवं फूलगोभी: भारत की शीतकालीन मुख्य सब्जियाँ",
        "intro": "पत्ता गोभी (ब्रैसिका ओलेरेसिया वैर. कैपिटाटा) और फूलगोभी (ब्रैसिका ओलेरेसिया वैर. बॉट्राइटिस) भारतीय कृषि की प्रमुख शीतकालीन सब्जियाँ हैं। ये देशभर में उगाई जाती हैं, ग्रामीण आय, बाज़ार आपूर्ति शृंखला और घरेलू पोषण को मज़बूती देती हैं। कम अवधि, भारी उपज और ताजा व प्रोसेसिंग दोनों के लिए लगातार मांग के कारण ये रसोई बगीचों से लेकर व्यवसायिक खेतों तक महत्वपूर्ण हैं।",
        "why_heading": "पत्ता गोभी एवं फूलगोभी की खेती क्यों चुनें?",
        "why_content": "• उच्च मांग: रोज़मर्रा के भारतीय भोजन, फूड प्रोसेसिंग, होटलों और निर्यात में अनिवार्य—मज़बूत बाजार खिंचाव सुनिश्चित करती हैं।<br>• लाभकारी: भारी उपज और अच्छे दाम से ये फसलें जल्दी रोटेशन और भूमि का बेहतर उपयोग संभव बनाती हैं।<br>• अनुकूलता: विविध मृदा और जलवायु में उपयुक्त, विशेषकर रबी (सर्दी) में, अब नई हाइब्रिड से ऑफ-सीजन में भी संभव।<br>• पोषण शक्ति: फाइबर, विटामिन C, K, फोलेट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर—सेहत व इम्युनिटी के लिए बेहतरीन।<br>• सरकारी एवं औद्योगिक समर्थन: प्रशिक्षण, बेहतर बीज व खरीद प्रयास किसान की सुरक्षा और मुनाफा बढ़ाते हैं।",
        "annapurna_heading": "किसानों का सशक्तिकरण—अन्नपूर्णा एडवांटेज",
        "annapurna_content": "अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स पत्ता गोभी व फूलगोभी उत्पादकों के साथ उनके सबसे बड़े दुश्मनों—प्रमुख कीट, पत्तियों के रोग और खरपतवार—से लड़ने में भागीदार है। हमारा सिद्ध उत्पाद पोर्टफोलियो और कृषि विशेषज्ञता आपको बेहतर गुणवत्ता व अधिक लाभ के साथ बाज़ार योग्य सिर व कर्ड तैयार करने में मदद करते हैं।",
        "resources_heading": "सफल पत्ता गोभी एवं फूलगोभी खेती के लिए जरूरी संसाधन",
        "resources_content": "• किस्म चयन: अपने क्षेत्र, बाजार और सीजन के अनुसार रोग सहनशील, अधिक उपज वाली हाइब्रिड चुनें।<br>• नर्सरी व रोपाई: उचित नर्सरी देखभाल और रोपाई तकनीक से स्वस्थ पौध तैयार करें।<br>• पोषक प्रबंधन: स्वस्थ पत्ते, तेज सिर/कर्ड बनावट और अच्छा भंडारण के लिए संतुलित NPK व सूक्ष्म पोषक डालें।<br>• कीट व रोग नियंत्रण: हर चरण में मज़बूत सुरक्षा के लिए अन्नपूर्णा के एकीकृत समाधान अपनाएँ।<br>• तुड़ाई व विपणन: सर्वोत्तम गुणवत्ता के लिए सही समय पर तुड़ाई और उप-फसल प्रबंधन अपनाएँ, नुकसान कम करें।",
        "partner_heading": "ब्रैसिका खेती में आपका विश्वसनीय साथी",
        "partner_content": "नर्सरी से बाज़ार तक, अन्नपूर्णा एग्रो केमिकल्स नवाचार आधारित फसल सुरक्षा, टिकाऊ क्षेत्रीय अभ्यास और व्यावहारिक सहयोग के साथ आपको मज़बूत व लाभकारी पत्ता गोभी व फूलगोभी फसल में सहायता करती है।",
        "table": {
          "issue": "समस्या / लक्ष्य",
          "solution": "अनुशंसित उत्पाद समाधान"
        }
    },
      
    "products": {
        "breadcrumb_title": "उत्पाद",
        "home": "होम",
        "shop": "दुकान",

        "tag_biostimulant": "बायो-स्टीमुलेंट",
        "tag_fungicide": "फफूंदनाशी",
        "tag_mancozeb": "मैंकोजेब 75% डब्ल्यूपी",
        "tag_soilapp": "मिट्टी में प्रयोग",
        "tag_insecticide": "कीटनाशी",
        "tag_emamectin": "इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी",
        "tag_herbicide": "खरपतवारनाशी",
        "tag_atrazine": "एट्राज़ीन 50% डब्ल्यूपी",
        "tag_chlorpyriphos": "क्लोरपाइरीफॉस 10% जीआर",
        "tag_chlorpyriphos_ec": "क्लोरपाइरीफॉस 20% ईसी",
        "tag_fenvalerate": "फेनवेलरेट 0.4% डीपी",
        "tag_chlorpyriphos15": "क्लोरपाइरीफॉस 1.5% डीपी",
        "tag_fipronil": "फिप्रोनिल 40% + इमिडाक्लोप्रिड 40% डब्ल्यूजी",
        "tag_paraquat": "पैरा-क्वाट डाइक्लोराइड 24% एसएल",
        "tag_24d": "2,4-डी अमीन सॉल्ट 58% एसएल",
        "tag_pretilachlor": "प्रीटिलाक्लोर 50% ईसी",
        "tag_glyphosate": "ग्लाइफोसेट 41% एसएल",
        "tag_pendimethalin": "पेंडीमेथालिन 30% ईसी",
        "tag_ammoniumglyphosate": "अमोनियम सॉल्ट ऑफ ग्लाइफोसेट 71% एसजी",
        "tag_mesotrione": "मेसोट्रायोन 2.27% + एट्राजीन 2.27%",
        "tag_tembotrione": "टेम्बोट्रायोन 34.4% एससी + सर्फैक्टेंट",
        "tag_pyrazosulfuron": "पायराजोसल्फ्यूरॉन एथाइल 10% डब्ल्यूपी",
        "tag_thiophanate": "थायोफेनेट मिथाइल 70% डब्ल्यूपी",
        "tag_metalaxyl": "मेटालेक्सिल 8% + मैंकोजेब 64% डब्ल्यूपी",
        "tag_hexaconazole": "हेक्साकोनाजोल 5% एससी",
        "tag_carbendazim_mancozeb": "कार्बेन्डाजिम 12% + मैंकोजेब 63% डब्ल्यूपी",
        "tag_sulphur": "सल्फर 85% डीपी / सल्फर 80% डब्ल्यूपीडीजी",
        "tag_carbendazim": "कार्बेन्डाजिम 50% डब्ल्यूपी",
        "tag_emamectin_5sg": "इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी",
        "tag_cypermethrin25": "साइपरमेथ्रिन 25% ईसी",
        "tag_cypermethrin10": "साइपरमेथ्रिन 10% ईसी",
        "tag_carbofuran": "कार्बोफ्यूरान 3% सीजी",
        "tag_emamectin_1.9ec": "इमामेक्टिन बेंजोएट 1.9% ईसी",
        "tag_profenofos": "प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% ईसी",
        "tag_imidacloprid": "इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एसएल",
        "tag_thiamethoxam_fs": "थायमेथोक्साम 30% एफएस",
        "tag_chlorantraniliprole": "क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 18.5% एससी",
        "tag_thiamethoxam_wg": "थायमेथोक्साम 25% डब्ल्यूपी",
        "tag_cartap": "कार्टैप हाइड्रोक्लोराइड 4% जीआर",
        "tag_chlorantraniliprole_gr": "क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 0.4% जीआर",
        "tag_killer_gr": "थायामेथोक्सम 1.0% + क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 0.5% जीआर",
        "tag_fipronil_gr": "फिप्रोनिल 0.3% जीआर",
        "tag_plantgrowth": "पौध वृद्धि नियंत्रक",
        "tag_biological": "जैविक उत्पाद",
        "tag_mycore": "माइकोर (बायो-स्टीमुलेंट/मिट्टी स्वास्थ्य)",
        "tag_biofertiliser": "बायो-फर्टिलाइज़र",
        "tag_efficacyenhancer": "एफिकेसी एन्हांसर",
        "tag_pyrazosulfuron_wdg": "पाइराजोसुल्फ्यूरॉन-एथिल 70% WDG",
        "tag_pretilachlor_ew": "प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% ईसी",
        "tag_tembotrione_sc": "टेम्बोट्रायोन 34.4% SC + सर्फैक्टेंट",
        "tag_azoxystrobin_thifluzamide": "एजॉक्सीस्ट्रोबिन 20% + थिफ्लुज़ामाइड 15% SC",
        "tag_copper_oxychloride": "कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% WP",
        "tag_cymoxanil_mancozeb": "साइमोक्सानिल 8% + मैंकोजेब 64% WP",
        "tag_hexaconazole_sc": "हेक्साकोनाज़ोल 5% SC",
        "tag_bifenthrin": "बिफेंथ्रिन 10% EC",
        "tag_acetamiprid_indoxacarb": "एसिटामिप्रिड + इंडॉक्साकार्ब",
        "tag_acetamiprid_indoxacarb_sc": "एसिटामिप्रिड 7.7% SC + इंडॉक्साकार्ब 14.5% SC",
        "tag_indoxacarb_acetamiprid_sc": "इंडॉक्साकार्ब 14.5% + एसिटामिप्रिड 7.7% SC",
        "tag_spinetoram": "स्पिनेटोराम 11.7% SC",
        "tag_spinosad_sc": "स्पिनोसैड 45% SC",
        "tag_thiamethoxam_lambda_cyhalothrin": "थायमेथोक्साम 12.6% + लैम्ब्डा-सायहैलोथ्रिन 9.5% ZC",
        "tag_seaweed_extract": "सीवीड एक्सट्रैक्ट आधारित बायो-स्टिमुलेंट",
        "tag_organic_product": "जैविक/बायोलॉजिकल उत्पाद",
        "tag_spreading_agent": "स्प्रेडिंग एजेंट / कार्यकुशलता वर्धक",
        "tag_nitrobenzene_granular": "नाइट्रोबेंजीन (ग्रेन्युलर फार्मुलेशन)",
        "tag_pendimethalin_cs": "पेंडीमेथालिन 38.7% CS",
        "tag_fipronil_gr3": "फिप्रोनिल 0.6% जीआर",
        "tag_imidacloprid_wg": "इमिडाक्लोप्रिड 70% डब्ल्यूजी",
        "tag_pgr": "पौध वृद्धि प्रवर्तक",
        "tag_nitrobenzene_ew": "नाइट्रोबेंज़ीन 20% ईडब्ल्यू",
        "tag_pymetrozine_wp": "पायमेट्रोज़ीन 50% डब्ल्यूपी",
        "tag_chlorpyrifos_cypermethrin_ec": "क्लोरपायरिफॉस 50% + साइपरमेथ्रिन 5% ईसी",

        "title_agnibaan": "अग्नि बाण",
        "title_doublepower": "डबल पावर 50%",
        "title_paramount": "पैरामाउंट",
        "title_shield": "शील्ड 58% एस.एल.",
        "title_ripit": "रिपिट",
        "title_glyphocel": "ग्लाइफोसेल",
        "title_pandino": "पंडिनो",
        "title_parshuram71": "पार्शुराम-71",
        "title_toofanex": "तूफानेक्स",
        "title_ladder": "लैडर",
        "title_saarthi": "सारथी",
        "title_m45": "अन्नपूर्णा M-45",
        "title_stopper": "स्टॉपर",
        "title_hotmil": "हॉटमिल",
        "title_hexa5": "हेक्सा 5+",
        "title_safeexpress": "सेफ एक्सप्रेस",
        "title_sulphur": "सल्फर 85% डीपी / सल्फर 80% डब्ल्यूपीडीजी",
        "title_kavach": "कवच",
        "title_arjuna": "अर्जुन",
        "title_balwan": "बलवान",
        "title_fendust": "फेंडस्ट",
        "title_folidol": "फोलिडोल",
        "title_frontier": "फ्रन्टियर",
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        "title_furen3g": "फ्यूरन 3जी",
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        "title_vista": "विस्टा",
        "title_senapati": "सेनापति",
        "title_defence": "डिफेन्स",
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        "title_senapati_fs": "सेनापति 30% एफएस",
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        "title_karan": "करण",
        "title_dynamite": "डायनामाइट",
        "title_dragon": "ड्रैगन",
        "title_dada505": "दादा 505",
        "title_bullet": "बुलेट",
        "title_kridan": "क्री-दान",
        "title_koram": "कोरम",
        "title_sultan": "सुलतान",
        "title_maxto": "मेक्सटो",
        "title_magic": "अन्नपूर्णा मैजिक",
        "title_mycore": "माइकोर",
        "title_swathi": "स्वाथी",
        "title_perfect": "परफेक्ट सुपर",
        "title_laddu": "लड्डू",
        "title_azoxy_thif": "लैक्समोर",
        "title_copper": "ब्लू टॉक्स",
        "title_cyno_manco": "साइमोज़ेब अल्ट्रा",
        "title_hero": "हीरो",
        "title_ace_bifen": "वज्र",
        "title_aceta_indoxa": "असेटा इंडॉक्सा",
        "title_aceta77_indoxa145": "चेतक",
        "title_indox_aceta": "इंडॉक्स असेटा",
        "title_fipronil": "फिप्रोनिल",
        "title_imidacloprid": "इमिडाक्लोप्रिड",
        "title_spinetoram": "प्रबल-शक्ति",
        "title_stamina": "स्टैमिना",
        "title_thia_lambda": "लेज़ेन्ट्ट्रा",
        "title_vegimax": "वेगीमैक्स",
        "title_eco": "ईको",
        "title_ganga": "गंगा",
        "title_max_power": "मैक्स पावर",
        "title_max_power_gr": "मैक्स पावर जीआर",
        "title_pandu": "पांडु",
        "title_falconultra": "फाल्कन अल्ट्रा",
        "title_inspector": "इंस्पेक्टर ",
        "title_maxflower": "मैक्स फ्लावर",
        "title_mukti20": "मुक्ति-20",
        "title_parakram50": "पराक्रम-50"

    },
    "agni": {
        "breadcrumb_title": "अग्नि बाण",
        "home": "होम",
        "title": "अग्नि बाण",
        "desc_tab": "विवरण",
        "desc": "अग्नि बाण (बिस्पाइरिबैक सोडियम 10% एससी) एक चुनिंदा, प्रणालीगत पोस्ट-इमरजेंस शाकनाशी है, जो धान (चावल) के खेतों में प्रभावी तरीके से खरपतवार नियंत्रण के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह ALS-इनहिबिटर समूह से संबंधित है और घास, चौड़ी पत्ती व साइज जैसे कई प्रकार के खरपतवारों पर नियंत्रण करता है। अग्नि बाण, धान की फसल की स्वस्थ और मजबूत वृद्धि के लिए खरपतवार प्रतिस्पर्धा को समाप्त करता है।",
        "mode_tab": "कार्य विधि",
        "mode": "अग्नि बाण धान के खेतों में मुख्य खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण करता है, जैसे कि प्रमुख मोनोकोट - Echinochloa crusgalli, Echinochloa colonum, Leptochloa chinensis, साथ ही समस्याग्रस्त साइज़ और डाइकोट खरपतवार। यह खरपतवारों की पत्तियों द्वारा शीघ्र अवशोषित हो जाता है और पूरे पौधे में तेजी से स्थानांतरित होता है। यह ALS (एसीटोलैक्टेट सिंथेज) एंजाइम को अवरुद्ध करता है, जो खरपतवार की वृद्धि के लिए आवश्यक है। छिड़काव के बाद, उपचारित खरपतवार 5–8 दिनों में बढ़ना बंद कर देते हैं और पीले या मुरझाए दिखने लगते हैं। पूर्ण नियंत्रण आमतौर पर 10–15 दिनों में दिखता है। इसकी तेज अवशोषण क्षमता के कारण, छिड़काव के एक घंटे बाद भी बारिश प्रभाव को नहीं घटाती। अग्नि बाण लंबी अवधि तक चयनात्मक खरपतवार नियंत्रण सुनिश्चित करता है, जिससे धान की फसल बिना प्रतिस्पर्धा के विकसित होती है।",
        "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
        "table_crop": "फसल",
        "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
        "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
        "crop": "धान / चावल",
        "weeds": "<b>मोनोकोट:</b> Echinochloa crusgalli (बरनीयार्ड घास), Echinochloa colonum, Leptochloa chinensis<br><b>डाइकोट:</b> Eclipta alba, Ludwigia parviflora, Caesulia axillaris<br><b>साइज़:</b> Cyperus difformis, Fimbristylis miliacea",
        "dose": "100 मिली (250 मिली/हेक्टेयर) <br>120–200 लीटर पानी में<br><i>बुवाई के 10–20 दिन बाद,<br>खरपतवार 2–4 पत्तियों की अवस्था में छिड़काव करें</i>",
        "pack_tab": "पैक साइज",
        "pack": "100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर",
        "benefit_tab": "विशेषताएं एवं लाभ",
        "benefit": "• धान के खेतों में घास, साइज़ और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण।<br>• केवल धान के लिए चयनात्मक, अनुशंसित उपयोग में सुरक्षित।<br>• खरपतवारों में तेजी से अवशोषण व ट्रांसलोकेशन से भरोसेमंद परिणाम।<br>• छिड़काव के 1 घंटे बाद बारिश का कोई प्रभाव नहीं।<br>• 5–8 दिनों में खरपतवार में पीला और मुरझाने का लक्षण, 10–15 दिनों में पूर्ण नियंत्रण।<br>• फसल-खरपतवार प्रतिस्पर्धा कम, जिससे बेहतर पैदावार और गुणवत्ता।<br>• कम मात्रा, लागत प्रभावी व किसानों के लिए आसान।",
        "precaution_tab": "सावधानियां",
        "precaution": "• केवल धान (चावल) के खेतों में ही उपयोग करें। अन्य फसलों पर न करें।<br>• अगर बारिश की संभावना हो या खरपतवारों पर भारी ओस हो तो छिड़काव न करें।<br>• हमेशा अनुशंसित खुराक और लेबल निर्देशों का पालन करें।<br>• मिलाने व छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क व सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।<br>• अन्य फसलों या जल स्रोतों पर न जाए।<br>• उत्पाद व खाली कंटेनर बच्चों, जानवरों, भोजन या चारे से दूर रखें।<br>• खाली कंटेनर को पुनः उपयोग न करें, नियमानुसार सुरक्षित रूप से नष्ट करें।"
      },
      "m-45": {
        "breadcrumb_title": "अन्नपूर्णा एम-45",
        "home": "होम",
        "title": "अन्नपूर्णा एम-45",
        "desc_tab": "विवरण",
        "desc": "अन्नपूर्णा एम-45 (मैंकोज़ेब 75% डब्ल्यूपी) एक व्यापक स्पेक्ट्रम संपर्क फफूंदनाशी है, जिसका उपयोग सब्ज़ियाँ, दालें, फल और अनाज को प्रमुख फफूंदजन्य रोग जैसे झुलसा (ब्लाइट), सफेद फफूंदी (डाउनी मिल्ड्यू), पत्तों का धब्बा, एन्थ्रेक्नोज़ तथा रतुआ (रस्ट) से सुरक्षा हेतु बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह पौधों की सतह पर सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे फफूंद के बीजाणु अंकुरित नहीं हो पाते और फसलें स्वस्थ एवं शक्तिशाली बनी रहती हैं। यह उत्पाद भारत में कई फसलों पर उपयोग हेतु पंजीकृत एवं अनुमोदित है।",
        "mode_tab": "कार्य प्रणाली",
        "mode": "मैंकोज़ेब 75% डब्ल्यूपी संपर्क फफूंदनाशी के रूप में कार्य करता है, जो पत्तियों, तनों और फलों की सतह पर सुरक्षात्मक फिल्म बनाता है। इससे फफूंद के बीजाणुओं का अंकुरण और वृद्धि रुक जाती है और रोगजनकों का पौधों में प्रवेश नहीं हो पाता। निवारक तौर पर या शुरुआती लक्षणों पर प्रयोग करने पर यह विभिन्न फफूंदजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण देता है और फसल को स्वस्थ रखता है।",
        "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
        "table_crop": "फसल",
        "table_weeds": "लक्षित रोग",
        "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
        "crop1": "टमाटर, आलू",
        "weeds1": "अर्ली/लेट झुलसा",
        "dose1": "0.5–0.8 कि.ग्रा",
        "crop2": "प्याज़, अंगूर",
        "weeds2": "सफेद फफूंदी (डाउनी मिल्ड्यू)",
        "dose2": "0.5–0.8 कि.ग्रा",
        "crop3": "मिर्च, मूंगफली",
        "weeds3": "पत्तियों का धब्बा, एन्थ्रेक्नोज़",
        "dose3": "0.5–0.6 कि.ग्रा",
        "crop4": "गेहूं, चना",
        "weeds4": "रतुआ",
        "dose4": "0.5–0.6 कि.ग्रा",
        "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–240 लीटर पानी प्रति एकड़<br>पुनरावृत्ति: आवश्यकता अनुसार, विशेष रूप से रोग के अधिक दबाव में 10–12 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें।",
        "pack_tab": "पैक साइज",
        "pack": "100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम, 1 किलोग्राम",
        "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
        "benefit": "• अनेक फसलों में फफूंदजन्य रोगों से व्यापक सुरक्षा<br>• संपर्क अवरोधक परत बनाता है, जिससे फफूंद का प्रवेश रुकता है<br>• निवारक व प्रारंभिक संक्रमण में प्रभावी<br>• सब्ज़ियाँ, दालें, फल व अनाज में अनुमोदित उपयोग<br>• सामान्य स्प्रेयर से प्रयोग में आसान<br>• भारतीय कृषि परिस्थितियों के लिए पंजीकृत एवं अनुशंसित",
        "precaution_tab": "सावधानियाँ",
        "precaution": "• सम्पूर्ण पौधे की सतह पर अच्छी तरह से स्प्रे करें<br>• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें; अधिक मात्रा न डालें<br>• छिड़काव या हैंडलिंग करते समय दस्ताने, मास्क, चश्मा अवश्य पहनें<br>• छिड़काव के बाद सभी उपकरणों को साफ करें<br>• बारिश या ओस पड़ने की स्थिति में छिड़काव न करें<br>• बच्चों, जानवरों और खाद्य सामग्री से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को जलाशय या नदी में न फेंकें; जलाएं या गाड़ें<br>• फसल कटाई से कम-से-कम 7 दिन पहले अंतिम छिड़काव करें (पीएचआई का पालन करें)"
      },
      "magic": {
        "breadcrumb_title": "अन्नपूर्णा मैजिक",
        "home": "होम",
        "title": "अन्नपूर्णा मैजिक – मिट्टी में डालने वाला ग्रेन्यूल",
        "desc_tab": "विवरण",
        "desc": "अन्नपूर्णा मैजिक एक विशेष मिट्टी में मिलाने वाला ग्रेन्यूल है, जो फसल को मिट्टी में छिपे कीड़ों व जड़ों की समस्याओं से व्यापक और लंबे समय तक सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। बुआई या रोपाई के समय मिट्टी में मिलाने पर यह जड़ों के बेहतर विकास, पौधों की तेजी से बढ़वार और उपज में वृद्धि सुनिश्चित करता है, क्योंकि इससे छिपे हुए कीटों व सूत्रकृमि (नेमाटोड) द्वारा होने वाला नुकसान कम होता है।",
        "mode_tab": "कार्य प्रणाली",
        "mode": "अन्नपूर्णा मैजिक ग्रेन्यूल सीधे मिट्टी में सक्रिय होते हैं और पौधे की जड़ों के पास अपने प्रभावी तत्व छोड़ते हैं। यह उत्पाद संपर्क या प्रणालीगत दोनों तरह से काम करता है—कुछ कीटों को दवा लगे क्षेत्र से गुजरते ही खत्म कर देता है, जबकि कुछ को जड़ों के रस से दवा पहुंचती है, जिससे पौधे को अंदर और बाहर से सुरक्षा मिलती है।",
        "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
        "table_crop": "फसल",
        "table_pests": "लक्षित कीट/समस्या",
        "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
        "crop1": "धान",
        "pests1": "जड़ के कीड़े, सूत्रकृमि (रूट-नॉट नेमाटोड), दीमक, तना छेदक",
        "dose1": "8–10 कि.ग्रा",
        "crop2": "गन्ना",
        "pests2": "दीमक, शुरुआती शूट बोरर",
        "dose2": "8–10 कि.ग्रा",
        "crop3": "मक्का",
        "pests3": "तना छेदक, जड़ के कीड़े",
        "dose3": "8–10 कि.ग्रा",
        "crop4": "आलू",
        "pests4": "सफेद गेंड़ी, मिट्टी के कीट",
        "dose4": "8–10 कि.ग्रा",
        "crop5": "सब्ज़ियाँ",
        "pests5": "सूत्रकृमि (रूट-नॉट नेमाटोड), मिट्टी के कीट",
        "dose5": "8–10 कि.ग्रा",
        "crop6": "गेहूं",
        "pests6": "दीमक, मिट्टी के कीड़े",
        "dose6": "8–10 कि.ग्रा",
        "add_info": "प्रयोग: ग्रेन्यूल को बुआई/रोपाई के समय मिट्टी में मिलाएं या पौधे की जड़ों के चारों ओर समान रूप से बिखेरें। बेहतर परिणाम के लिए हल्की सिंचाई करें।",
        "pack_tab": "पैक साइज",
        "pack": "1 किलोग्राम, 5 किलोग्राम, 10 किलोग्राम",
        "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
        "benefit": "• मिट्टी के प्रमुख कीटों व सूत्रकृमि पर असरदार<br>• जड़ों को स्वस्थ रखता है, जिससे पौधा तेज़ और मजबूत बढ़ता है<br>• लंबे समय तक असर: अनुशंसित मात्रा में प्रयोग करने पर पूरे मौसम सुरक्षा<br>• प्रयोग में आसान: सिर्फ मिट्टी में मिलाएं, पानी में घोलना नहीं<br>• कई फसलों के लिए उपयुक्त—धान, गन्ना, मक्का, आलू, सब्ज़ियाँ, गेहूं आदि",
        "precaution_tab": "सावधानियाँ",
        "precaution": "• ग्रेन्यूल को संभालते समय दस्ताने और मास्क अवश्य पहनें<br>• जलाशय, मछलीघर या पशु शेड के पास न डालें<br>• बच्चों और पालतू जानवरों की पहुँच से दूर रखें<br>• अनुशंसित मात्रा से अधिक न डालें<br>• खाली बोरी का दोबारा उपयोग भोजन या चारे के लिए न करें; सुरक्षित रूप से नष्ट करें<br>• प्रयोग के बाद हाथ और त्वचा को अच्छी तरह धो लें<br>• पैक पर लिखी फसल कटाई-अंतराल (PHI) का पालन करें"
    },
        "arjuna": {
          "breadcrumb_title": "अर्जुन",
          "home": "होम",
          "title": "अर्जुन (एमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी)",
          "desc_tab": "विवरण",
          "desc": "अर्जुन (एमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी) एक आधुनिक, अत्यंत प्रभावशाली जल में घुलनशील ग्रेन्युलर कीटनाशी है, जो चबाने वाले कीटों की विस्तृत श्रृंखला के नियंत्रण के लिए बनाया गया है। यह सब्ज़ियों, दालों, कपास एवं अन्य फसलों में फल छेदक, फलियों के छेदक, तना छेदक, लीफ फोल्डर और अन्य कैटरपिलर कीटों पर तेज़ व लंबे समय तक नियंत्रण के लिए विशेष रूप से अनुशंसित है। इसकी अनूठी कार्यप्रणाली फसल को कीटों के खाने से बचाती है और छिड़काव के तुरंत बाद कीट मृत्यु सुनिश्चित करती है।",
          "mode_tab": "कार्य प्रणाली",
          "mode": "एमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी एक प्रगतिशील कीटनाशी है जो प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होता है और मुख्यतः पेट एवं संपर्क विष के रूप में काम करता है। कीट द्वारा खाने के बाद यह उनके तंत्रिका तंत्र को बाधित करता है, जिससे तेज़ लकवा और खाने की क्रिया बंद हो जाती है, और कुछ ही घंटों में कीट मर जाते हैं। यह सभी लार्वा (कैटरपिलर) अवस्थाओं पर प्रभावी है और लंबे समय तक नियंत्रण देता है।",
          "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
          "table_crop": "फसल",
          "table_pests": "लक्षित कीट",
          "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
          "crop1": "कपास",
          "pests1": "अमेरिकन बॉलवर्म, स्पॉटेड बॉलवर्म, पिंक बॉलवर्म, स्पोडोप्टेरा, लीफ फोल्डर",
          "dose1": "40–80 ग्राम",
          "crop2": "मिर्च",
          "pests2": "फल छेदक, थ्रिप्स, माइट",
          "dose2": "40–60 ग्राम",
          "crop3": "भिंडी/बैंगन",
          "pests3": "फल एवं तना छेदक, लीफ फोल्डर",
          "dose3": "40–60 ग्राम",
          "crop4": "अरहर",
          "pests4": "फली छेदक (हेलिकोवर्पा आर्मिजेरा)",
          "dose4": "40–60 ग्राम",
          "crop5": "टमाटर",
          "pests5": "फल छेदक, लीफ माइनर",
          "dose5": "40–60 ग्राम",
          "crop6": "अन्य फसलें",
          "pests6": "कैटरपिलर व बोरर मिश्रित प्रकोप",
          "dose6": "40–80 ग्राम",
          "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>प्रकोप की शुरुआत में छिड़काव करें; आवश्यकता अनुसार 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराया जा सकता है।",
          "pack_tab": "पैक साइज",
          "pack": "10 ग्राम, 50 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम",
          "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
          "benefit": "• मुख्य कैटरपिलर व बोरर कीटों पर उत्कृष्ट नियंत्रण<br>• तेज़ असर: कीट का खाना तुरंत बंद और घंटों में लकवा<br>• लंबे समय तक असर: एक छिड़काव में लंबी सुरक्षा<br>• कम मात्रा में उच्च असर<br>• फसल के लिए सुरक्षित: लाभकारी कीटों को हानि नहीं<br>• जल घुलनशील ग्रेन्युल: घोलना आसान, छिड़काव में सरल",
          "precaution_tab": "सावधानियाँ",
          "precaution": "• हमेशा अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें; अधिक मात्रा न डालें<br>• मिलाने व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या वर्षा में छिड़काव न करें<br>• छिड़काव के तुरंत बाद खेत में बच्चों/पशुओं को न जाने दें<br>• उपयोग के बाद हाथ और त्वचा अच्छी तरह धो लें<br>• तेज क्षारीय पदार्थों के साथ मिश्रण न करें<br>• उपयोग के बाद उपकरण साफ करें और खाली पैक सुरक्षित रूप से नष्ट करें<br>• फसल कटाई से 7–10 दिन पहले अंतिम छिड़काव करें (PHI का पालन करें)"
    },
        "doublepower": {
          "breadcrumb_title": "डबल पावर 50%",
          "home": "होम",
          "title": "डबल पावर 50% (एट्राजीन 50% डब्ल्यूपी)",
          "desc_tab": "विवरण",
          "desc": "डबल पावर 50% (एट्राजीन 50% डब्ल्यूपी) एक चयनात्मक, प्री-इमर्जेंस और शुरुआती पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशी है, जो मक्का, गन्ना एवं बाजरा में वार्षिक चौड़ी पत्ती व कुछ घास वर्ग के खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह खरपतवार के बीजों का अंकुरण एवं आरंभिक बढ़वार रोककर खेत को साफ-सुथरा और उपजाऊ बनाता है। डबल पावर 50% सभी प्रकार की मिट्टी के लिए उपयुक्त है एवं लंबे समय तक असरकारक खरपतवार नियंत्रण देता है।",
          "mode_tab": "कार्य प्रणाली",
          "mode": "एट्राजीन 50% डब्ल्यूपी मुख्य रूप से खरपतवार की जड़ों और आंशिक रूप से पत्तियों द्वारा अवशोषित होता है। यह क्लोरोप्लास्ट में इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट अवरोधित करके प्रकाश-संश्लेषण को रोकता है, जिससे खरपतवार के पौधों में पीलापन और सूखापन आ जाता है। परिणामस्वरूप, खरपतवार विकास नहीं कर पाते और मुख्य फसल से पोषक प्रतिस्पर्धा समाप्त हो जाती है।",
          "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
          "table_crop": "फसल",
          "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
          "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
          "crop1": "मक्का",
          "weeds1": "वार्षिक चौड़ी पत्ती व कुछ घास वर्ग के खरपतवार",
          "dose1": "500–1000 ग्राम",
          "crop2": "गन्ना",
          "weeds2": "वार्षिक चौड़ी पत्ती व कुछ घास वर्ग के खरपतवार",
          "dose2": "400–600 ग्राम",
          "crop3": "बाजरा",
          "weeds3": "वार्षिक चौड़ी पत्ती व कुछ घास वर्ग के खरपतवार",
          "dose3": "400–600 ग्राम",
          "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–240 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: बुआई के तुरंत बाद/खरपतवार के उगने से पहले मिट्टी की सतह पर समान रूप से छिड़काव करें<br>पुनरावृत्ति: यदि खरपतवार का प्रकोप अधिक हो तो आवश्यकता अनुसार दूसरी बार छिड़काव करें।",
          "pack_tab": "पैक साइज",
          "pack": "100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम, 1 किलोग्राम",
          "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
          "benefit": "• चयनात्मक क्रिया: मुख्य फसल को नुकसान पहुंचाए बिना वार्षिक चौड़ी पत्ती व कुछ घास वर्ग के खरपतवारों पर नियंत्रण<br>• प्री- और पोस्ट-इमर्जेंस गतिविधि: बुआई से पहले या बाद में, दोनों तरह से प्रयोग संभव<br>• लंबा असर: छिड़काव के बाद कई सप्ताह तक खेत खरपतवार मुक्त रहता है<br>• उपज में वृद्धि: खरपतवार की पोषक, पानी और प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा कम करता है<br>• प्रयोग में सरल: सामान्य स्प्रेयर या ट्रैक्टर स्प्रेयर से भी प्रयोग संभव",
          "precaution_tab": "सावधानियाँ",
          "precaution": "• केवल अनुशंसित फसलों में ही प्रयोग करें; दाल, सब्ज़ी या संवेदनशील फसलों में न करें<br>• अनुशंसित मात्रा से अधिक उपयोग न करें<br>• जलाशय के पास या तेज़ हवा में छिड़काव न करें<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• छिड़काव के तुरंत बाद पशु या बच्चों को खेत में न जाने दें<br>• प्रयोग के बाद हाथ व त्वचा को अच्छी तरह धोएं<br>• खाली डिब्बों का दोबारा उपयोग न करें; सुरक्षित रूप से नष्ट करें"
    },
        "balwan": {
          "breadcrumb_title": "बलवान",
          "home": "होम",
          "title": "बलवान (क्लोरपाइरीफॉस 10% जीआर)",
          "desc_tab": "विवरण",
          "desc": "बलवान (क्लोरपाइरीफॉस 10% जीआर) एक दानेदार संपर्क व धूआंनाशी कीटनाशी है, जिसका प्रयोग मिट्टी में रहने वाले कीटों जैसे दीमक, जड़ छेदक, तना छेदक व कटवर्म के प्रभावी नियंत्रण के लिए किया जाता है। यह धान, गेहूं, गन्ना, मक्का व अन्य फसलों में बुवाई, रोपाई या फसल की बढ़वार के समय डालने पर जड़ों की सुरक्षा करता है और फसल को स्वस्थ बढ़वार देता है।",
          "mode_tab": "कार्य प्रणाली",
          "mode": "क्लोरपाइरीफॉस 10% जीआर मिट्टी में संपर्क और धूआंनाशी दोनों रूप में कार्य करता है। मिट्टी में मिलाने पर दानों से सक्रिय घटक निकलकर सीधे या साँस के द्वारा कीटों के शरीर में जाता है, जिससे उनकी तंत्रिका प्रणाली बाधित हो जाती है और लकवा तथा मृत्यु हो जाती है। यह मिट्टी व जड़ खाने वाले कई कीटों को प्रभावी नियंत्रण देता है।",
          "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
          "table_crop": "फसल",
          "table_pests": "लक्षित कीट",
          "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
          "crop1": "धान",
          "pests1": "दीमक, जड़ छेदक, तना छेदक",
          "dose1": "4–5 कि.ग्रा",
          "crop2": "मक्का",
          "pests2": "दीमक, जड़ छेदक",
          "dose2": "4–5 कि.ग्रा",
          "crop3": "गेहूं",
          "pests3": "दीमक, सफेद गेंड़ी",
          "dose3": "4–5 कि.ग्रा",
          "crop4": "गन्ना",
          "pests4": "दीमक, शुरुआती शूट बोरर",
          "dose4": "4–5 कि.ग्रा",
          "crop5": "मूंगफली",
          "pests5": "दीमक, सफेद गेंड़ी",
          "dose5": "4–5 कि.ग्रा",
          "add_info": "प्रयोग: दानों को बुवाई/रोपाई के समय मिट्टी में मिलाएं या जड़ों के पास डालकर हल्की सिंचाई करें।",
          "pack_tab": "पैक साइज",
          "pack": "1 किलोग्राम, 5 किलोग्राम, 10 किलोग्राम",
          "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
          "benefit": "• प्रमुख मिट्टी कीटों जैसे दीमक, जड़ छेदक, तना छेदक, सफेद गेंड़ी पर प्रभावी नियंत्रण<br>• लंबे समय तक असरदार<br>• संपर्क और धूआंनाशी दोनों क्रिया<br>• डालना और छिड़कना दोनों आसान<br>• छुपे कीटों से फसल का नुकसान कम, मजबूत जड़ व अधिक उत्पादन",
          "precaution_tab": "सावधानियाँ",
          "precaution": "• मछली तालाब, कुएँ या जलाशयों के पास न डालें<br>• दानों को संभालते समय दस्ताने, मास्क व सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• अनुशंसित मात्रा से अधिक उपयोग न करें<br>• भोजन, चारा, बच्चों व जानवरों से दूर रखें<br>• खाली बोरी का दोबारा उपयोग न करें; सुरक्षित रूप से नष्ट करें<br>• उपयोग के बाद हाथ व त्वचा अच्छी तरह धोएं<br>• फसल कटाई से पहले PHI (पूर्व फसल कटाई-अंतराल) का पालन करें"
    },
    "fendust": {
        "breadcrumb_title": "फेन्डस्ट",
        "home": "होम",
        "title": "फेन्डस्ट (फेनवैलेरेट 0.4% डीपी)",
        "desc_tab": "विवरण",
        "desc": "फेन्डस्ट (फेनवैलेरेट 0.4% डीपी) एक व्यापक स्पेक्ट्रम, संपर्क व पेट क्रिया वाला डस्टेबल पाउडर कीटनाशी है। इसका उपयोग धान, सब्ज़ियाँ, दालें और कपास में चबाने व चूसने वाले कीटों के प्रभावी नियंत्रण के लिए किया जाता है। फेन्डस्ट स्टेम बोरर, फल छेदक, लीफ फोल्डर और कैटरपिलर से सुरक्षा देता है, जिससे फसलें स्वस्थ रहती हैं और उत्पादन बढ़ता है।",
        "mode_tab": "कार्य प्रणाली",
        "mode": "फेनवैलेरेट 0.4% डीपी संपर्क व पेट दोनों प्रकार की क्रिया से कीटों को मारता है। जब कीट सीधे डस्ट के संपर्क में आते हैं या उपचारित भाग खाते हैं, तो उनकी तंत्रिका प्रणाली बाधित हो जाती है, जिससे लकवा और मृत्यु हो जाती है। इसका बचावकारी असर कई दिनों तक फसलों को सुरक्षा देता है।",
        "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
        "table_crop": "फसल",
        "table_pests": "लक्षित कीट",
        "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
        "crop1": "धान",
        "pests1": "तना छेदक, लीफ फोल्डर",
        "dose1": "4–5 कि.ग्रा",
        "crop2": "कपास",
        "pests2": "बोलवर्म, लीफ फोल्डर, हेरी कैटरपिलर",
        "dose2": "4–5 कि.ग्रा",
        "crop3": "सब्ज़ियाँ",
        "pests3": "फल छेदक, लीफ फोल्डर, डायमंड बैक मॉथ",
        "dose3": "4–5 कि.ग्रा",
        "crop4": "दालें",
        "pests4": "फली छेदक, कटवर्म",
        "dose4": "4–5 कि.ग्रा",
        "add_info": "प्रयोग: सर्वोत्तम परिणाम के लिए डस्ट को सुबह जल्दी या शाम को सीधे फसल पर छिड़कें। अधिकतम प्रभाव के लिए सम्पूर्ण फसल पर समान रूप से डस्ट फैलाएं।<br>पुनरावृत्ति: यदि कीट प्रकोप जारी रहे, तो 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
        "pack_tab": "पैक साइज",
        "pack": "1 किलोग्राम, 5 किलोग्राम, 10 किलोग्राम",
        "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
        "benefit": "• चबाने व चूसने वाले कीटों पर व्यापक नियंत्रण<br>• त्वरित प्रभाव: कीटों को तेजी से लकवा व मृत्यु<br>• संपर्क व पेट क्रिया दोनों<br>• आसान प्रयोग: सीधा छिड़काव<br>• बचावकारी असर: कई दिनों तक सुरक्षा<br>• अनेक फसलों में उपयोगी: धान, कपास, सब्ज़ियाँ, दालें आदि",
        "precaution_tab": "सावधानियाँ",
        "precaution": "• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• डस्ट को सांस में न लें; हवा के विपरीत छिड़काव न करें<br>• तेज हवा या बारिश में प्रयोग न करें<br>• भोजन, चारा, बच्चों व जानवरों से दूर रखें<br>• अनुशंसित मात्रा से अधिक प्रयोग न करें<br>• खाली डिब्बों को सुरक्षित नष्ट करें, दोबारा प्रयोग न करें<br>• प्रयोग के बाद हाथ व त्वचा अच्छी तरह धो लें"
    },
    "folidol": {
        "breadcrumb_title": "फोलिडोल",
        "home": "होम",
        "title": "फोलिडोल (क्लोरपाइरीफॉस 1.5% डीपी)",
        "desc_tab": "विवरण",
        "desc": "फोलिडोल (क्लोरपाइरीफॉस 1.5% डीपी) एक बहुउपयोगी संपर्क व धूआंनाशी कीटनाशी डस्टेबल पाउडर (डीपी) है। इसका प्रयोग दीमक, कटवर्म, सफेद गेंड़ी और अन्य मिट्टी व पत्ती के कीटों के प्रभावी नियंत्रण के लिए धान, गेहूं, सब्ज़ियाँ व दालों में किया जाता है। यह सीधा मिट्टी या पौधों पर छिड़कने हेतु उपयुक्त है, फसल को तुरंत सुरक्षा और लंबे समय तक बचाव देता है, जिससे स्वस्थ फसल व अधिक उत्पादन सुनिश्चित होता है।",
        "mode_tab": "कार्य प्रणाली",
        "mode": "क्लोरपाइरीफॉस 1.5% डीपी संपर्क व धूआंनाशी दोनों प्रकार से कार्य करता है। छिड़काव के बाद डस्ट मिट्टी या पौधों की सतह में पहुंचकर सीधे या साँस के द्वारा कीटों को प्रभावित करता है, जिससे उनकी तंत्रिका प्रणाली बाधित हो जाती है, लकवा व मृत्यु होती है और फसल को ऊपर व नीचे दोनों स्तर पर सुरक्षा मिलती है।",
        "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
        "table_crop": "फसल",
        "table_pests": "लक्षित कीट",
        "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
        "crop1": "धान",
        "pests1": "दीमक, तना छेदक, लीफ फोल्डर",
        "dose1": "10–12 कि.ग्रा",
        "crop2": "गेहूं",
        "pests2": "दीमक, सफेद गेंड़ी",
        "dose2": "10–12 कि.ग्रा",
        "crop3": "सब्ज़ियाँ",
        "pests3": "कटवर्म, सफेद गेंड़ी",
        "dose3": "10–12 कि.ग्रा",
        "crop4": "दालें",
        "pests4": "कटवर्म, दीमक",
        "dose4": "10–12 कि.ग्रा",
        "add_info": "प्रयोग: आवश्यकता अनुसार डस्ट को सीधा मिट्टी, पौधों के आधार या पत्तियों पर छिड़कें।<br>दीमक और सफेद गेंड़ी नियंत्रण के लिए बुवाई या रोपाई से पहले मिट्टी में मिला दें।<br>अगर प्रकोप बना रहे तो पुनः छिड़काव करें।",
        "pack_tab": "पैक साइज",
        "pack": "1 किलोग्राम, 5 किलोग्राम, 10 किलोग्राम",
        "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
        "benefit": "• दीमक, तना छेदक, कटवर्म व सफेद गेंड़ी जैसे कीटों पर असरदार<br>• संपर्क व धूआंनाशी दोनों क्रिया<br>• त्वरित प्रभाव: कीट नियंत्रण तुरंत<br>• बचावकारी असर: एक बार छिड़काव पर लंबी सुरक्षा<br>• आसान प्रयोग: मिट्टी व पत्तियों दोनों पर छिड़काव संभव<br>• कई फसलों में उपयुक्त: धान, गेहूं, सब्ज़ियाँ, दालें आदि",
        "precaution_tab": "सावधानियाँ",
        "precaution": "• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क व सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• डस्ट को सांस में न लें; शांत मौसम में छिड़कें<br>• जलस्रोत, भोजन या चारे के पास न छिड़कें<br>• अनुशंसित मात्रा से अधिक प्रयोग न करें<br>• बच्चों व जानवरों की पहुँच से दूर रखें<br>• प्रयोग के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं<br>• खाली डिब्बों को सुरक्षित नष्ट करें, पुनः प्रयोग न करें"
    },
    "frontier": {
        "breadcrumb_title": "फ्रंटियर",
        "home": "होम",
        "title": "फ्रंटियर (फिप्रोनिल 40% + इमिडाक्लोप्रिड 40% डब्ल्यूजी)",
        "desc_tab": "विवरण",
        "desc": "फ्रंटियर एक अनूठा व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशी है जिसमें फिप्रोनिल 40% और इमिडाक्लोप्रिड 40% का संयोजन जल में घुलनशील ग्रेन्यूल (WG) रूप में है। यह कपास, सब्ज़ियाँ, गन्ना, धान और अन्य प्रमुख फसलों में चूसक, चबाने वाले व मिट्टी के कीटों के नियंत्रण हेतु बनाया गया है। फ्रंटियर दोहरा असर देता है—फसल को ऊपर व नीचे दोनों ओर से सुरक्षा। इसकी उन्नत तकनीक तेज असर और लम्बे समय तक बचाव सुनिश्चित करती है, जिससे फसलें स्वस्थ व मजबूत रहती हैं।",
        "mode_tab": "कार्य प्रणाली",
        "mode": "फ्रंटियर में दो शक्तिशाली कीटनाशक हैं:<br><b>फिप्रोनिल</b> – यह कीट की तंत्रिका प्रणाली के GABA गेटेड क्लोराइड चैनल को अवरुद्ध करता है, जिससे लकवा और मृत्यु होती है (संपर्क व खाने पर)।<br><b>इमिडाक्लोप्रिड</b> – यह कीट के निकोटिनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर पर असर करता है, अधिक उत्तेजना, लकवा व त्वरित मृत्यु (संपर्क व प्रणालीगत) लाता है।<br>इस दोहरे क्रिया-तंत्र से फसल और मिट्टी में चबाने-चूसने वाले कीटों का सम्पूर्ण व लम्बे समय तक नियंत्रण होता है।",
        "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
        "table_crop": "फसल",
        "table_pests": "लक्षित कीट",
        "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
        "crop1": "कपास, सब्ज़ियाँ",
        "pests1": "सफेद मक्खी, जेसिड, एफिड, थ्रिप्स, तना छेदक",
        "dose1": "60–120 ग्राम",
        "crop2": "आलू, फूल",
        "pests2": "सफेद गेंड़ी, दीमक, जड़ के कीड़े",
        "dose2": "60–120 ग्राम",
        "crop3": "गन्ना, मूंगफली",
        "pests3": "सफेद गेंड़ी, दीमक",
        "dose3": "175–200 ग्राम",
        "crop4": "धान",
        "pests4": "बीपीएच, लीफ फोल्डर, सफेद गेंड़ी",
        "dose4": "40–80 ग्राम",
        "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–500 लीटर पानी प्रति एकड़ (फसल व कीट के अनुसार)<br>प्रयोग: चूसक व चबाने वाले कीटों के लिए फोलियर स्प्रे; मिट्टी के कीट के लिए ड्रेंचिंग<br>स्प्रे घोल: लगभग 10 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी<br>पुनरावृत्ति: आवश्यकता अनुसार, फसल के PHI के अनुसार करें।",
        "pack_tab": "पैक साइज",
        "pack": "उपलब्ध पैक साइज: 6 ग्राम, 40 ग्राम और 100 ग्राम",
        "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
        "benefit": "• दोहरा असर: ऊपर (चूसक/चबाने वाले) व मिट्टी के कीटों पर नियंत्रण<br>• तेज़ असर व लम्बा बचाव<br>• प्रणालीगत व संपर्क क्रिया: खाने व संपर्क से कीट नियंत्रण, पौधे में भी फैलता है<br>• लचीला प्रयोग: फोलियर स्प्रे और मिट्टी ड्रेंचिंग दोनों के लिए उपयुक्त<br>• फसल की सुरक्षा: नुकसान से बचाव, वृद्धि व उत्पादन में वृद्धि<br>• व्यापक नियंत्रण: कई फसलों व कीटों के लिए अनुशंसित",
        "precaution_tab": "सावधानियाँ",
        "precaution": "• छिड़काव व संभालते समय दस्ताने, मास्क व चश्मा पहनें<br>• परागण काल (मधुमक्खी आदि) में छिड़काव न करें<br>• जल स्रोत या भोजन के पास छिड़काव न करें<br>• फसल कटाई से पहले PHI (प्रतीक्षा अंतराल) का पालन करें<br>• बच्चों व जानवरों की पहुँच से दूर ठंडी, सूखी जगह पर रखें<br>• छिड़काव के दौरान न खाएं, न पीएं, न धूम्रपान करें<br>• उपयोग के बाद हाथ व उपकरण अच्छी तरह साफ करें"
    },
    "paramount": {
        "breadcrumb_title": "पैरामाउंट",
        "home": "होम",
        "title": "पैरामाउंट (पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% एस.एल.)",
        "desc_tab": "विवरण",
        "desc": "पैरामाउंट (पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% एस.एल.) एक तीव्र असरकारक, नॉन-सेलेक्टिव, कॉन्टैक्ट खरपतवारनाशी है, जो विभिन्न फसलों और गैर-फसल क्षेत्रों में वार्षिक और बहुवर्षीय खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह हरे पौधों के ऊतकों को संपर्क में आते ही नष्ट करता है और बोवाई या रोपाई से पहले खेत को खरपतवारमुक्त करता है। पैरामाउंट बाग-बगिचों, बागवानी क्षेत्रों, और औद्योगिक एवं गैर-फसल भूमियों में इंटर-रो (डायरेक्टेड) स्प्रे के लिए अत्यधिक प्रभावी है।",
        "mode_tab": "क्रिया विधि",
        "mode": "पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% एस.एल. एक संपर्क खरपतवारनाशी के रूप में कार्य करता है। यह प्रकाश संश्लेषण को बाधित करता है, जिससे प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन बनती है और हरे ऊतक तेजी से नष्ट हो जाते हैं। छिड़काव के कुछ घंटों के भीतर पौधों के हरे भाग मुरझाने और जलने लगते हैं। केवल हरा भाग प्रभावित होता है, जड़ और बीज सुरक्षित रहते हैं, अतः बार-बार उगने वाले खरपतवारों पर पुनः वृद्धि हो सकती है।",
        "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
        "table_crop": "फसल / उपयोग",
        "table_weeds": "लक्ष्य खरपतवार",
        "table_dose": "डोज प्रति एकड़",
        "crop1": "पड़े हुए खेत, बोवाई से पहले, रोपाई से पहले, बाग-बगिचे, गैर-फसल क्षेत्र",
        "weeds1": "सभी हरे वार्षिक और बहुवर्षीय खरपतवार (चौड़ी पत्ती, घास, सैज)",
        "dose1": "400–800 मिली",
        "crop2": "चाय, रबर, गन्ना (डायरेक्टेड स्प्रे)",
        "weeds2": "वार्षिक व बहुवर्षीय खरपतवार",
        "dose2": "400–800 मिली",
        "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–400 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: मुख्य फसल को बचाते हुए खरपतवारों पर डायरेक्ट स्प्रे करें।<br>नोट: जब खरपतवार छोटे और बढ़ाव की स्थिति में हों तब सर्वाधिक असरकारी। तेज हवा या छिड़काव के 4–6 घंटे के भीतर वर्षा की संभावना हो तो न करें।",
        "pack_tab": "पैक साइज",
        "pack": "250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर, 5 लीटर",
        "benefit_tab": "विशेषताएँ और लाभ",
        "benefit": "• नॉन-सेलेक्टिव, त्वरित असर: सभी हरे खरपतवारों को शीघ्रता से नष्ट करता है, असर कुछ ही घंटों में दिखता है।<br>• मृदा में कोई अवशेष नहीं: बोवाई/रोपाई से पहले सुरक्षित; बाद की फसलों पर प्रभाव नहीं पड़ता।<br>• बहुउद्देशीय उपयोग: पूर्व-फसल, अंतर-पंक्ति, और औद्योगिक क्षेत्रों में उपयुक्त।<br>• आसान खरपतवार नियंत्रण: खेत की शीघ्र तैयारी और बाग/बगिचों में खरपतवार नियंत्रण हेतु उपयुक्त।<br>• प्रतिरोधी खरपतवारों के नियंत्रण हेतु प्रभावी: खरपतवार नियंत्रण कार्यक्रमों में उपयोगी।",
        "precaution_tab": "सावधानियाँ",
        "precaution": "• फसल पर छिड़काव न करें; केवल खरपतवारों पर छिड़काव करें क्योंकि यह सभी हरे भाग नष्ट करता है।<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।<br>• स्प्रे धुंआ न साँसें और त्वचा या आँखों से बचाएँ।<br>• जलाशयों, मछली पालन क्षेत्रों के पास छिड़काव न करें।<br>• छिड़काव के बाद स्प्रेयर को अच्छी तरह साफ करें और घोलित पानी को सुरक्षित स्थान पर फेंके।<br>• खाद्य पदार्थ, बच्चों व जानवरों से दूर रखें।<br>• खाली डिब्बों का दोबारा प्रयोग न करें; क्रश या जलाकर/गाड़कर नष्ट करें।<br>• यदि गलती से जहर लग जाए तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें (पैराक्वाट का सेवन या श्वास द्वारा लेना अत्यंत विषैला है)।"
    },
    "shield": {
        "breadcrumb_title": "शील्ड 58% एस.एल.",
        "home": "होम",
        "title": "शील्ड 58% एस.एल. (2,4-डी अमीन सॉल्ट 58% एस.एल.)",
        "desc_tab": "विवरण",
        "desc": "शील्ड 58% एस.एल. एक चयनात्मक, प्रणालीगत खरपतवारनाशी है जिसमें 2,4-डी अमीन सॉल्ट 58% एस.एल. होता है, जो गेहूं, मक्का, धान, गन्ना एवं गैर-फसल क्षेत्रों में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है। यह पोस्ट-इमर्जेंस (उगने के बाद) खरपतवार नियंत्रण देकर फसलों को बिना प्रतिस्पर्धा के बढ़ने में मदद करता है।",
        "mode_tab": "क्रिया विधि",
        "mode": "2,4-डी अमीन सॉल्ट 58% एस.एल. पौधों की पत्तियों व जड़ों द्वारा अवशोषित होकर पूरे पौधे में फैल जाता है। यह एक सिंथेटिक ऑक्सिन (पौधा वृद्धि नियंत्रक) की तरह कार्य करता है, जिससे संवेदनशील खरपतवारों की अनियंत्रित वृद्धि होती है और उनकी मृत्यु हो जाती है। यह चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर अत्यधिक असरदार है, पर अधिकांश घासों को नुकसान नहीं पहुंचाता।",
        "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
        "table_crop": "फसल",
        "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
        "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
        "crop1": "गेहूं",
        "weeds1": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (चेनोपोडियम, अमरंथस, फलेरिस माइनर आदि)",
        "dose1": "400–800 मिली",
        "crop2": "धान",
        "weeds2": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
        "dose2": "400–800 मिली",
        "crop3": "मक्का",
        "weeds3": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
        "dose3": "400–800 मिली",
        "crop4": "गन्ना",
        "weeds4": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
        "dose4": "400–800 मिली",
        "crop5": "गैर-फसल क्षेत्र",
        "weeds5": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
        "dose5": "400–800 मिली",
        "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–400 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: खरपतवार के सक्रिय अवस्था (2–4 पत्तियाँ) में पत्तियों पर छिड़काव करें।",
        "pack_tab": "पैक साइज",
        "pack": "250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर, 5 लीटर",
        "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
        "benefit": "• चयनात्मक क्रिया: गेहूं, मक्का, धान व गन्ना में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर नियंत्रण, फसल को नुकसान नहीं<br>• प्रणालीगत संचरण: पूरे खरपतवार पौधे में फैलकर सम्पूर्ण नियंत्रण<br>• पोस्ट-इमर्जेंस उपयोग: फसल व खरपतवार के उगने के बाद छिड़काव करें<br>• किफायती: खरपतवार प्रतिस्पर्धा कम कर फसल की उपज व गुणवत्ता बढ़ाता है<br>• लचीला प्रयोग: विभिन्न खेत व गैर-फसल क्षेत्रों में प्रयोग संभव",
        "precaution_tab": "सावधानियाँ",
        "precaution": "• हवा वाले दिनों में छिड़काव न करें, ताकि संवेदनशील फसलों (दालें, कपास, सब्ज़ियाँ आदि) पर ड्रिफ्ट न हो<br>• अन्य रसायनों के साथ मिलाएं नहीं जब तक अनुशंसित न हो<br>• छिड़काव के समय सुरक्षात्मक वस्त्र, मास्क, दस्ताने पहनें<br>• स्प्रे त्वचा/आंखों को न छूने दें, उपयोग के बाद अच्छी तरह धो लें<br>• छिड़काव के बाद कम से कम 2 सप्ताह तक पशुओं को चराने न दें<br>• खाद्य पदार्थ, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को नियमानुसार नष्ट करें, दोबारा प्रयोग न करें"
    },
    "ripit": {
      "breadcrumb_title": "रिपिट",
      "home": "होम",
      "title": "रिपिट (प्रीटिलाक्लोर 50% ईसी)",
      "desc_tab": "विवरण",
      "desc": "रिपिट (प्रीटिलाक्लोर 50% ईसी) एक चयनात्मक, प्री-इमर्जेंस खरपतवारनाशी है जो रोपी एवं सीधे बोए गए धान के खेतों में वार्षिक घास, सैज एवं कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रयोग होता है। यह प्रारंभिक विकास चरण में खरपतवार नियंत्रण देकर फसल को स्वस्थ स्थापित होने और उच्च उत्पादन प्राप्त करने में सहायक है।",
      "mode_tab": "क्रिया विधि",
      "mode": "प्रीटिलाक्लोर 50% ईसी मुख्य रूप से उगती हुई खरपतवारों की पत्तियों द्वारा अवशोषित होता है। यह खरपतवारों में कोशिका विभाजन एवं वृद्धि को रोकता है, जिससे वे अंकुरित होने से पहले या तुरंत बाद नष्ट हो जाते हैं। यह जड़ी कई सप्ताह तक मिट्टी में सक्रिय रहती है और प्रारंभिक चरण में खरपतवार प्रतिस्पर्धा को रोकती है।",
      "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
      "table_crop": "फसल",
      "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
      "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
      "crop1": "धान",
      "weeds1": "वार्षिक घास (ईचिनोक्लोआ, डैक्टिलोक्टेनियम आदि), सैज (सायपेरस जाति), कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
      "dose1": "400–600 मिली",
      "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–300 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: रोपाई या बुवाई के 0–5 दिन के अंदर प्री-इमर्जेंस के रूप में छिड़काव करें। छिड़काव के समय मिट्टी में हल्की नमी या पतला पानी होना चाहिए।<br>नोट: अधिकतम प्रभाव के लिए समान रूप से छिड़काव करें। छिड़काव के बाद कम से कम 2–3 दिन तक खेत में मिट्टी न चलाएं।",
      "pack_tab": "पैक साइज",
      "pack": "250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर, 5 लीटर",
      "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
      "benefit": "• प्री-इमर्जेंस नियंत्रण: खरपतवार के अंकुरण से पहले या तुरंत बाद छिड़काव पर प्रभावी नियंत्रण।<br>• धान के लिए सुरक्षित: रोपी एवं सीधे बोए धान के लिए उपयुक्त, फसल को कोई नुकसान नहीं।<br>• लंबा असर: प्रारंभिक फसल अवस्था में खरपतवारों को नियंत्रित करता है।<br>• प्रतिस्पर्धा कम करता है: फसल को मजबूत व स्वस्थ बनने में सहायता करता है।<br>• लचीला प्रयोग: रोपी व सीधे बोए गए धान में दोनों में प्रयोग संभव।",
      "precaution_tab": "सावधानियाँ",
      "precaution": "• 2–3 सेमी से अधिक गहरे पानी पर छिड़काव न करें; हल्की नमी या पतला पानी बनाए रखें।<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें।<br>• समीपवर्ती संवेदनशील फसलों पर ड्रिफ्ट से बचें।<br>• छिड़काव के बाद 2–3 दिन तक खेत में काम न करें और पानी न निकालें।<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें।<br>• खाली डिब्बों को दोबारा प्रयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें।"
  },
  "glyphocel": {
    "breadcrumb_title": "ग्लायफोसेल",
    "home": "होम",
    "title": "ग्लायफोसेल (ग्लायफोसेट 41% एस.एल.)",
    "desc_tab": "विवरण",
    "desc": "ग्लायफोसेल (ग्लायफोसेट 41% एस.एल.) एक नॉन-सेलेक्टिव, प्रणालीगत खरपतवारनाशी है, जो वार्षिक व बहुवर्षीय घास, सैज, चौड़ी पत्ती आदि सभी प्रकार के खरपतवारों के प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न फसलों और गैर-फसल क्षेत्रों में प्रयोग होता है। यह प्री-प्लांटिंग, बाग-बगिचों के अंतर-पंक्ति व गैर-फसल क्षेत्रों में सम्पूर्ण खरपतवार नष्ट करने के लिए उपयुक्त है, साथ ही मृदा में कोई अवशेष नहीं छोड़ता।",
    "mode_tab": "क्रिया विधि",
    "mode": "ग्लायफोसेट 41% एस.एल. खरपतवार की पत्तियों और हरी टहनियों द्वारा अवशोषित होकर जड़ों व भूमिगत भागों तक पहुंचता है। यह ईपीएसपी सिंथेस एंजाइम को अवरुद्ध करता है, जिससे पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक अमीनो अम्ल नहीं बनते और पूरा पौधा धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है।",
    "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
    "table_crop": "फसल / उपयोग",
    "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
    "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
    "crop1": "प्री-प्लांटिंग (पड़ा हुआ खेत), बाग-बगिचा, गैर-फसल क्षेत्र",
    "weeds1": "सभी वार्षिक व बहुवर्षीय खरपतवार (घास, सैज, चौड़ी पत्ती)",
    "dose1": "800–1200 मिली",
    "crop2": "चाय, रबर, बागान (डायरेक्टेड स्प्रे)",
    "weeds2": "वार्षिक व बहुवर्षीय खरपतवार",
    "dose2": "800–1200 मिली",
    "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–400 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: खरपतवार के ऊपर डायरेक्टेड स्प्रे करें (हरी फसल के हिस्सों को छूने से बचें)। छिड़काव खरपतवार की सक्रिय वृद्धि अवस्था में करें।",
    "pack_tab": "पैक साइज",
    "pack": "500 मिली, 1 लीटर, 5 लीटर",
    "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
    "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: सभी प्रकार के खरपतवारों को नष्ट करता है, जिद्दी खरपतवार भी<br>• प्रणालीगत क्रिया: जड़ों तक पहुँचकर दोबारा वृद्धि रोकता है<br>• मृदा अवशेष नहीं: फसल चक्र व बुआई के लिए सुरक्षित<br>• त्वरित असर: छिड़काव के कुछ दिनों में मुरझाना व पीला पड़ना दिखता है<br>• बहुउद्देशीय: कृषि, बागवानी व गैर-फसल भूमि में उपयुक्त",
    "precaution_tab": "सावधानियाँ",
    "precaution": "• स्प्रे ड्रिफ्ट हरी फसल पर न जाए—ग्लायफोसेट किसी भी हरे हिस्से को नष्ट कर देगा<br>• तेज हवा या छिड़काव के 4–6 घंटे के भीतर वर्षा की संभावना हो तो प्रयोग न करें<br>• मिलाते व छिड़कते समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• बच्चों, जानवरों, खाद्य/चारा भंडार से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों का पुनः उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें<br>• छिड़काव के बाद स्प्रेयर अच्छी तरह साफ करें"
},
"pandino": {
  "breadcrumb_title": "पंडीनो",
  "home": "होम",
  "title": "पंडीनो (पेंडीमेथालिन 30% ईसी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "पंडीनो (पेंडीमेथालिन 30% ईसी) एक चयनात्मक, प्री-इमर्जेंस एवं प्रारंभिक पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशी है, जो विशेषकर अनाज, दलहन, तिलहन और सब्ज़ियों में वार्षिक घास व कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण हेतु प्रयोग होता है। यह लंबे समय तक खरपतवार नियंत्रण देता है और फसल की प्रारंभिक वृद्धि में खरपतवार प्रतिस्पर्धा कम करके फसल को बेहतर स्थापित होने में मदद करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "पेंडीमेथालिन 30% ईसी मुख्य रूप से अंकुरित होते खरपतवार के बीज व शूट द्वारा अवशोषित होती है। यह उगती हुई खरपतवारों में कोशिका विभाजन और वृद्धि को रोकती है, जिससे वे अंकुरण से पहले या तुरंत बाद मर जाती हैं। यह कई सप्ताह तक मिट्टी में सक्रिय रहती है और पूरे मौसम खरपतवार नियंत्रण देती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "गेहूं, धान, मक्का, सोयाबीन, दालें, कपास, मूंगफली, सब्ज़ियाँ",
  "weeds1": "वार्षिक घास (ईचिनोक्लोआ, डीजिटेरिया, साइनोडन आदि), कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (अमरंथस, चेनोपोडियम आदि)",
  "dose1": "800–1000 मिली",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–300 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: बुवाई या रोपाई के 0–3 दिन के अंदर प्री-इमर्जेंस अवस्था में नम मिट्टी पर छिड़काव करें।<br>नोट: छिड़काव के बाद कम से कम 7 दिन तक मिट्टी को न चलाएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर, 5 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• प्री-इमर्जेंस एवं प्रारंभिक पोस्ट-इमर्जेंस नियंत्रण: वार्षिक घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के अंकुरण को रोकता है।<br>• व्यापक फसल सुरक्षा: प्रमुख फसलें व सब्ज़ियों में पंजीकृत और सुरक्षित।<br>• लंबा असर: मिट्टी में कई सप्ताह तक असरदार।<br>• बेहतर फसल स्थापना: पोषक तत्व, धूप और पानी के लिए खरपतवार प्रतिस्पर्धा कम करता है।<br>• आसान प्रयोग: सामान्य स्प्रे उपकरण से छिड़काव करें।",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• नर्सरी या रोपी फसल में उपयोग न करें जब तक स्पष्ट अनुशंसा न हो।<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें।<br>• संवेदनशील फसलों पर ड्रिफ्ट से बचें।<br>• छिड़काव के बाद कम से कम 7 दिन तक सिंचाई या मिट्टी न चलाएं।<br>• खाद्य, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें।<br>• खाली डिब्बों को दोबारा प्रयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें।"
},
"parshuram71": {
  "breadcrumb_title": "पार्शुराम-71",
  "home": "होम",
  "title": "पार्शुराम-71 (ग्लायफोसेट 71% एसजी का अमोनियम लवण)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "पार्शुराम-71 एक नॉन-सेलेक्टिव, प्रणालीगत खरपतवारनाशी है जिसमें ग्लायफोसेट 71% एसजी का अमोनियम लवण होता है। यह पूर्व-रोपण, बाग-बगिचा, प्लांटेशन और गैर-फसल क्षेत्रों में घास, सैज व चौड़ी पत्ती सहित वार्षिक व बहुवर्षीय खरपतवारों के प्रभावी नियंत्रण के लिए उपयोगी है। पार्शुराम-71 शक्तिशाली खरपतवार नियंत्रण देता है और बुवाई से पूर्व खेत की सफाई या बागवानी फसलों में अंतर-पंक्ति खरपतवार नियंत्रण के लिए उपयुक्त है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "ग्लायफोसेट 71% एसजी का अमोनियम लवण खरपतवार की पत्तियों व हरे तनों से अवशोषित होकर पूरे पौधे, जड़ों व भूमिगत भागों तक पहुंचता है। यह शिकीमिक अम्ल मार्ग में ईपीएसपी सिंथेस एंजाइम को रोककर प्रोटीन संश्लेषण को अवरुद्ध करता है, जिससे पूरा पौधा धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल / उपयोग",
  "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "पड़ा हुआ खेत, पूर्व-रोपण, बाग-बगिचा, गैर-फसल क्षेत्र",
  "weeds1": "सभी वार्षिक व बहुवर्षीय खरपतवार (घास, सैज, चौड़ी पत्ती)",
  "dose1": "300–400 ग्राम",
  "crop2": "चाय, रबर, प्लांटेशन (डायरेक्टेड स्प्रे)",
  "weeds2": "वार्षिक व बहुवर्षीय खरपतवार",
  "dose2": "300–400 ग्राम",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: खरपतवार के ऊपर डायरेक्टेड स्प्रे करें (हरी फसल को छूने से बचें)। छिड़काव खरपतवार की सक्रिय वृद्धि अवस्था में करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 ग्राम × 100 पीस",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: वार्षिक व बहुवर्षीय (गहरे जड़ वाले भी) सभी खरपतवारों का नियंत्रण<br>• प्रणालीगत क्रिया: पूरे पौधे में फैलकर पुनः वृद्धि को रोकता है<br>• मृदा अवशेष नहीं: फसल चक्र के लिए सुरक्षित<br>• सघन व कुशल: सामान्य ग्लायफोसेट 41% एसएल की तुलना में कम मात्रा में प्रभावी<br>• बहुउद्देशीय: कृषि, बाग-बगिचा व औद्योगिक खरपतवार नियंत्रण में उपयोगी",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• छिड़काव का ड्रिफ्ट वांछित फसलों पर न जाए—यह किसी भी हरे हिस्से को नष्ट कर देगा<br>• तेज हवा या छिड़काव के 4–6 घंटे के भीतर वर्षा की संभावना हो तो प्रयोग न करें<br>• मिलाते/छिड़कते समय हमेशा दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा प्रयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें<br>• बच्चों, जानवरों, खाद्य/चारा भंडार से दूर रखें<br>• छिड़काव के बाद यंत्र अच्छी तरह साफ करें"
},
"toofanex": {
  "breadcrumb_title": "तूफानेक्स",
  "home": "होम",
  "title": "तूफानेक्स (मेसोट्रायोन 2.27% + एट्राजीन 2.27% ईडब्ल्यू)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "तूफानेक्स एक व्यापक स्पेक्ट्रम, चयनात्मक पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशी है जिसमें मेसोट्रायोन 2.27% + एट्राजीन 2.27% ईडब्ल्यू होता है। यह विशेष रूप से मक्का (कॉर्न) के खेतों में वार्षिक घास एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के प्रभावी नियंत्रण के लिए बनाया गया है। तूफानेक्स तेजी से असर करता है, खरपतवारों को नष्ट कर लंबे समय तक नियंत्रण देता है, जिससे मक्का की मजबूत स्थापना और अधिकतम उत्पादन सम्भव होता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "तूफानेक्स दो क्रिया विधियों को जोड़ता है:<br><b>मेसोट्रायोन</b> संवेदनशील खरपतवारों में HPPD एंजाइम को रोकता है, जिससे कैरोटेनॉयड संश्लेषण बंद हो जाता है, पत्तियाँ सफेद पड़कर सूख जाती हैं और खरपतवार मर जाते हैं।<br><b>एट्राजीन</b> प्रकाश संश्लेषण को अवरुद्ध करता है, जिससे क्लोरोप्लास्ट में इलेक्ट्रॉन परिवहन रुकता है और खरपतवार की वृद्धि रुकती है।<br>यह दोहरा असर विस्तृत खरपतवार नियंत्रण एवं प्रतिरोध रोकथाम सुनिश्चित करता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "मक्का",
  "weeds1": "वार्षिक घास एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (अमरंथस, चेनोपोडियम, डीजिटेरिया, ईचिनोक्लोआ, डैक्टिलोक्तेनियम आदि)",
  "dose1": "600–800 मिली",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: मक्का के 2–6 पत्तियाँ अवस्था और खरपतवार के 2–4 पत्तियाँ अवस्था में पोस्ट-इमर्जेंस के रूप में छिड़काव करें। समान रूप से छिड़काव हेतु ध्यान दें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "350 मि.ली., 700 मि.ली. और 1.4 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• दोहरा असर: दो क्रिया विधि से श्रेष्ठ खरपतवार नियंत्रण व प्रतिरोध प्रबंधन<br>• पोस्ट-इमर्जेंस नियंत्रण: अंकुरित खरपतवारों को भी नियंत्रित करता है, कठिन घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार भी<br>• लंबा असर: फसल की प्रारंभिक अवस्था में खेत को खरपतवारमुक्त रखता है<br>• मक्का के लिए सुरक्षित: अनुशंसित मात्रा व समय पर प्रयोग पर फसल को नुकसान नहीं<br>• उच्च उत्पादन में सहायक: प्रारंभिक प्रतिस्पर्धा घटाकर फसल को उन्नति का अवसर देता है",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल मक्का पर ही प्रयोग करें—अन्य फसलों (दालें, सब्ज़ियाँ, तिलहन आदि) पर हानिकारक<br>• अन्य पौधों व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या 6 घंटे के अंदर बारिश की संभावना हो तो छिड़काव न करें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा प्रयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"ladder": {
  "breadcrumb_title": "लैडर",
  "home": "होम",
  "title": "लैडर (टेम्बोट्रायोन 34.4% एससी एवं सर्फेक्टेंट)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "लैडर मक्का (कॉर्न) के लिए उन्नत, चयनात्मक पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशी है, जिसमें टेम्बोट्रायोन 34.4% एससी एवं बेहतर प्रभाव के लिए सर्फेक्टेंट मिला होता है। यह वार्षिक घासों और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का प्रभावी नियंत्रण करता है, यहां तक कि उन पर भी जो अन्य खरपतवारनाशियों के प्रति प्रतिरोधी हैं—जिससे स्वस्थ फसल विकास व अधिक उपज सुनिश्चित होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "टेम्बोट्रायोन 34.4% एससी खरपतवारों में HPPD एंजाइम (4-हाइड्रॉक्सीफिनाइलपाइरूवेट डाइऑक्सीजनज) को रोकता है, जिससे कैरोटेनॉयड संश्लेषण बाधित होता है। इससे पत्तियां सफेद होकर सूख जाती हैं और खरपतवार नष्ट हो जाते हैं। सर्फेक्टेंट खरपतवार की पत्तियों पर बेहतर फैलाव और अवशोषण सुनिश्चित करता है, जिससे प्रभावशीलता बढ़ती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "मक्का",
  "weeds1": "वार्षिक घासें एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (अमरंथस, डीजिटेरिया, ईचिनोक्लोआ, डैक्टिलोक्तेनियम, चेनोपोडियम आदि)",
  "dose1": "80–100 मिली (सर्फेक्टेंट लेबल अनुसार जोड़ें)",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: मक्का के 2–6 पत्तियों की अवस्था व खरपतवार के 2–4 पत्तियों की अवस्था में पोस्ट-इमर्जेंस के रूप में सर्फेक्टेंट के साथ छिड़काव करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "28.5मिली, 57मिली, 115मिली",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• उत्कृष्ट पोस्ट-इमर्जेंस नियंत्रण: कठिन वार्षिक घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को भी नियंत्रित करता है, जिनमें ALS व ट्रायाजीन प्रतिरोध हो<br>• कम मात्रा, उच्च शक्ति: प्रति एकड़ बहुत कम मात्रा पर्याप्त<br>• त्वरित असर: छिड़काव के कुछ दिनों में पत्तियों का सफेद पड़ना और सूखना दिखता है<br>• फसल सुरक्षित: अनुशंसित विधि से प्रयोग पर मक्का को कोई नुकसान नहीं<br>• अवशिष्ट नियंत्रण: प्रारंभिक वृद्धि में खेत को खरपतवारमुक्त रखता है<br>• आसान प्रयोग: सर्फेक्टेंट शामिल होने से फैलाव व अवशोषण बेहतर",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल मक्का पर ही प्रयोग करें<br>• तेज हवा या 6 घंटे के भीतर बारिश की संभावना हो तो छिड़काव न करें<br>• छिड़काव व मिश्रण के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• अन्य पौधों और जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा प्रयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"saarthi": {
  "breadcrumb_title": "सारथी",
  "home": "होम",
  "title": "सारथी (पायराज़ोसल्फ्यूरॉन एथाइल 10% डब्ल्यूपी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "सारथी (पायराज़ोसल्फ्यूरॉन एथाइल 10% डब्ल्यूपी) एक चयनात्मक, प्रणालीगत, पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशी है, जो रोपे गए व सीधे बोए गए धान में चौड़ी पत्ती, सैज और कुछ घास जैसे खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बनाया गया है। सारथी कम मात्रा में अत्यधिक प्रभावी है, लंबे समय तक खरपतवार नियंत्रण देता है, जिससे धान की फसल प्रारंभिक प्रतिस्पर्धा से मुक्त रहकर बढ़ती है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "पायराज़ोसल्फ्यूरॉन एथाइल खरपतवार की जड़ों व पत्तियों द्वारा अवशोषित होकर पूरे पौधे में जल्दी फैल जाता है। यह एएलएस (एसिटोलैक्टेट सिंथेस) एंजाइम को रोकता है, जो अमीनो अम्ल संश्लेषण के लिए आवश्यक है। इससे खरपतवारों की वृद्धि रुक जाती है और वे नष्ट हो जाते हैं।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_weeds": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "weeds1": "चौड़ी पत्ती (एक्लिप्टा अल्बा, लुडविगिया, अमानिया), सैज (सायपेरस जाति, फिम्ब्रिस्टाइलिस), कुछ घास (ईचिनोक्लोआ, लेप्टोक्लोआ)",
  "dose1": "80–100 ग्राम",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: खरपतवार के 2–4 पत्तियाँ अवस्था (धान 15–25 दिन पुराना हो) में पोस्ट-इमर्जेंस के रूप में छिड़काव करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "20 ग्राम, 40 ग्राम, 80 ग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: धान में प्रमुख चौड़ी पत्ती, सैज व घास जैसे खरपतवारों पर असरदार<br>• कम मात्रा, उच्च प्रभावशीलता: प्रति एकड़ बहुत कम मात्रा की आवश्यकता<br>• प्रणालीगत क्रिया: खरपतवार के भीतर फैलकर सम्पूर्ण नियंत्रण<br>• फसल के लिए सुरक्षित: अनुशंसित प्रयोग पर धान को कोई नुकसान नहीं<br>• लंबा असर: शेष क्रिया से कई हफ्ते तक खेत खरपतवारमुक्त<br>• आसान उपयोग: रोपे व सीधे बोए दोनों धान में प्रयोग संभव",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल धान के खेतों में प्रयोग करें, अन्य फसलों में नहीं<br>• तेज हवा या 6 घंटे के भीतर बारिश की संभावना हो तो छिड़काव न करें<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• संवेदनशील फसल व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों व जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा प्रयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"stopper": {
  "breadcrumb_title": "स्टॉपर",
  "home": "होम",
  "title": "स्टॉपर (थायोफेनेट मिथाइल 70% डब्ल्यूपी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "स्टॉपर (थायोफेनेट मिथाइल 70% डब्ल्यूपी) एक व्यापक स्पेक्ट्रम प्रणालीगत फफूंदनाशी है, जो फलों, सब्ज़ियों, दालों व अनाज में फफूंद रोगों के नियंत्रण के लिए अत्यधिक प्रभावी है। यह फसलों को लीफ स्पॉट, एन्थ्रेक्नोज़, स्कैब, फल सड़न व पाउडरी मिल्ड्यू से सुरक्षित रखता है, जिससे स्वस्थ वृद्धि व उच्च उत्पादन संभव है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "थायोफेनेट मिथाइल पौधों की पत्तियों द्वारा अवशोषित होकर ऊपर-नीचे फैलता है और सुरक्षा व उपचार दोनों क्रिया करता है। यह फफूंद कोशिका विभाजन को रोकता है, संक्रमण को फैलने नहीं देता और दीर्घकालिक रोग नियंत्रण करता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_disease": "लक्षित रोग",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "फल",
  "disease1": "स्कैब, फल सड़न, एन्थ्रेक्नोज़, लीफ स्पॉट, पाउडरी मिल्ड्यू",
  "dose1": "200–300 ग्राम",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "disease2": "लीफ स्पॉट, पाउडरी मिल्ड्यू, एन्थ्रेक्नोज़, फल सड़न",
  "dose2": "200–300 ग्राम",
  "crop3": "दालें",
  "disease3": "लीफ स्पॉट, एन्थ्रेक्नोज़, पाउडरी मिल्ड्यू",
  "dose3": "200–300 ग्राम",
  "crop4": "अनाज",
  "disease4": "लीफ स्पॉट, स्कैब, पाउडरी मिल्ड्यू",
  "dose4": "200–300 ग्राम",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–300 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: रोग के शुरुआती या रोकथाम के लिए पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 7–10 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम, 1 किलोग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: कई फसलों में फफूंद रोगों पर प्रभावी<br>• प्रणालीगत क्रिया: पौधे के भीतर जाकर सुरक्षा व उपचार दोनों<br>• लंबा असर: छिड़काव के बाद शेष रोग नियंत्रण<br>• बहुउद्देशीय उपयोग: फल, सब्ज़ियाँ, दालें, अनाज आदि में उपयुक्त<br>• उत्पादन वृद्धि: फसल को स्वस्थ रख अधिक उत्पादन संभव करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के समय छिड़काव से बचें<br>• ड्रिफ्ट से संवेदनशील फसलों या जलाशयों को बचाएं<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"hotmil": {
  "breadcrumb_title": "हॉटमिल",
  "home": "होम",
  "title": "हॉटमिल (मेटालेक्सिल 8% + मैंकोजेब 64% डब्ल्यूपी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "हॉटमिल (मेटालेक्सिल 8% + मैंकोजेब 64% डब्ल्यूपी) एक व्यापक स्पेक्ट्रम, दोहरी क्रिया वाला फफूंदनाशी है जो विभिन्न फसलों में डाउनी मिल्ड्यू, लेट ब्लाइट और अन्य प्रमुख फफूंद रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रयुक्त होता है। इसका संयुक्त फॉर्मूलेशन प्रणालीगत और संपर्क दोनों प्रकार की क्रिया देता है, जिससे फसलें बचाव व उपचार दोनों स्तरों पर सुरक्षित रहती हैं।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "हॉटमिल दो फफूंदनाशियों को मिलाकर शक्तिशाली सुरक्षा देता है:<br><b>मेटालेक्सिल</b> एक प्रणालीगत फफूंदनाशी है जो पत्तियों व जड़ों से अवशोषित होकर पौधे में ऊपर-नीचे फैलती है, नई वृद्धि को सुरक्षित करती है और फफूंद संक्रमण के इलाज में मदद करती है।<br><b>मैंकोजेब</b> एक संपर्क फफूंदनाशी है जो पौधों की सतह पर सुरक्षा कवच बनाती है, बीजाणु अंकुरण व रोग के प्रसार को रोकती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_disease": "लक्षित रोग",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "आलू",
  "disease1": "लेट ब्लाइट",
  "dose1": "400–600 ग्राम",
  "crop2": "टमाटर",
  "disease2": "लेट ब्लाइट, अर्ली ब्लाइट",
  "dose2": "400–600 ग्राम",
  "crop3": "अंगूर",
  "disease3": "डाउनी मिल्ड्यू",
  "dose3": "400–600 ग्राम",
  "crop4": "कुकुर्बिट्स",
  "disease4": "डाउनी मिल्ड्यू",
  "dose4": "400–600 ग्राम",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–300 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: रोग के पूर्वनिवारक या प्रारंभिक लक्षण पर पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 7–10 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "25 ग्राम (×20 पीस), 100 ग्राम (×50 पीस)",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• दोहरी क्रिया: प्रणालीगत व संपर्क फफूंदनाशी गुणों का संयोजन<br>• व्यापक नियंत्रण: डाउनी मिल्ड्यू, लेट ब्लाइट व अन्य प्रमुख फफूंद रोगों पर प्रभावी<br>• बचाव व उपचार: नई संक्रमण की रोकथाम और आरंभिक अवस्था में रोग का इलाज<br>• लंबा असर: छिड़काव के बाद शेष रोग नियंत्रण<br>• स्वस्थ विकास: उच्च उपज व बेहतर गुणवत्ता हेतु फसल को सुरक्षित रखता है",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के समय छिड़काव से बचें<br>• ड्रिफ्ट से संवेदनशील फसलों या जलाशयों को बचाएं<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"hexa5": {
  "breadcrumb_title": "हेक्सा 5+",
  "home": "होम",
  "title": "हेक्सा 5+ (हेक्साकोनाजोल 5% एससी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "हेक्सा 5+ (हेक्साकोनाजोल 5% एससी) एक प्रणालीगत फफूंदनाशी है, जो धान, फलों और सब्ज़ियों सहित कई फसलों में पाउडरी मिल्ड्यू व शीथ ब्लाइट सहित विभिन्न फफूंद रोगों के लिए अत्यधिक प्रभावी है। यह सुरक्षा, उपचार व उन्मूलन—तीनों क्रियाएँ करता है, जिससे लंबे समय तक रोग नियंत्रण व स्वस्थ फसल विकास सुनिश्चित होता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "हेक्साकोनाजोल पौधे द्वारा अवशोषित होकर पूरे भागों में पहुँचता है और फफूंद कोशिका झिल्ली के लिए आवश्यक एर्गोस्टेरॉल के जैवसंश्लेषण को रोकता है। इससे फफूंद वृद्धि रुक जाती है, त्वरित प्रभाव मिलता है और नई संक्रमण की संभावना कम होती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_disease": "लक्षित रोग",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "disease1": "शीथ ब्लाइट",
  "dose1": "200–300 मिली",
  "crop2": "फल",
  "disease2": "पाउडरी मिल्ड्यू, एन्थ्रेक्नोज़",
  "dose2": "200–300 मिली",
  "crop3": "सब्ज़ियाँ",
  "disease3": "पाउडरी मिल्ड्यू, एन्थ्रेक्नोज़, लीफ स्पॉट",
  "dose3": "200–300 मिली",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–300 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: रोग के पहले लक्षण या रोकथाम हेतु पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• प्रणालीगत क्रिया: पूरे पौधे में फैलकर लंबी सुरक्षा<br>• व्यापक नियंत्रण: पाउडरी मिल्ड्यू व शीथ ब्लाइट जैसे रोगों पर असरदार<br>• बचाव, उपचार व उन्मूलन: फफूंद संक्रमण को रोकता, नियंत्रित करता व मिटाता है<br>• फसल सुरक्षित: धान, फल व सब्ज़ियों में प्रयोग हेतु उपयुक्त<br>• फसल स्वास्थ्य में वृद्धि: बेहतर वृद्धि व उत्पादन सुनिश्चित करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश में छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों या जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"safeexpress": {
  "breadcrumb_title": "सेफ एक्सप्रेस",
  "home": "होम",
  "title": "सेफ एक्सप्रेस (कार्बेन्डाजिम 12% + मैंकोजेब 63% डब्ल्यूपी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "सेफ एक्सप्रेस (कार्बेन्डाजिम 12% + मैंकोजेब 63% डब्ल्यूपी) एक व्यापक स्पेक्ट्रम, दोहरी क्रिया वाला फफूंदनाशी है जो फलों, सब्ज़ियों, दालों और अनाज में विभिन्न फफूंद रोगों के नियंत्रण के लिए प्रयुक्त होता है। यह प्रणालीगत और संपर्क दोनों प्रकार की सुरक्षा देता है, जिससे रोकथाम व उपचार दोनों संभव हैं और फसलें स्वस्थ व उत्पादक रहती हैं।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "सेफ एक्सप्रेस दो शक्तिशाली फफूंदनाशियों का संयोजन है:<br><b>कार्बेन्डाजिम</b> एक प्रणालीगत फफूंदनाशी है, जो पौधे में अवशोषित होकर फैलता है और कोशिका विभाजन को रोककर फफूंद वृद्धि को रोकता है।<br><b>मैंकोजेब</b> एक संपर्क फफूंदनाशी है, जो पौधों की सतह पर सुरक्षा परत बनाता है और बीजाणु अंकुरण व रोग प्रसार को रोकता है।<br>यह दोहरी क्रिया प्रमुख फफूंद रोगों के खिलाफ व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित करती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_disease": "लक्षित रोग",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "फल",
  "disease1": "एन्थ्रेक्नोज़, स्कैब, फल सड़न, लीफ स्पॉट, पाउडरी मिल्ड्यू",
  "dose1": "400–600 ग्राम",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "disease2": "अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट, लीफ स्पॉट, एन्थ्रेक्नोज़, फल सड़न",
  "dose2": "400–600 ग्राम",
  "crop3": "दालें",
  "disease3": "लीफ स्पॉट, एन्थ्रेक्नोज़, पाउडरी मिल्ड्यू",
  "dose3": "400–600 ग्राम",
  "crop4": "अनाज",
  "disease4": "लीफ स्पॉट, रस्ट, ब्लाइट",
  "dose4": "400–600 ग्राम",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–300 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: रोग के पहले लक्षण या रोकथाम के लिए पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 7–10 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "20 ग्राम, 50 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम और 1 किलोग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• दोहरी क्रिया: पूरी सुरक्षा के लिए प्रणालीगत और संपर्क दोनों नियंत्रण<br>• व्यापक नियंत्रण: कई फसलों में अनेक रोगों पर असरदार<br>• बचाव व उपचार: नई संक्रमण की रोकथाम और प्रारंभिक अवस्था में इलाज<br>• लंबा असर: छिड़काव के बाद शेष सुरक्षा<br>• उच्च उत्पादन में सहायक: फसल को रोगमुक्त व उत्पादक बनाता है",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश में छिड़काव से बचें<br>• संवेदनशील फसल व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"sulphur": {
  "breadcrumb_title": "सल्फर 85% डीपी / सल्फर 80% डब्ल्यूडीजी",
  "home": "होम",
  "title": "सल्फर 85% डीपी / सल्फर 80% डब्ल्यूडीजी",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "सल्फर 85% डीपी (डस्टिंग पाउडर) और सल्फर 80% डब्ल्यूडीजी (वाटर-डिस्पर्सिबल ग्रैन्यूल) संपर्क फफूंदनाशी और माइटनाशी हैं, जो फलों, सब्ज़ियों और फील्ड फसलों में पाउडरी मिल्ड्यू, स्कैब, रस्ट व माइट्स के नियंत्रण के लिए व्यापक रूप से प्रयोग किए जाते हैं। ये फॉर्मूलेशन प्रभावी, फसल के लिए सुरक्षित और पौधों के लिए द्वितीयक पोषक तत्व भी हैं।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "सल्फर पौधों की सतह पर फफूंद कोशिकाओं के श्वसन को बाधित करता है, जिससे बीजाणु अंकुरण और वृद्धि रुकती है। यह संपर्क फफूंदनाशी व एकेरिसाइड के रूप में फफूंद व माइट्स के त्वरित नियंत्रण हेतु कार्य करता है और उपचारित सतहों पर सुरक्षा परत बनाता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित रोग / कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "फल",
  "pest1": "पाउडरी मिल्ड्यू, स्कैब, माइट्स",
  "dose1": "4–8 किग्रा (डीपी/डब्ल्यूडीजी)",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "पाउडरी मिल्ड्यू, माइट्स",
  "dose2": "4–8 किग्रा (डीपी/डब्ल्यूडीजी)",
  "crop3": "फील्ड फसलें",
  "pest3": "पाउडरी मिल्ड्यू, रस्ट, माइट्स",
  "dose3": "4–8 किग्रा (डीपी/डब्ल्यूडीजी)",
  "add_info": "डब्ल्यूडीजी (स्प्रे): 200–300 लीटर पानी प्रति एकड़<br>डीपी (डस्ट): पत्तियों पर सीधा डस्टिंग<br>विधि: रोग के पहले लक्षण पर या रोकथाम के लिए स्प्रे/डस्ट करें। आवश्यकता अनुसार 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "1 किलोग्राम पाउच, 5 किलोग्राम HDPE बैग और 1 किलोग्राम कार्डबोर्ड बॉक्स",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: फफूंद रोग (पाउडरी मिल्ड्यू, स्कैब, रस्ट) व माइट्स के लिए प्रभावी<br>• दोहरा फॉर्मूलेशन: डस्टिंग पाउडर व डब्ल्यूडीजी दोनों विकल्प<br>• संपर्क क्रिया: त्वरित व दिखने योग्य नियंत्रण<br>• फसल के लिए सुरक्षित व पोषक: फसलों के लिए सुरक्षित एवं सल्फर की पूर्ति<br>• शेष प्रभाव: छिड़काव के बाद कई दिनों तक सुरक्षा",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• संभालते व छिड़कते समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• 32°C से अधिक तापमान में प्रयोग से बचें<br>• वर्षा के समय या 6 घंटे के भीतर बारिश की संभावना हो तो प्रयोग न करें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"kavach": {
  "breadcrumb_title": "कवच",
  "home": "होम",
  "title": "कवच (कार्बेन्डाजिम 50% डब्ल्यूपी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "कवच (कार्बेन्डाजिम 50% डब्ल्यूपी) एक व्यापक स्पेक्ट्रम प्रणालीगत फफूंदनाशी है, जो विभिन्न फसलों में प्रमुख फफूंद रोगों के नियंत्रण के लिए प्रयुक्त होता है। यह फल, सब्ज़ी, दाल और अनाज में लीफ स्पॉट, ब्लाइट, एन्थ्रेक्नोज़, पाउडरी मिल्ड्यू व अन्य रोगों पर अत्यधिक प्रभावी है। कवच बचाव व उपचार दोनों रूप में कार्य करता है और फसल को स्वस्थ व रोगमुक्त बनाए रखता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "कार्बेन्डाजिम पौधों के ऊतकों में अवशोषित होकर फैलता है और कोशिका विभाजन में हस्तक्षेप कर फफूंद के विकास को रोकता है। यह प्रणालीगत क्रिया सुरक्षा व उपचार दोनों प्रदान करती है, जिससे संक्रमण फैलने से रुकता है व नई वृद्धि सुरक्षित रहती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_disease": "लक्षित रोग",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "फल",
  "disease1": "एन्थ्रेक्नोज़, लीफ स्पॉट, पाउडरी मिल्ड्यू, ब्लाइट",
  "dose1": "200–300 ग्राम",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "disease2": "लीफ स्पॉट, ब्लाइट, एन्थ्रेक्नोज़, पाउडरी मिल्ड्यू",
  "dose2": "200–300 ग्राम",
  "crop3": "दालें",
  "disease3": "लीफ स्पॉट, एन्थ्रेक्नोज़, ब्लाइट",
  "dose3": "200–300 ग्राम",
  "crop4": "अनाज",
  "disease4": "लीफ स्पॉट, ब्लाइट, रस्ट",
  "dose4": "200–300 ग्राम",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–300 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: रोग के पहले लक्षण या रोकथाम के लिए पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 7–10 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम, 1 किलोग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• प्रणालीगत क्रिया: पौधे में फैलकर संपूर्ण सुरक्षा<br>• व्यापक नियंत्रण: कई फसलों में अनेक रोगों पर असरदार<br>• बचाव व उपचार: नई संक्रमण की रोकथाम और प्रारंभिक अवस्था में इलाज<br>• लंबा असर: छिड़काव के बाद शेष रोग सुरक्षा<br>• फसल स्वास्थ्य में वृद्धि: उच्च उपज व गुणवत्ता हेतु मददगार",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश में छिड़काव से बचें<br>• संवेदनशील फसलों या जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"missile": {
  "breadcrumb_title": "मिसाइल",
  "home": "होम",
  "title": "मिसाइल (साइपरमेथ्रिन 25% ईसी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "मिसाइल (साइपरमेथ्रिन 25% ईसी) एक शक्तिशाली, व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशी है, जो कपास, सब्ज़ियाँ, दालें, अनाज व अन्य फील्ड फसलों में चबाने और चूसने वाले विभिन्न कीटों के नियंत्रण के लिए प्रयुक्त होती है। मिसाइल त्वरित नियंत्रण और लंबे समय तक शेष प्रभाव देती है, जिससे फसलों की बेहतर सुरक्षा और अधिक उत्पादन सुनिश्चित होता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "साइपरमेथ्रिन कीट के तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव करता है, सोडियम चैनल को अवरुद्ध कर तंत्रिका कोशिकाओं की क्रिया को बाधित करता है। इससे कीटों को लकवा मार जाता है और उनकी शीघ्र मृत्यु होती है। मिसाइल संपर्क व पेट की क्रिया दोनों से कीटों का नाश करती है और शेष प्रभाव से कई दिन तक सुरक्षा देती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "pest1": "बॉलवर्म, जैसिड, एफिड, थ्रिप्स",
  "dose1": "100–120 मिली",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, लीफ फोल्डर, कैटरपिलर",
  "dose2": "100–120 मिली",
  "crop3": "दालें",
  "pest3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर",
  "dose3": "100–120 मिली",
  "crop4": "अनाज",
  "pest4": "स्टेम बोरर, आर्मीवर्म, कटवर्म",
  "dose4": "100–120 मिली",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–250 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट प्रकोप की शुरुआत में या रोकथाम हेतु पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक कीट नियंत्रण: कई फसलों में चबाने व चूसने वाले कीटों पर प्रभावी<br>• त्वरित नियंत्रण: तुरंत असर के साथ फास्ट-एक्शन<br>• शेष प्रभाव: छिड़काव के बाद कई दिन तक सुरक्षा<br>• संपर्क व पेट क्रिया: सीधे संपर्क व खाने से कीटों का नाश<br>• बहुउद्देशीय प्रयोग: कपास, सब्ज़ी, दाल, अनाज आदि फसलों में उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के समय छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों या जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"furen3g": {
  "breadcrumb_title": "फ्यूरन 3जी",
  "home": "होम",
  "title": "फ्यूरन 3जी (कार्बोफ्यूरान 3% सीजी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "फ्यूरन 3जी (कार्बोफ्यूरान 3% सीजी) एक प्रणालीगत, व्यापक स्पेक्ट्रम दानेदार कीटनाशी है, जो मिट्टी में दीमक, जड़ छेदक, स्टेम बोरर, नेमाटोड आदि के नियंत्रण के लिए प्रमुख फसलों में प्रयोग होता है। फ्यूरन 3जी स्वस्थ जड़ों का विकास व अधिक उत्पादन सुनिश्चित करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "कार्बोफ्यूरान जड़ों द्वारा अवशोषित होकर पौधे में फैलता है। यह प्रणालीगत कीटनाशी है जो संपर्क व पेट क्रिया दोनों से कीटों का नियंत्रण करता है। जब मिट्टी के कीट उपचारित जड़ों को खाते या दानों के संपर्क में आते हैं, तो इनका तंत्रिका तंत्र प्रभावित होकर लकवा व मृत्यु हो जाती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "pest1": "जड़ एफिड, स्टेम बोरर, दीमक",
  "dose1": "8–10 किग्रा",
  "crop2": "मक्का",
  "pest2": "दीमक, रूट बोरर",
  "dose2": "8–10 किग्रा",
  "crop3": "गन्ना",
  "pest3": "दीमक, प्रारंभिक शूट बोरर",
  "dose3": "8–10 किग्रा",
  "crop4": "आलू",
  "pest4": "व्हाइट ग्रब्स, दीमक",
  "dose4": "8–10 किग्रा",
  "crop5": "सब्ज़ियाँ",
  "pest5": "रूट-नॉट नेमाटोड्स",
  "dose5": "8–10 किग्रा",
  "crop6": "गेहूं",
  "pest6": "दीमक",
  "dose6": "8–10 किग्रा",
  "add_info": "अनुप्रयोग: बोआई/रोपाई के समय दानों को मिट्टी में मिलाएँ या जड़ क्षेत्र में समान रूप से बिखेरें। अच्छे परिणाम के लिए हल्की सिंचाई करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "1 किग्रा, 5 किग्रा, 10 किग्रा",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक मिट्टी कीट नियंत्रण: प्रमुख फसलों में जड़ व मिट्टी के कीटों पर प्रभावी<br>• प्रणालीगत क्रिया: जड़ों द्वारा अवशोषित होकर पौधे को भीतर से सुरक्षा<br>• लंबा असर: अनुशंसित प्रयोग पर सीजनभर नियंत्रण<br>• प्रयोग में आसान: बोआई या रोपाई के समय दानों को फैला सकते हैं<br>• स्वस्थ जड़ों को बढ़ावा: छिपे कीटों व नेमाटोड से हानि कम करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• दाने संभालते समय दस्ताने व मास्क पहनें<br>• जलाशय या मछली तालाब के पास न डालें<br>• बच्चों व जानवरों से दूर रखें<br>• अनुशंसित मात्रा से अधिक न डालें<br>• खाली थैलों का खाद्य/चारे हेतु प्रयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें<br>• प्रयोग के बाद हाथ अच्छी तरह धोएँ"
},
"bheema": {
  "breadcrumb_title": "भीमा",
  "home": "होम",
  "title": "भीमा (एमामेक्टिन बेंजोएट 1.9% ईसी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "भीमा (एमामेक्टिन बेंजोएट 1.9% ईसी) एक अत्यंत प्रभावी, आधुनिक कीटनाशी है, जो सब्ज़ी, दाल व कपास में कैटरपिलर (लैपिडोप्टेरन) कीटों के नियंत्रण के लिए प्रयोग होती है। यह त्वरित नियंत्रण और लंबे समय तक सुरक्षा देती है, जिससे स्वस्थ फसल व अधिक उत्पादन सुनिश्चित होता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "एमामेक्टिन बेंजोएट मुख्य रूप से संपर्क व पेट क्रिया द्वारा असर करता है। संपर्क या सेवन के बाद कीट के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे लकवा व शीघ्र भोजन बंद होकर कुछ ही घंटों में मृत्यु होती है। भीमा बहुत कम मात्रा में असरदार है और लंबे समय तक सुरक्षा देता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "pest1": "बॉलवर्म कॉम्प्लेक्स (अमेरिकन, पिंक, स्पॉटेड), लीफ फोल्डर, स्पोडोप्टेरा",
  "dose1": "90–100 मिली",
  "crop2": "मिर्च",
  "pest2": "फ्रूट बोरर, थ्रिप्स, माइट",
  "dose2": "80–100 मिली",
  "crop3": "भिंडी",
  "pest3": "फ्रूट व शूट बोरर, लीफ फोल्डर",
  "dose3": "80–100 मिली",
  "crop4": "अरहर",
  "pest4": "पॉड बोरर (हेलिकोवर्पा आर्मिगेरा)",
  "dose4": "80–100 मिली",
  "crop5": "टमाटर",
  "pest5": "फ्रूट बोरर, लीफ माइनर",
  "dose5": "80–100 मिली",
  "crop6": "पत्ता गोभी",
  "pest6": "डायमंड बैक मॉथ",
  "dose6": "80–100 मिली",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट प्रकोप के समय पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "10 मिली, 50 मिली, 100 मिली, 250 मिली, 500 मिली",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• अत्यंत प्रभावी: कम मात्रा में प्रमुख कैटरपिलर कीट नियंत्रण<br>• त्वरित प्रभाव: कीटों में शीघ्र लकवा व भोजन बंद<br>• लंबा शेष प्रभाव: एक बार छिड़काव में लंबे समय तक सुरक्षा<br>• फसल के लिए सुरक्षित: अनुशंसित मात्रा में कोई फाइटोटॉक्सिसिटी नहीं<br>• प्रयोग में आसान: पानी में घुलनशील, सामान्य स्प्रेयर से उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के समय छिड़काव से बचें<br>• छिड़काव के तुरंत बाद बच्चे व पशु खेत में न जाएं<br>• प्रयोग के बाद हाथ व उपकरण अच्छी तरह साफ करें<br>• तेज क्षारीय पदार्थों के साथ न मिलाएँ<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें"
},
"current44": {
  "breadcrumb_title": "करंट 44+",
  "home": "होम",
  "title": "करंट 44+ (प्रोफेनोफॉस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% ईसी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "करंट 44+ एक शक्तिशाली संयोजन कीटनाशी है जिसमें प्रोफेनोफॉस 40% और साइपरमेथ्रिन 4% ईसी है। यह कपास और सब्ज़ी फसलों में चूसक और चबाने वाले कीटों का व्यापक व तालमेल से नियंत्रण करता है। दोहरी क्रिया विधि तेज नियंत्रण, लंबा असर और फसलों को सभी प्रमुख कीटों से सुरक्षा देती है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "प्रोफेनोफॉस एसिटाइलकोलिनेस्टरेज़ अवरोधक के रूप में कार्य करता है, कीटों के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और लकवा व मृत्यु लाता है।<br><br>साइपरमेथ्रिन कीटों के तंत्रिका तंत्र में सोडियम चैनल को बाधित करता है, जिससे शीघ्र लकवा और मृत्यु होती है।<br>संयोजन से संपर्क, पेट और प्रणालीगत सभी प्रकार की क्रिया मिलती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "pest1": "बॉलवर्म (अमेरिकन, पिंक, स्पॉटेड), एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स, स्पोडोप्टेरा",
  "dose1": "400–600 मिली",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, एफिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स, कैटरपिलर",
  "dose2": "400–600 मिली",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–250 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट प्रकोप के समय या रोकथाम के लिए पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• दोहरी क्रिया: चूसक और चबाने वाले कीटों दोनों पर नियंत्रण<br>• त्वरित प्रभाव: फसलों में तेज कीट मृत्यु व शीघ्र सुधार<br>• लंबा असर: छिड़काव के बाद कई दिन तक सुरक्षा<br>• व्यापक सुरक्षा: कपास, सब्ज़ी और अन्य फसलों के लिए असरदार<br>• स्वस्थ फसल वृद्धि: नुकसान कम, पैदावार अधिक",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के समय छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों या जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"vista": {
  "breadcrumb_title": "विस्टा",
  "home": "होम",
  "title": "विस्टा (इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एसएल)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "विस्टा (इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एसएल) एक अत्यंत प्रभावी प्रणालीगत कीटनाशी है, जो विभिन्न फसलों में प्रमुख चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए उपयोग होता है। यह कपास, सब्ज़ी, फल, गन्ना और अनाज में व्यापक रूप से अनुशंसित है। विस्टा एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई व थ्रिप्स जैसे कीटों को नियंत्रित कर स्वस्थ पौध व अधिक पैदावार सुनिश्चित करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "इमिडाक्लोप्रिड पौधे द्वारा शीघ्र अवशोषित होकर सभी भागों में पहुँचता है। यह चूसक कीटों के तंत्रिका तंत्र में निकोटिनिक एसीटाइलकोलिन रिसेप्टर से जुड़कर लकवा व मृत्यु लाता है। प्रणालीगत क्रिया से नया विकास भी सुरक्षित रहता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "pest1": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose1": "40–50 मिली",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose2": "40–50 मिली",
  "crop3": "फल",
  "pest3": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose3": "40–50 मिली",
  "crop4": "गन्ना",
  "pest4": "दीमक",
  "dose4": "40–50 मिली",
  "crop5": "अनाज",
  "pest5": "एफिड, जैसिड, थ्रिप्स",
  "dose5": "40–50 मिली",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट प्रकोप की शुरुआत में पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "50 मिली, 100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• अत्यंत प्रणालीगत: पौधे के सभी भागों में अंदरूनी सुरक्षा<br>• व्यापक चूसक कीट नियंत्रण: एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स पर असरदार<br>• त्वरित प्रभाव: शीघ्र कीट नियंत्रण व लंबा असर<br>• फसल के लिए सुरक्षित: अनेक फसलों के लिए अनुशंसित<br>• स्वस्थ वृद्धि: महत्वपूर्ण चरणों में सुरक्षा, अधिक उपज के लिए",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश में छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"senapati": {
  "breadcrumb_title": "सेनापति",
  "home": "होम",
  "title": "सेनापति (थायमेथोक्सम 30% एफएस)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "सेनापति (थायमेथोक्सम 30% एफएस) एक आधुनिक, प्रणालीगत कीटनाशी है जिसे बीज उपचार के लिए विशेष फ्लोवल फॉर्मूलेशन में बनाया गया है। यह धान, कपास, सोयाबीन, मक्का व सब्ज़ी में शुरुआती चूसक व मिट्टी के कीटों से लंबे समय तक सुरक्षा देता है। सेनापति बीज के अंकुरण व स्वस्थ पौधा विकास में सहायक है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "थायमेथोक्सम अंकुरित बीज द्वारा शीघ्र अवशोषित होकर पूरे पौधे में पहुँचता है। यह कीटों के तंत्रिका तंत्र में निकोटिनिक एसीटाइलकोलिन रिसेप्टर से जुड़कर लकवा व मृत्यु लाता है। यह बीज उपचार प्रारंभिक अवस्था में पौधे को भीतर से सुरक्षा देता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "pest1": "दीमक, प्रारंभिक शूट बोरर, स्टेम बोरर",
  "dose1": "100 मिली / 20 किग्रा बीज",
  "crop2": "कपास",
  "pest2": "एफिड, जैसिड, थ्रिप्स, व्हाइटफ्लाई",
  "dose2": "100 मिली / 20 किग्रा बीज",
  "crop3": "सोयाबीन",
  "pest3": "स्टेम फ्लाई, व्हाइटफ्लाई",
  "dose3": "100 मिली / 20 किग्रा बीज",
  "crop4": "मक्का",
  "pest4": "शूट फ्लाई, एफिड",
  "dose4": "100 मिली / 20 किग्रा बीज",
  "crop5": "सब्ज़ियाँ",
  "pest5": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose5": "100 मिली / 20 किग्रा बीज",
  "add_info": "विधि: आवश्यक मात्रा को स्वच्छ पानी में मिलाकर बीजों पर समान रूप से कोट करें। बीजों को छाया में सुखाएं।<br>समय: बोआई से ठीक पहले बीज उपचार करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "25 मि.ली., 50 मि.ली., 100 मि.ली., 250 मि.ली. और 500 मि.ली.",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• लंबी सुरक्षा: पौधों को शुरुआती कीट प्रकोप से बचाव<br>• प्रणालीगत क्रिया: पौधे के भीतर पूरे भाग में सुरक्षा<br>• स्वस्थ अंकुरण: पौधे की बढ़वार व संख्या में वृद्धि<br>• बहुविध फसलें: अनाज, दाल, सब्ज़ी, तिलहन आदि के लिए उपयुक्त<br>• प्रयोग में आसान: सुविधाजनक फ्लोवल बीज उपचार",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• बीज उपचार व हैंडलिंग के समय दस्ताने व मास्क पहनें<br>• उपचारित बीज को खाद्य, चारा या तेल निकालने के लिए न प्रयोग करें<br>• बच्चों, जानवरों, खाद्य उत्पादों से दूर रखें<br>• प्रत्यक्ष धूप, खाद्य व चारे से दूर स्टोर करें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"defence": {
  "breadcrumb_title": "डिफेन्स",
  "home": "होम",
  "title": "डिफेन्स (क्लोरांट्रानिलीप्रोल 18.5% एससी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "डिफेन्स (क्लोरांट्रानिलीप्रोल 18.5% एससी) एक नई पीढ़ी का, व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशी है, जो चावल, गन्ना, सब्ज़ी, दाल, फल आदि में प्रमुख कैटरपिलर कीटों के प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रयुक्त होता है। डिफेन्स त्वरित असर और लंबे समय तक सुरक्षा देता है, जिससे फसलें स्वस्थ और उपज बेहतर होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "क्लोरांट्रानिलीप्रोल एक प्रणालीगत व ट्रांसलामिनर कीटनाशी है, जो कीटों की मांसपेशियों की कोशिकाओं में रयनोडीन रिसेप्टर को सक्रिय कर लकवा व भोजन बंद कर देता है, जिससे कीट शीघ्र मर जाते हैं। यह बहुत कम मात्रा में असरदार है और छिड़काव के बाद कई दिन तक नियंत्रण देता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "pest1": "स्टेम बोरर, लीफ फोल्डर, व्हर्ल मैग्गट",
  "dose1": "60–80 मिली",
  "crop2": "गन्ना",
  "pest2": "प्रारंभिक शूट बोरर, टॉप बोरर, रूट बोरर",
  "dose2": "60–80 मिली",
  "crop3": "सब्ज़ियाँ",
  "pest3": "फ्रूट बोरर, स्टेम बोरर, कैटरपिलर",
  "dose3": "60–80 मिली",
  "crop4": "दालें",
  "pest4": "पॉड बोरर, कैटरपिलर",
  "dose4": "60–80 मिली",
  "crop5": "फल",
  "pest5": "फ्रूट बोरर, कैटरपिलर",
  "dose5": "60–80 मिली",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट दिखने पर या रोकथाम के लिए पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार दोहराएँ।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "10 मि.ली., 20 मि.ली., 60 मि.ली. और 150 मि.ली.",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• उन्नत अणु: कम मात्रा में प्रमुख कैटरपिलर कीट नियंत्रण<br>• त्वरित असर: लक्षित कीटों में शीघ्र लकवा व भोजन बंद<br>• लंबा असर: छिड़काव के बाद कई दिन तक सुरक्षा<br>• प्रणालीगत व ट्रांसलामिनर: पौधे व पत्तियों में गहराई तक असरदार<br>• मित्र कीटों के लिए सुरक्षित: निर्देशित उपयोग पर प्राकृतिक शत्रु सुरक्षित रहते हैं",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के समय छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},

"rafael": {
  "breadcrumb_title": "राफेल",
  "home": "होम",
  "title": "राफेल (थायमेथोक्सम 25% डब्ल्यूजी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "राफेल (थायमेथोक्सम 25% डब्ल्यूजी) एक अत्यंत प्रभावी प्रणालीगत कीटनाशी है, जो जल-प्रसारित दानों के रूप में उपलब्ध है। यह कपास, सब्ज़ियाँ व फल आदि की फसलों में एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स जैसे प्रमुख चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए अनुशंसित है। राफेल त्वरित कीट नियंत्रण और लंबे समय तक फसल सुरक्षा प्रदान करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "थायमेथोक्सम पौधों द्वारा अवशोषित होकर पूरे पौधे में फैलता है और कीटों के तंत्रिका तंत्र पर असर करता है। यह निकोटिनिक एसीटाइलकोलिन रिसेप्टर से जुड़कर कीट को लकवा व मृत्यु देता है। इसकी प्रणालीगत क्रिया छिड़काव के बाद नए विकास को भी सुरक्षित रखती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "pest1": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose1": "40–80 ग्राम",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose2": "40–80 ग्राम",
  "crop3": "फल",
  "pest3": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose3": "40–80 ग्राम",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट प्रकोप के समय पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "5 ग्राम, 10 ग्राम, 40 ग्राम, 80 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम और 500 ग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• अत्यंत प्रणालीगत: पौधे के सभी भागों को नई वृद्धि सहित सुरक्षा<br>• व्यापक कीट नियंत्रण: प्रमुख चूसक कीटों का कुशल नियंत्रण<br>• त्वरित असर: शीघ्र कीट नियंत्रण व फसल में सुधार<br>• लंबा असर: छिड़काव के बाद विस्तृत अवशिष्ट सुरक्षा<br>• फसल के लिए सुरक्षित: कई प्रकार की फसलों में उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश में छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें"
},
"killer": {
  "breadcrumb_title": "किलर",
  "home": "होम",
  "title": "किलर (थायमेथॉक्साम 1.0% + क्लोरांट्रानिलीप्रोल 0.5% जीआर)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "किलर एक शक्तिशाली ग्रेन्युलर कीटनाशी है जिसमें थायमेथॉक्साम (1.0% w/w) और क्लोरांट्रानिलीप्रोल (0.5% w/w) का द्वि-क्रियात्मक संयोजन है। मिट्टी में प्रयोग हेतु विकसित यह उत्पाद धान, मक्का और गन्ने में तना छेदक, पत्ती लपेटक, जड़ छेदक/रूट बोरर तथा प्लांटहॉपर जैसे आरंभिक कीटों पर लंबे समय तक प्रभावी नियंत्रण देता है। किलर शीघ्रता से कीटों का भोजन बंद कराता है, जिससे पौधे स्वस्थ रूप से स्थापित होते हैं और प्रारंभिक वृद्धि मजबूत होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "• थायमेथॉक्साम (नियोनिकोटिनॉइड): कीटों के निकोटिनिक एसिटाइलकोलीन रिसेप्टर से बंधकर तंत्रिका सिग्नल संचरण बाधित करता है, जिससे भोजन करना तुरंत बंद हो जाता है और लकवा उत्पन्न होता है।<br>• क्लोरांट्रानिलीप्रोल (डायमाइड): रयानोडीन रिसेप्टर को सक्रिय कर मांसपेशियों में कैल्शियम संतुलन बिगाड़ता है, परिणामस्वरूप मांसपेशीय लकवा और मृत्यु होती है।<br>• संयुक्त प्रभाव (नर्व + मसल): मिट्टी/जड़ क्षेत्र से अवशोषण के साथ तेज नॉकडाउन और दीर्घकालिक संरक्षण।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान (पैडी)",
  "pest1": "तना छेदक, पत्ती लपेटक, ग्रीन लीफ हॉपर, ब्राउन प्लांटहॉपर",
  "dose1": "2.4 किग्रा",
  "crop2": "मक्का",
  "pest2": "तना छेदक, माहू (एफिड)",
  "dose2": "2.4 किग्रा",
  "crop3": "गन्ना",
  "pest3": "अर्ली शूट बोरर (सेट/प्लांटिंग उपचार)",
  "dose3": "4.0 किग्रा",
  "add_info": "प्रयोग: ग्रेन्युल्स को खेत में समान रूप से प्रसारण (ब्रॉडकास्ट) करें।<br>• सर्वोत्तम अवशोषण हेतु मिट्टी में हल्की नमी/धान में हल्का खड़ा पानी बनाए रखें।<br>• गन्ने में सेट्स/फरो में रोपाई के समय ग्रेन्युल्स डालें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "1 किग्रा, 4 किग्रा, 10 किग्रा",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• द्वि-क्रिया: नर्व + मसल डिसरप्शन से तेज़ और पूर्ण कीट नियंत्रण<br>• लंबी अवधि की सुरक्षा: मिट्टी/जड़ क्षेत्र में विस्तारित नियंत्रण<br>• आरंभिक अवस्था के लिए उपयुक्त: फसल की मजबूत स्थापना<br>• चूसक व कटक—दोनों प्रकार के कीटों पर प्रभावी<br>• ग्रेन्युलर फॉर्मुलेशन: समान वितरण, उपयोग में आसान<br>• फसल हानि में कमी: शुरुआती क्षति घटाकर बेहतर वृद्धि",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• मधुमक्खियों के लिए विषाक्त — फूल आने की अवस्था में प्रयोग से बचें<br>• तालाब/नहर/जल स्रोतों को प्रदूषित न करें<br>• प्रयोग के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• धूल/कणों को श्वास द्वारा अंदर न लें; त्वचा से सीधे संपर्क से बचें<br>• 24 घंटे का पुनःप्रवेश अंतराल (REI) पालन करें<br>• खाद्य/चारे, बच्चों व पशुओं से दूर, ताला लगे स्थान पर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुनः उपयोग न करें",
  "best_time_tab": "उत्तम प्रयोग समय",
  "best_time": "• धान: प्रारंभिक वानस्पतिक/टिलरिंग अवस्था या प्रारंभिक कीट दबाव पर<br>• मक्का: फसल स्थापना के समय या बोरर गतिविधि की आशंका पर<br>• गन्ना: रोपाई/सेट लगाने के समय (सेट उपचार)"
},
"karan": {
  "breadcrumb_title": "करन",
  "home": "होम",
  "title": "करन (थायमेथोक्सम 75% डब्ल्यूजी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "करन (थायमेथोक्सम 75% डब्ल्यूजी) एक अत्यंत प्रभावी प्रणालीगत कीटनाशी है, जो जल-प्रसारित दानों के रूप में उपलब्ध है। यह कपास, सब्ज़ियाँ और फल जैसी फसलों में एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स जैसे प्रमुख चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए उपयोग होता है। करन त्वरित कीट नियंत्रण, लंबी अवशिष्ट क्रिया और फसल की सुरक्षा प्रदान करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "थायमेथोक्सम पौधों द्वारा अवशोषित होकर सभी ऊतकों में फैल जाता है और कीट के तंत्रिका तंत्र पर असर करता है, निकोटिनिक एसीटाइलकोलिन रिसेप्टर से जुड़कर लकवा और मृत्यु लाता है। छिड़काव के बाद नई वृद्धि को भी प्रणालीगत सुरक्षा मिलती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "pest1": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose1": "40–80 ग्राम",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose2": "40–80 ग्राम",
  "crop3": "फल",
  "pest3": "एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose3": "40–80 ग्राम",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 150–200 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट प्रकोप के समय पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार दोहराएँ।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "5 ग्राम, 10 ग्राम, 40 ग्राम, 80 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• प्रणालीगत क्रिया: पौधे के सभी भागों में जाकर नई वृद्धि को सुरक्षित करता है<br>• व्यापक चूसक कीट नियंत्रण: एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स का प्रभावी नियंत्रण<br>• त्वरित असर: शीघ्र कीट नियंत्रण व फसल में सुधार<br>• लंबी अवशिष्ट क्रिया: छिड़काव के बाद कई दिनों तक सुरक्षा<br>• फसल के लिए सुरक्षित: कई फसलों के लिए उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज हवा या बारिश में छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को नियमानुसार नष्ट करें, दोबारा उपयोग न करें"
},
"dragon": {
  "breadcrumb_title": "ड्रैगन",
  "home": "होम",
  "title": "ड्रैगन (क्लोरोपाइरीफॉस 20% ईसी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "ड्रैगन (क्लोरोपाइरीफॉस 20% ईसी) एक दानेदार, संपर्क और गैसीय कीटनाशी है जिसे मिट्टी में डालने के लिए बनाया गया है। यह धान, गेहूं, गन्ना, मक्का और मूंगफली जैसी फसलों में दीमक, जड़ छेदक, तना छेदक और सफेद लट जैसे मिट्टी के कीटों के प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है। ड्रैगन जड़ों की सुरक्षा और स्वस्थ फसल की स्थापना में मदद करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "क्लोरोपाइरीफॉस 20% ईसी मिट्टी में संपर्क और गैसीय दोनों तरह से कार्य करता है। मिट्टी में मिलाने पर सक्रिय तत्व निकलता है, जो सीधे संपर्क या श्वसन द्वारा मिट्टी व जड़ के कीटों के तंत्रिका तंत्र को बाधित कर लकवे व मृत्यु का कारण बनता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "pest1": "दीमक, जड़ छेदक, तना छेदक",
  "dose1": "4–5 किग्रा",
  "crop2": "मक्का",
  "pest2": "दीमक, जड़ छेदक",
  "dose2": "4–5 किग्रा",
  "crop3": "गेहूं",
  "pest3": "दीमक, सफेद लट",
  "dose3": "4–5 किग्रा",
  "crop4": "गन्ना",
  "pest4": "दीमक, अर्ली शूट बोरर",
  "dose4": "4–5 किग्रा",
  "crop5": "मूंगफली",
  "pest5": "दीमक, सफेद लट",
  "dose5": "4–5 किग्रा",
  "add_info": "उपयोग: बीजारोपण/रोपाई के समय या मिट्टी पर समान रूप से ग्रेन्युल्स डालें, फिर हल्की सिंचाई करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "पैकिंग साइज: 50 मि.ली., 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली. और 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक मिट्टी कीट नियंत्रण: दीमक, जड़ छेदक, तना छेदक, सफेद लट पर प्रभावी<br>• लंबी अवशिष्ट क्रिया: छिड़काव के बाद फसल की सुरक्षा<br>• संपर्क व गैसीय क्रिया: मिट्टी व जड़ क्षेत्र में कीट नियंत्रण<br>• स्वस्थ फसल स्थापना में सहायक: कीट दबाव कम कर बेहतर विकास व उत्पादन<br>• प्रयोग में आसान: छिड़काव या फरो में बीजारोपण के समय डाल सकते हैं",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• ग्रेन्युल्स डालते समय दस्ताने, मास्क व सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• मछली तालाब, कुएं या जलाशयों के पास प्रयोग न करें<br>• अनुशंसित मात्रा से अधिक प्रयोग न करें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों व जानवरों से दूर रखें<br>• खाली बैग सुरक्षित तरीके से नष्ट करें, दोबारा प्रयोग न करें<br>• उपयोग के बाद हाथ अच्छी तरह धोएँ"
},
"dynamite": {
  "breadcrumb_title": "डायनामाइट",
  "home": "होम",
  "title": "डायनामाइट (Cypermethrin 10% EC)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "डायनामाइट (Cypermethrin 10% EC) एक व्यापक प्रभाव वाला तेज़ असर करने वाला कीटनाशक है, जो कपास, सब्ज़ियाँ, दलहन और अनाज फसलों में चबाने व चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए उपयोग किया जाता है। यह त्वरित प्रभाव और लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे फसल की बेहतर वृद्धि और अधिक उत्पादन सुनिश्चित होता है।",
  
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "Cypermethrin कीटों के तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालता है और सोडियम चैनलों को बाधित करके तंत्रिका संकेतों को रोक देता है। इससे कीटों को लकवा मार जाता है और उनकी मृत्यु हो जाती है। यह संपर्क और पेट दोनों माध्यम से कार्य करता है तथा लंबे समय तक फसल की सुरक्षा प्रदान करता है।",
  
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "मात्रा प्रति हेक्टेयर",

  "crop1": "कपास",
  "pest1": "डायमंड बैक मॉथ, कटवर्म, बॉलवर्म, ब्लू बीटल, स्पोडोप्टेरा",
  "dose1": "500 मि.ली – 1 लीटर",

  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "फल छेदक, फली छेदक, लीफ फोल्डर, इल्ली",
  "dose2": "500 मि.ली – 1 लीटर",

  "crop3": "दलहन",
  "pest3": "फली छेदक, इल्ली",
  "dose3": "500 मि.ली – 1 लीटर",

  "crop4": "धान",
  "pest4": "तना छेदक, आर्मीवर्म, कटवर्म",
  "dose4": "500 मि.ली – 1 लीटर",

  "add_info": "छिड़काव हेतु पानी: 500–1000 लीटर प्रति हेक्टेयर।<br><b>पानी में 1.0–2.0 मि.ली प्रति लीटर मिलाकर छिड़काव करें। कीटों की प्रारंभिक अवस्था में छिड़काव करने से सर्वोत्तम परिणाम मिलते हैं।</b>",

  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 मि.ली, 250 मि.ली, 500 मि.ली, 1 लीटर",

  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: विभिन्न प्रकार के चबाने व चूसक कीटों पर प्रभावी<br>• त्वरित असर: कीटों पर तुरंत प्रभाव दिखाता है<br>• लंबी सुरक्षा: छिड़काव के बाद कई दिनों तक सुरक्षा<br>• संपर्क एवं पेट क्रिया: सीधे संपर्क और भोजन के माध्यम से कीट नियंत्रण<br>• बहुउपयोगी: कपास, सब्ज़ियाँ, दलहन और अनाज फसलों के लिए उपयुक्त",

  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• तेज़ हवा या बारिश में छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों और जल स्रोतों से दूर रखें<br>• बच्चों, जानवरों और खाद्य सामग्री से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को पुनः उपयोग न करें और नियमानुसार नष्ट करें"
},

"dada505": {
  "breadcrumb_title": "डाडा 505",
  "home": "होम",
  "title": "डाडा 505(क्लोरपाइरिफॉस 50% + साइपरमेथ्रिन 5% EC)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "डाडा 505(क्लोरपाइरिफॉस 50% + साइपरमेथ्रिन 5% EC) एक व्यापक स्पेक्ट्रम संयोजन कीटनाशी है, यह कपास, सब्ज़ियों और अन्य फील्ड फसलों में चूसक और चबाने वाले दोनों प्रकार के कीटों के त्वरित और लंबे समय तक नियंत्रण के लिए डिज़ाइन किया गया है। ड्यूल मोड ऑफ एक्शन फास्ट नॉकडाउन और लंबे समय तक बचाव सुनिश्चित करता है, जिससे फसलें सभी प्रमुख कीटों से सुरक्षित रहती हैं।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "प्रोफेनोफॉस एक एसीटाइलकोलिनेस्टरेज इन्हिबिटर के रूप में कार्य करता है, जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और लक्षित कीटों में लकवा और मृत्यु का कारण बनता है।<br><br>सायपरमेथ्रिन कीट की नर्व मेम्ब्रेन में सोडियम चैनल फंक्शन को बाधित करता है, जिससे त्वरित लकवा और मृत्यु होती है।<br>यह संयोजन संपर्क, पेट और प्रणालीगत क्रिया के साथ व्यापक कीट नियंत्रण देता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "pest1": "बॉलवर्म (अमेरिकन, पिंक, स्पॉटेड), एफिड, जैसिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स, स्पोडोप्टेरा",
  "dose1": "400–600 मि.ली.",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, एफिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स, कैटरपिलर",
  "dose2": "400–600 मि.ली.",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–250 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट प्रकोप की प्रारंभिक अवस्था या रोकथाम के लिए पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएँ।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• ड्यूल मोड ऑफ एक्शन: चूसक और चबाने वाले दोनों कीटों पर प्रभावी<br>• त्वरित असर: शीघ्र कीट मृत्यु और फसल सुधार<br>• लंबी अवशिष्ट क्रिया: छिड़काव के बाद लंबे समय तक सुरक्षा<br>• व्यापक नियंत्रण: कपास, सब्ज़ियाँ व अन्य फील्ड फसलों में उपयोगी<br>• उत्पादन में वृद्धि: नुकसान कम कर स्वस्थ वृद्धि को प्रोत्साहित करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज़ हवा या बारिश में छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को नियमानुसार नष्ट करें, दोबारा उपयोग न करें"
},
"bullet": {
  "breadcrumb_title": "बुलेट",
  "home": "होम",
  "title": "बुलेट (लैम्बडा-साइहेलोथ्रिन 5% ईसी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "बुलेट (लैम्बडा-साइहेलोथ्रिन 5% ईसी) एक तीव्र-प्रभावी, व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशी है, जो कपास, सब्ज़ियाँ, दलहन और अनाज जैसी फसलों में चबाने और चूसने वाले प्रमुख कीटों के नियंत्रण के लिए उपयुक्त है। यह त्वरित असर और लंबी फसल सुरक्षा देता है, जिससे स्वस्थ वृद्धि और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित होता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "सायपरमेथ्रिन कीट के तंत्रिका तंत्र पर असर करता है, सोडियम चैनल को ब्लॉक कर नर्व सिग्नल बाधित करता है। इससे कीट को लकवा और शीघ्र मृत्यु होती है। बुलेट संपर्क व पेट क्रिया दोनों से असर करता है और अवशिष्ट सुरक्षा देता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "pest1": "बॉलवर्म, जैसिड, एफिड, थ्रिप्स",
  "dose1": "100–120 मि.ली.",
  "crop2": "सब्ज़ियाँ",
  "pest2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, लीफ फोल्डर, कैटरपिलर्स",
  "dose2": "100–120 मि.ली.",
  "crop3": "दलहन",
  "pest3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर्स",
  "dose3": "100–120 मि.ली.",
  "crop4": "अनाज",
  "pest4": "स्टेम बोरर, आर्मीवर्म, कटवर्म",
  "dose4": "100–120 मि.ली.",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: 200–250 लीटर पानी प्रति एकड़<br>विधि: कीट प्रकोप की प्रारंभिक अवस्था या रोकथाम के लिए पत्तियों पर छिड़काव करें। आवश्यकता अनुसार 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएँ।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: चबाने और चूसने वाले कीटों पर प्रभावी<br>• त्वरित असर: तत्काल कीट मृत्यु<br>• अवशिष्ट सुरक्षा: छिड़काव के बाद कई दिनों तक फसल सुरक्षा<br>• संपर्क व पेट क्रिया: सीधे संपर्क और खाने से कीट नष्ट<br>• बहुउपयोगी: कपास, सब्ज़ियाँ, दलहन, अनाज आदि फसलों में उपयोगी",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिश्रण व छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क, सुरक्षात्मक वस्त्र पहनें<br>• तेज़ हवा या बारिश में छिड़काव न करें<br>• संवेदनशील फसलों व जलाशयों पर ड्रिफ्ट से बचें<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को नियमानुसार नष्ट करें, दोबारा उपयोग न करें"
},
"kridan": {
  "breadcrumb_title": "क्री-दान",
  "home": "होम",
  "title": "क्री-दान (कार्टैप हाइड्रोक्लोराइड 4% जीआर)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "क्री-दान (कार्टैप हाइड्रोक्लोराइड 4% जीआर) एक प्रणालीगत दानेदार कीटनाशी है, जो धान व अन्य फील्ड फसलों में मिट्टी में डालने के लिए है। यह तना छेदक, पत्ती लपेटक व अन्य मिट्टी व शुरुआती अवस्था के कीटों के नियंत्रण में प्रभावी व लंबा असर देता है। क्री-दान स्वस्थ जड़ व फसल विकास में मदद करता है, जिससे पौधे मजबूत और कीट-मुक्त रहते हैं।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "कार्टैप हाइड्रोक्लोराइड पौधों की जड़ों द्वारा अवशोषित होकर पूरे पौधे में फैलता है। यह कीटों के तंत्रिका तंत्र पर असर करता है, जिससे लकवा व मृत्यु होती है। क्री-दान संपर्क व पेट क्रिया दोनों से कीटों को नियंत्रित करता है, जिससे मिट्टी व पत्तियों के कीटों पर असरदार है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "pest1": "तना छेदक, पत्ती लपेटक",
  "dose1": "8–10 किग्रा",
  "crop2": "गन्ना",
  "pest2": "अर्ली शूट बोरर",
  "dose2": "8–10 किग्रा",
  "crop3": "सब्ज़ियाँ",
  "pest3": "मिट्टी व पत्तियों के कीट",
  "dose3": "8–10 किग्रा",
  "add_info": "उपयोग: रोपाई/बुवाई के 7–15 दिन बाद समान रूप से ग्रेन्युल्स छिड़कें। बेहतर परिणाम हेतु 2–3 दिन तक खेत में हल्का पानी रखें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "1 किग्रा, 5 किग्रा, 10 किग्रा",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: प्रमुख मिट्टी और शुरुआती कीटों पर असरदार<br>• प्रणालीगत क्रिया: जड़ों द्वारा अवशोषित होकर पौधे में फैलता है<br>• लंबा असर: डालने के बाद अवशिष्ट नियंत्रण<br>• स्वस्थ फसल विकास: जड़ व पौध वृद्धि को समर्थन<br>• प्रयोग में आसान: मिट्टी में छिड़काव हेतु सुविधाजनक दानेदार फॉर्म",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• ग्रेन्युल्स डालते समय दस्ताने व मास्क पहनें<br>• मछली तालाब या जल स्रोत के पास प्रयोग न करें<br>• बच्चों, जानवरों, खाद्य/चारा से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को नियमानुसार नष्ट करें, दोबारा उपयोग न करें<br>• उपयोग के बाद हाथ अच्छी तरह धोएँ"
},
"koram": {
  "breadcrumb_title": "कोरम",
  "home": "होम",
  "title": "कोरम (क्लोरांट्रानिलीप्रोल 0.4% डब्ल्यू/डब्ल्यू जीआर)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "कोरम (क्लोरांट्रानिलीप्रोल 0.4% डब्ल्यू/डब्ल्यू जीआर) अगली पीढ़ी का प्रणालीगत दानेदार कीटनाशी है, जिसे धान की फसल में मिट्टी में डालने के लिए बनाया गया है। यह तना छेदक और पत्ती लपेटक के नियंत्रण में अत्यंत प्रभावी है, फसल की प्रारंभिक वृद्धि अवस्था में लंबे समय तक सुरक्षा देता है। कोरम मजबूत जड़ विकास और स्वस्थ, कीट-मुक्त पौधों को प्रोत्साहित करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "क्लोरांट्रानिलीप्रोल कीट की मांसपेशी कोशिकाओं में रयानोडीन रिसेप्टर को सक्रिय कर लकवा और मृत्यु लाता है। मिट्टी में डालने पर यह पौधे की जड़ों द्वारा अवशोषित होकर पौधे में प्रणालीगत रूप से फैलता है और प्रमुख लीपिडोप्टेरन कीटों से भीतर से सुरक्षा देता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "pest1": "तना छेदक, पत्ती लपेटक",
  "dose1": "4 किग्रा",
  "add_info": "उपयोग: रोपाई के 10–15 दिन बाद स्थायी पानी में ग्रेन्युल्स समान रूप से छिड़कें।<br><b>छिड़काव के बाद 2–3 दिन तक खेत में 3–5 सेमी पानी का स्तर बनाए रखें।</b>",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "1 किग्रा, 4 किग्रा, 10 किग्रा",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• अत्यंत प्रभावी: कम मात्रा में प्रमुख धान कीटों का नियंत्रण<br>• लंबी सुरक्षा: छिड़काव के बाद कई सप्ताह तक नियंत्रण<br>• प्रणालीगत क्रिया: जड़ों द्वारा अवशोषित होकर पौधे में फैलता है<br>• धान के लिए सुरक्षित: सही प्रयोग पर कोई दुष्प्रभाव नहीं<br>• प्रयोग में आसान: फील्ड में छिड़काव हेतु ग्रेन्युलर फॉर्मूला",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• ग्रेन्युल्स डालते समय दस्ताने और मास्क पहनें<br>• मछली तालाब या जल स्रोत के पास प्रयोग न करें<br>• बच्चों, जानवरों, खाद्य/चारा से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को नियमानुसार नष्ट करें, दोबारा उपयोग न करें<br>• उपयोग के बाद हाथ अच्छी तरह धोएँ"
},
"sultan": {
  "breadcrumb_title": "सुलतान",
  "home": "होम",
  "title": "सुलतान (फिप्रोनील 0.3% जीआर)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "सुलतान (फिप्रोनील 0.3% जीआर) एक व्यापक स्पेक्ट्रम प्रणालीगत दानेदार कीटनाशी है, जो धान व अन्य फसलों में मिट्टी में डालने हेतु उपयुक्त है। यह तना छेदक, पत्ती लपेटक व अन्य मिट्टी व शुरुआती अवस्था के कीटों पर प्रभावी व लंबा नियंत्रण देता है। सुलतान स्वस्थ, कीट-मुक्त फसल स्थापना और बेहतर उत्पादन में मदद करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "फिप्रोनील कीट की नर्व कोशिकाओं में GABA नियंत्रित क्लोराइड चैनल को बाधित करता है, जिससे लकवा और मृत्यु होती है। यह पौधों की जड़ों द्वारा अवशोषित होकर पौधे में प्रणालीगत रूप से फैलता है, जिससे संपर्क व प्रणालीगत दोनों तरह की सुरक्षा मिलती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_pest": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "pest1": "तना छेदक, पत्ती लपेटक",
  "dose1": "4 किग्रा",
  "add_info": "उपयोग: रोपाई के 10–15 दिन बाद स्थायी पानी में ग्रेन्युल्स समान रूप से छिड़कें।<br><b>बेहतर परिणाम के लिए 2–3 दिन तक खेत में 3–5 सेमी पानी का स्तर बनाए रखें।</b>",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "1 किग्रा, 4 किग्रा, 10 किग्रा",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• अत्यंत प्रभावी: कम मात्रा में तना छेदक व पत्ती लपेटक का नियंत्रण<br>• लंबी क्रिया: कई सप्ताह तक बचाव<br>• प्रणालीगत व संपर्क क्रिया: पौधों को भीतर व बाहर से सुरक्षा<br>• धान के लिए सुरक्षित: निर्देशित उपयोग पर कोई दुष्प्रभाव नहीं<br>• प्रयोग में आसान: सीधे मिट्टी में डालने हेतु सुविधाजनक दानेदार फॉर्म",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• ग्रेन्युल्स डालते समय दस्ताने और मास्क पहनें<br>• मछली तालाब या जल स्रोत के पास प्रयोग न करें<br>• बच्चों, जानवरों, खाद्य/चारा से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों को नियमानुसार नष्ट करें, दोबारा उपयोग न करें<br>• उपयोग के बाद हाथ अच्छी तरह धोएँ"
},
"maxto": {
  "breadcrumb_title": "मैक्स टू",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "मैक्स टू (प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर / एनर्जाइज़र)",
  "desc": "मैक्स टू एक प्रीमियम प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर और फसल एनर्जाइज़र है, जिसे संतुलित पौध वृद्धि, बेहतर पुष्पन व फल सेटिंग तथा कुल उत्पादकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। यह अनाज, दलहन, तिलहन, सब्ज़ी और फल फसलों सहित कई फसलों में उपयोग के लिए उपयुक्त है। मैक्स टू पौधों को तनाव स्थितियों से उबरने में मदद करता है, जड़ विकास को मज़बूत बनाता है और स्वस्थ, अधिक उपज वाली फसल सुनिश्चित करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "मैक्स टू पौधों की चयापचय गतिविधियों और एंज़ाइमेटिक क्रियाओं को सक्रिय करता है, जिससे पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण और वृद्धि होती है। यह क्लोरोफिल निर्माण को प्रोत्साहित करता है, प्रकाश संश्लेषण दक्षता बढ़ाता है और पौध हार्मोन संतुलन में सुधार करता है, जिससे शाकीय और प्रजनन वृद्धि दोनों प्रबल होती हैं।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्ष्य / लाभ",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "अनाज",
  "target1": "टिलरिंग में सुधार और फसल की शक्ति बढ़ाता है",
  "dose1": "200–300 मि.ली.",
  "crop2": "दलहन",
  "target2": "फलियों का गठन और समान वृद्धि में सुधार",
  "dose2": "200–300 मि.ली.",
  "crop3": "तिलहन",
  "target3": "शाखाओं, पुष्पन और बेहतर पॉड सेटिंग को प्रोत्साहित करता है",
  "dose3": "200–300 मि.ली.",
  "crop4": "सब्ज़ियां",
  "target4": "पुष्पन, फल सेट और फल की गुणवत्ता में सुधार",
  "dose4": "200–300 मि.ली.",
  "crop5": "फल",
  "target5": "पुष्पन को बढ़ावा, फूल झड़ना कम, आकार में सुधार",
  "dose5": "200–300 मि.ली.",
  "add_info": "प्रयोग: प्रारंभिक शाकीय और प्री-फ्लावरिंग अवस्था में पर्ण छिड़काव करें। फसल वृद्धि और मौसम के अनुसार 15–20 दिन के अंतराल पर आवश्यकता पड़ने पर दोहराएँ।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., और 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• फसल वृद्धि में वृद्धि: जड़ और तने के विकास को प्रोत्साहित करता है<br>• पुष्पन व फलन में सुधार: बेहतर फूल आरंभ और फल धारण<br>• तनाव सहनशीलता बेहतर: जलवायु व पोषक तनाव से उबरने में सहायक<br>• उपज व गुणवत्ता में बढ़ोतरी: उच्च उत्पादकता और बेहतर गुणवत्ता<br>• बहुउपयोगी: सभी प्रमुख फसलों और वृद्धि अवस्थाओं में उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा ही प्रयोग करें; अधिक मात्रा न दें<br>• बेहतर अवशोषण के लिए सुबह जल्दी या शाम को छिड़काव करें<br>• पुष्ट संगतता के बिना अधिक क्षारीय उत्पादों के साथ न मिलाएँ<br>• सीधे सूर्यप्रकाश, भोजन/चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"parakram50": {
  "breadcrumb_title": "पराक्रम-50",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "पराक्रम-50 (पाइमे‍ट्रोज़ीन 50% WP)",
  "desc": "पराक्रम-50 (पाइमे‍ट्रोज़ीन 50% WP) एक प्रणालीगत कीटनाशी है, जिसे विशेष रूप से रस चूसने वाले और छेदकर भोजन करने वाले कीटों जैसे ब्राउन प्लांटहॉपर (BPH), लीफहॉपर, एफिड्स और व्हाइटफ्लाई के नियंत्रण के लिए बनाया गया है। यह अनोखे ‘फीडिंग इनहिबिशन’ तंत्र से कीटों का भोजन करना तुरंत रोक देता है, जिससे भूख से उनकी मृत्यु हो जाती है। पराक्रम-50 धान सहित उन फसलों के लिए उपयुक्त है जिन पर रस चूसने वाले कीटों का प्रकोप होता है, और लंबे समय तक सुरक्षा व बेहतर पौध स्वास्थ्य प्रदान करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "पाइमे‍ट्रोज़ीन कीटों के सामान्य भोजन व्यवहार में हस्तक्षेप करता है और स्टायलट (रस चूसने वाले मुखभाग) की गति को नियंत्रित करने वाले तंत्रिका संकेतों को बाधित करता है। संपर्क के कुछ ही मिनटों में कीट भोजन बंद कर देते हैं, स्टायलट वापस खींच लेते हैं और अंततः भूख से मर जाते हैं। यह कीटों की गतिशीलता और प्रजनन को भी कम करता है, जिससे फसल क्षति और पुनरुत्थान घटता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "धान",
  "target1": "ब्राउन प्लांटहॉपर (BPH), लीफहॉपर",
  "dose1": "120–150 ग्राम",
  "crop2": "सब्ज़ियां",
  "target2": "एफिड्स, व्हाइटफ्लाई, जसिड्स",
  "dose2": "120–150 ग्राम",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "एफिड्स, लीफहॉपर",
  "dose3": "120–150 ग्राम",
  "crop4": "फल",
  "target4": "व्हाइटफ्लाई, लीफहॉपर",
  "dose4": "120–150 ग्राम",
  "add_info": "प्रयोग: प्रति एकड़ लगभग 200 लीटर पानी के साथ पर्ण छिड़काव करें। पत्तियों की निचली सतह पर अच्छी कवरेज दें जहाँ रस चूसने वाले कीट भोजन करते हैं। बेहतर परिणाम के लिए निम्फ अवस्था में या कम कीट घनत्व पर प्रारम्भिक स्प्रे करें। अत्यधिक गर्मी या सूखे तनाव की स्थिति में छिड़काव से बचें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक साइज: 120 ग्राम और 250 ग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• विशिष्ट फीडिंग इनहिबिशन: संपर्क के कुछ ही मिनटों में कीटों का भोजन रोकता है<br>• अत्यधिक लक्ष्य-विशिष्ट: रस चूसने वाले कीटों पर प्रभावी; निर्देशानुसार उपयोग पर लाभकारी कीटों पर न्यून प्रभाव<br>• लंबे समय तक नियंत्रण: BPH और अन्य हॉपर पर सस्टेन्ड सुरक्षा<br>• फसल स्वास्थ्य में सुधार: रस क्षति और पौधों के रुककर बढ़ने की समस्या को कम करता है<br>• प्रतिरोध प्रबंधन अनुकूल: IPM में अन्य वर्गों के साथ रोटेशन हेतु उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• हैंडलिंग और छिड़काव के समय सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने और मास्क पहनें<br>• धूल या स्प्रे मिस्ट को साँस में लेने से बचें<br>• जल स्रोतों के पास या तेज़ हवाओं में छिड़काव न करें<br>• प्री-हार्वेस्ट और री-एंट्री अंतराल लेबल के अनुसार पालन करें<br>• शेष स्प्रे और कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुनः उपयोग न करें<br>• परागणकर्ताओं की सक्रियता के समय छिड़काव से बचें<br>• प्रतिरोध से बचाव हेतु अलग मोड-ऑफ-एक्शन वाले कीटनाशकों के साथ रोटेशन करें"
},

"falconultra": {
  "breadcrumb_title": "फाल्कन अल्ट्रा",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "फाल्कन अल्ट्रा (फिप्रोनिल 0.6% जीआर)",
  "desc": "फाल्कन अल्ट्रा (फिप्रोनिल 0.6% जीआर) फिनाइलपायराज़ोल समूह का व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशी है, जो संपर्क और निगलने—दोनों क्रियाओं से कार्य करता है। यह धान सहित विभिन्न फसलों में तना छेदक, लीफ फोल्डर, रूट बोरर और दीमक जैसे मिट्टी तथा प्रारंभिक अवस्था के कीटों पर लंबे समय तक नियंत्रण प्रदान करता है। दानेदार संरचना मिट्टी में समान वितरण और जड़ों द्वारा अवशोषण सुनिश्चित करती है, जिससे पौधों की स्वस्थ और कीट-मुक्त स्थापना होती है。",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "फिप्रोनिल कीटों के तंत्रिका तंत्र में GABA-नियंत्रित क्लोराइड चैनलों को अवरुद्ध करता है, जिससे तंत्रिकाओं में अति-उत्तेजना, लकवा, भोजन बंद होना, संतुलन खोना और अंततः मृत्यु होती है। फाल्कन अल्ट्रा संपर्क और निगलने—दोनों प्रकार की क्रिया से जड़ से पत्तियों तक समग्र नियंत्रण देता है。",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "धान",
  "target1": "स्टेम बोरर, लीफ फोल्डर, रूट बोरर, दीमक",
  "dose1": "4 किग्रा",
  "crop2": "मक्का",
  "target2": "रूट फीडर्स, रूट बोरर",
  "dose2": "4 किग्रा",
  "crop3": "गन्ना",
  "target3": "अर्ली शूट बोरर, दीमक",
  "dose3": "4 किग्रा",
  "add_info": "प्रयोग: फाल्कन अल्ट्रा ग्रेन्युल्स को रेत या उर्वरक के साथ मिलाकर खेत में समान रूप से छिड़कें। धान में छिड़काव के बाद 2–3 दिनों तक 2–3 सेमी पानी का स्तर बनाए रखें ताकि समान वितरण और प्रभावी अवशोषण हो। प्रारंभिक प्रकोप पर या रोपाई के तुरंत बाद प्रयोग करें。",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 1 किग्रा, 4 किग्रा और 10 किग्रा",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• व्यापक नियंत्रण: प्रमुख मिट्टी एवं प्रारंभिक अवस्था के कीटों पर प्रभावी<br>• संपर्क व निगलने की क्रिया: अंदर और बाहर दोनों तरह से कीटों का नाश<br>• लंबा अवशिष्ट प्रभाव: बार-बार छिड़काव की आवश्यकता कम<br>• स्वस्थ जड़ विकास: फसल की सशक्त स्थापना और वृद्धि सुनिश्चित<br>• उपयोग में सरल: दानेदार फॉर्मुलेशन; निर्देशानुसार प्रयोग पर सुरक्षित",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• हैंडलिंग और ब्रॉडकास्टिंग के दौरान दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• दानों के सीधे संपर्क से बचें और धूल को श्वास में न लें<br>• जल स्रोतों के पास या भारी वर्षा के दौरान प्रयोग न करें<br>• उपचारित क्षेत्र से बच्चों, पशुओं और लोगों को दूर रखें<br>• बचे हुए दाने और खाली कंटेनर का सुरक्षित निपटान करें; पुनः उपयोग न करें"
},
"inspector": {
  "breadcrumb_title": "इंस्पेक्टर",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "इंस्पेक्टर (इमिडाक्लोप्रिड 70% WG)",
  "desc": "इंस्पेक्टर (इमिडाक्लोप्रिड 70% WG) एक प्रणालीगत नियोनिकोटिनॉइड कीटनाशी है, जो एफिड्स, जसिड्स, व्हाइटफ्लाई, लीफहॉपर और प्लांटहॉपर जैसे रस चूसने/छेदकर भोजन करने वाले कीटों पर अत्यंत प्रभावी है। यह पौधे के ऊतकों द्वारा अवशोषित होकर पूरे पौधे में संचरित होता है, जिससे लंबी अवधि की सुरक्षा मिलती है। इंस्पेक्टर धान, कपास, सब्ज़ियों और दलहन जैसी प्रमुख फसलों में स्वस्थ वृद्धि, कम कीट क्षति और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "इमिडाक्लोप्रिड निकोटिनिक एसीटाइलकोलिन रिसेप्टर का एगोनिस्ट है, जो कीटों में तंत्रिका संकेत संचरण को बाधित करता है। इससे भोजन करना बंद हो जाता है, लकवा, समन्वय की कमी और अंततः मृत्यु होती है। इसकी प्रणालीगत क्रिया पौधे में घूमते हुए पुरानी और नई दोनों वृद्धि को आंतरिक/बाहरी रूप से भोजन करने वाले कीटों से सुरक्षित रखती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "धान",
  "target1": "ब्राउन प्लांटहॉपर (BPH), व्हाइटबैक्ड प्लांटहॉपर (WBPH)",
  "dose1": "30–35 ग्राम/हे. (≈12–15 ग्राम/एकड़)",
  "crop2": "कपास",
  "target2": "जसिड्स, एफिड्स, थ्रिप्स, व्हाइटफ्लाई",
  "dose2": "12–15 ग्राम",
  "crop3": "सब्ज़ियां",
  "target3": "एफिड्स, जसिड्स, व्हाइटफ्लाई, लीफहॉपर",
  "dose3": "12–15 ग्राम",
  "crop4": "दलहन",
  "target4": "एफिड्स, लीफहॉपर, थ्रिप्स",
  "dose4": "12–15 ग्राम",
  "add_info": "प्रयोग: कीट जनसंख्या कम होने पर या प्रारंभिक प्रकोप (निम्फ/यंग स्टेज) में पर्ण छिड़काव करें। विशेषकर पत्तियों की निचली सतह पर अच्छी कवरेज दें। तेज हवा या वर्षा की स्थिति में छिड़काव न करें। दोहराव केवल पुनः प्रकोप होने पर करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक साइज: 2 ग्राम (×10 पीस), 10 ग्राम (×5 पीस) और 30 ग्राम (×2 पीस)",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• प्रणालीगत क्रिया: उपचारित और नई वृद्धि दोनों की रक्षा<br>• व्यापक नियंत्रण: अनेक रस चूसने वाले कीटों पर प्रभावी<br>• शीघ्र भोजन-रोध: संपर्क के बाद कीट जल्दी भोजन बंद करते हैं<br>• लंबा अवशिष्ट प्रभाव: कई दिनों तक सुरक्षा<br>• फसल के लिए सुरक्षित: कम मात्रा में प्रभावी, IPM के अनुकूल",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• हैंडलिंग और स्प्रे के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• जल स्रोतों, पुष्पित पौधों या परागणकर्ताओं की सक्रियता के समय स्प्रे न करें<br>• धूल/स्प्रे मिस्ट को श्वास में न लें; त्वचा के सीधे संपर्क से बचें<br>• अनुशंसित मात्रा से अधिक उपयोग न करें, अन्यथा फाइटोटॉक्सिसिटी हो सकती है<br>• भोजन/चारा, बच्चों और पशुओं से दूर संग्रहित करें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},

"maxflower": {
  "breadcrumb_title": "मैक्स फ्लावर",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "मैक्स फ्लावर (नाइट्रोबेंज़ीन 20% EW)",
  "desc": "मैक्स फ्लावर (नाइट्रोबेंज़ीन 20% EW) एक प्रीमियम प्लांट ग्रोथ प्रमोटर और फ्लॉवरिंग स्टिम्युलेंट है, जो शाकीय वृद्धि को बढ़ाता है, पुष्पन तीव्रता में सुधार करता है तथा फल/फली सेटिंग बढ़ाता है। यह पौधों की चयापचय गतिविधि को सक्रिय कर बेहतर पोषक अवशोषण, क्लोरोफिल निर्माण और संतुलित वृद्धि को बढ़ावा देता है। अनाज, दलहन, तिलहन, सब्ज़ी और फल फसलों सहित व्यापक फसलों में उपयुक्त, यह उच्च उपज और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने में सहायक है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "मैक्स फ्लावर में उपस्थित नाइट्रोबेंज़ीन पौधों की शारीरिक प्रक्रियाओं को सक्रिय करता है, जिससे एंज़ाइम और हार्मोन संतुलन में सुधार होता है, प्रकाश संश्लेषण व प्रोटीन संश्लेषण बढ़ते हैं। इसके परिणामस्वरूप ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि, तेज़ पुष्पन तथा बेहतर फल सेटिंग होती है। यह पत्तियों द्वारा अवशोषण और ट्रांसलोकेशन से कार्य करता है, जिससे कुछ ही दिनों में दृश्य परिणाम मिलते हैं।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्ष्य / लाभ",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "अनाज",
  "target1": "जोशीली वृद्धि और टिलरिंग को बढ़ावा",
  "dose1": "200–250 मि.ली.",
  "crop2": "दलहन",
  "target2": "शाकीय वृद्धि और फली गठन में सुधार",
  "dose2": "200–250 मि.ली.",
  "crop3": "तिलहन",
  "target3": "शाखाओं, पुष्पन और दाना भराव में सुधार",
  "dose3": "200–250 मि.ली.",
  "crop4": "सब्ज़ियां",
  "target4": "पुष्पन, फल सेटिंग और समान वृद्धि में वृद्धि",
  "dose4": "200–250 मि.ली.",
  "crop5": "फल",
  "target5": "पुष्पन को बढ़ावा, फूल झड़ना कम, फल आकार में सुधार",
  "dose5": "200–250 मि.ली.",
  "add_info": "प्रयोग: प्रति एकड़ 150–200 लीटर पानी में मिलाकर पर्ण छिड़काव करें। सर्वोत्तम परिणाम हेतु प्री-फ्लावरिंग और फ्लावरिंग अवस्थाओं में प्रयोग करें। फसल और वृद्धि अवस्था के अनुसार 15–20 दिन के अंतराल पर दोहराएँ।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., और 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• पुष्पन को उत्तेजित करता है: जल्दी और अधिक फूल, बेहतर ब्लूम क्वालिटी<br>• फल सेट में सुधार: फूल झड़ना कम कर फल/फली धारण बढ़ाता है<br>• शाकीय वृद्धि में बढ़ोतरी: मज़बूत टहनियाँ और जड़ों का विकास<br>• उपज में वृद्धि: समग्र फसल प्रदर्शन और उत्पादकता में सुधार<br>• बहुउपयोगी: सभी प्रमुख फील्ड व बागवानी फसलों में उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• मिश्रण और छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• तेज़ हवा में या वर्षा से ठीक पहले स्प्रे न करें<br>• अत्यधिक क्षारीय रसायनों के साथ न मिलाएँ<br>• गैर-लक्षित पौधों या जल स्रोतों पर स्प्रे बहाव से बचें<br>• भोजन/चारा, बच्चों और पशुओं से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सही निपटान करें; पुनः उपयोग न करें"
},

"mukti20": {
  "breadcrumb_title": "मुक्ति-20",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "मुक्ति-20 (मेटसल्फ्यूरॉन मिथाइल 20% WP)",
  "desc": "मुक्ति-20 (मेटसल्फ्यूरॉन मिथाइल 20% WP) एक अत्यधिक प्रभावी, चयनात्मक पोस्ट-इमर्जेन्स शाकनाशी है, जो गेहूँ, धान और गन्ना जैसी फसलों में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों तथा कुछ सेज (साइपरेसी) पर उत्कृष्ट नियंत्रण देता है। बहुत कम मात्रा में भी यह लंबे समय तक खरपतवार दबाव कम रखता है, जिससे फसल की महत्वपूर्ण प्रारम्भिक वृद्धि अवस्था में खेत साफ रहते हैं। इसकी प्रणालीगत क्रिया और बेहतर फसल चयनात्मकता स्वस्थ और अधिक उत्पादक खेत सुनिश्चित करती है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "• सल्फोनिलयूरिया समूह का शाकनाशी; ALS (एसीटोलैक्टेट सिंथेस) एंजाइम को अवरुद्ध करता है, जो शाखित अमीनो अम्ल (वेलीन, ल्यूसीन, आइसोल्यूसीन) के संश्लेषण हेतु आवश्यक है<br>• ALS अवरोध के कारण कोशिका विभाजन रुक जाता है और खरपतवार की वृद्धि थम जाती है; पत्तियों व जड़ों से अवशोषित होकर पूरे पौधे में संचरित होता है<br>• दृश्य लक्षण: नई पत्तियों का पीला पड़ना (क्लोरोसिस), बौनी वृद्धि व शीर्ष/जड़ अवरोध, तथा छिड़काव के 2–3 सप्ताह में खरपतवार का नाश",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "गेहूँ",
  "target1": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (Chenopodium, Melilotus, Anagallis, Fumaria spp.)",
  "dose1": "4–8 ग्राम",
  "crop2": "धान",
  "target2": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार एवं सेज",
  "dose2": "4–8 ग्राम",
  "crop3": "गन्ना",
  "target3": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
  "dose3": "4–8 ग्राम",
  "add_info": "प्रयोग: खरपतवार की 2–4 पत्ती अवस्था में, सक्रिय वृद्धि के समय पोस्ट-इमर्जेन्स स्प्रे करें। सूखा/अत्यधिक गर्मी या तनावग्रस्त खरपतवार की स्थिति में स्प्रे न करें। फ्लैट-फैन नोज़ल से महीन बूंदों के साथ समान छिड़काव सुनिश्चित करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक साइज: 40 ग्राम (8 ग्राम × 5), 80 ग्राम (8 ग्राम × 10), 160 ग्राम (8 ग्राम × 20), 320 ग्राम (8 ग्राम × 40)",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• कम मात्रा में उच्च प्रभाव: बहुत कम डोज़ पर भी उत्कृष्ट नियंत्रण<br>• प्रणालीगत क्रिया: पत्तियों व जड़ों से अवशोषित होकर पूरे खरपतवार में संचरण<br>• व्यापक नियंत्रण: प्रमुख चौड़ी पत्ती व कुछ सेज खरपतवारों का उन्मूलन<br>• लंबा अवशिष्ट प्रभाव: कई सप्ताह तक खेत खरपतवार-मुक्त रहते हैं<br>• फसल-सुरक्षित: अनुशंसित फसलों पर निर्देशानुसार उपयोग पर सुरक्षित",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा ही प्रयोग करें; अधिक मात्रा संवेदनशील पौधों को हानि पहुँचा सकती है<br>• स्प्रे बहाव से गैर-लक्षित फसलों व शोभाकारी पौधों को बचाएँ<br>• तेज़ हवा में या जल स्रोतों के निकट स्प्रे न करें<br>• छिड़काव व हैंडलिंग के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• असंगत रसायनों के साथ न मिलाएँ; संदेह होने पर जार टेस्ट करें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुनः उपयोग न करें"
},




"mycore": {
  "breadcrumb_title": "माइकोर",
  "home": "होम",
  "title": "माइकोर (बायो-स्टिम्युलेंट / मृदा स्वास्थ्य)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "माइकोर एक उन्नत बायो-स्टिम्युलेंट और मृदा स्वास्थ्य संवर्द्धक है, जो फसल की शक्ति, जड़ विकास और मृदा उर्वरता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लाभकारी सूक्ष्मजीव गतिविधि को बढ़ाकर और मृदा संरचना में सुधार कर, माइकोर फसलों को तनाव सहन करने, पोषक तत्व अवशोषण में सुधार और मजबूत व टिकाऊ उत्पादन में सहायक है। यह सभी फसलों व मृदा प्रकारों के लिए उपयुक्त है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "माइकोर लाभकारी मृदा सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को प्रोत्साहित करता है और मृदा की जैविक मात्रा को बढ़ाता है। यह क्रिया मृदा संरचना व वायु संचरण को सुधारती है, जिससे पोषक तत्व पौधों के लिए अधिक उपलब्ध होते हैं। साथ ही यह जड़ों की मजबूती, बेहतर नमी संरक्षण और पर्यावरणीय तनावों के प्रति प्रतिरोध बढ़ाता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_benefit": "लक्षित / लाभ",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "सभी फसलें (अनाज, दलहन, सब्ज़ी, फल, तिलहन)",
  "benefit1": "मृदा स्वास्थ्य सुधार, जड़ वृद्धि, फसल शक्ति में बढ़ोतरी",
  "dose1": "2–3 किग्रा या 2–3 लीटर (फॉर्मूलेशन के अनुसार)",
  "add_info": "प्रयोग: बुवाई/रोपाई के समय मिट्टी में घोलकर या कम्पोस्ट/एफवाईएम में मिलाकर छिड़काव करें। मृदा स्वास्थ्य सुधार हेतु किसी भी अवस्था में उपयोग कर सकते हैं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "1 किग्रा, 5 किग्रा (ग्रेन्युल) / 1 लीटर, 5 लीटर (लिक्विड)",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• मृदा उर्वरता में सुधार: जैविक मात्रा व सूक्ष्मजीव बढ़ाएँ<br>• जड़ वृद्धि: गहरी और स्वस्थ जड़ों का विकास<br>• फसल शक्ति में बढ़ोतरी: मजबूत व अधिक टिकाऊ पौधे<br>• तनाव कम करें: सूखा, गर्मी आदि तनाव में मददगार<br>• टिकाऊ खेती: सभी फसलों व मृदा प्रकारों के लिए सुरक्षित व पर्यावरण हितैषी",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें, अधिक मात्रा न डालें<br>• मिट्टी में समान वितरण हेतु अच्छी तरह मिलाएँ<br>• खाद्य, चारा, बच्चों, जानवरों से दूर रखें<br>• खाली डिब्बों का दोबारा उपयोग न करें, नियमानुसार नष्ट करें",
  "best_time_tab": "उत्तम प्रयोग समय",
  "best_time": "बुवाई/रोपाई के समय, व मृदा स्वास्थ्य सुधार हेतु किसी भी अवस्था में"
},
"maxpower": {
  "breadcrumb_title": "मैक्स पावर लिक्विड",
  "home": "होम",
  "title": "मैक्स पावर लिक्विड (नाइट्रोबेंजीन 20% ईडब्ल्यू)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "मैक्स पावर लिक्विड (नाइट्रोबेंजीन 20% ईडब्ल्यू) एक शक्तिशाली पौधा ऊर्जा वर्धक और फूल आने को प्रोत्साहित करने वाला उत्पाद है, जो पौधों की तेज़ वृद्धि, अधिक फूल और बेहतर फल सेटिंग को बढ़ावा देता है। यह अनाज, दलहन, तिलहन, सब्ज़ियों और फलों सहित विभिन्न फसलों में उपयोग के लिए उपयुक्त है। मैक्स पावर लिक्विड पौधों को शारीरिक तनाव से उबरने में मदद करता है, जिससे बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता प्राप्त होती है।",
  "mode_tab": "कार्रवाई का तरीका",
  "mode": "मैक्स पावर लिक्विड में मौजूद नाइट्रोबेंजीन पौधों के चयापचय को बढ़ाता है, एंजाइम गतिविधि को तेज करता है और वृद्धि हार्मोन के उत्पादन को प्रोत्साहित करता है। यह प्रकाश संश्लेषण को बढ़ावा देता है, क्लोरोफिल निर्माण में मदद करता है और पोषक तत्वों के अवशोषण को सुधारता है, जिससे हरी-भरी वृद्धि, अधिक फूल और समान रूप से फल सेटिंग होती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_benefit": "लक्ष्य / लाभ",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",

  "crop1": "अनाज",
  "benefit1": "फूल आने की उत्तेजना, फसल वृद्धि में बढ़ोतरी",
  "dose1": "200–250 मि.ली.",

  "crop2": "दलहन",
  "benefit2": "फूल और फली बनने में वृद्धि",
  "dose2": "200–250 मि.ली.",

  "crop3": "तिलहन",
  "benefit3": "फूल धारण और बीज बनने में सुधार",
  "dose3": "200–250 मि.ली.",

  "crop4": "सब्ज़ियां",
  "benefit4": "फूल और फल सेटिंग में सुधार",
  "dose4": "200–250 मि.ली.",

  "crop5": "फल",
  "benefit5": "फल सेटिंग और समानता में वृद्धि",
  "dose5": "200–250 मि.ली.",

  "add_info": "स्प्रे मात्रा: प्रति एकड़ 150–200 लीटर पानी। विधि: फूल आने से पहले और फल सेटिंग के समय पत्तों पर छिड़काव करें। आवश्यकता पड़ने पर 15–20 दिनों के बाद दोहराएं।",

  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., और 1 लीटर पैक",

  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• फूल आने को बढ़ावा देता है: जल्दी और अधिक मात्रा में फूल आने को प्रोत्साहित करता है<br>• फल सेटिंग में वृद्धि: फल धारण और समानता को सुधारता है<br>• पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है: तेज़ शाकीय और प्रजनन वृद्धि में मदद करता है<br>• तनाव से उबरना: जलवायु और पोषण संबंधी तनाव से पौधों को शीघ्र पुनर्प्राप्ति में मदद करता है<br>• बहुउद्देश्यीय उपयोग: सभी प्रमुख फसलों और खेती के चरणों के लिए उपयुक्त",

  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें; अधिक मात्रा न दें<br>• सर्वोत्तम परिणामों के लिए ठंडे समय (सुबह या शाम) में छिड़काव करें<br>• अत्यधिक क्षारीय रसायनों के साथ न मिलाएं<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनर को नियमों के अनुसार नष्ट करें; पुनः उपयोग न करें"
},
"maxpowergr": {
  "breadcrumb_title": "मैक्स पावर जीआर (नाइट्रोबेंजीन)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "मैक्स पावर जीआर (नाइट्रोबेंजीन)",
  "desc": "मैक्स पावर जीआर (नाइट्रोबेंजीन) एक ग्रैन्यूलर पादप ऊर्जा वर्धक है, जो विभिन्न फसलों में स्वस्थ शाकीय वृद्धि, बेहतर फूल आने और फल लगने को प्रोत्साहित करता है। इसका धीमे-धीमे घुलने वाला ग्रैन्यूल फॉर्मूलेशन पौधों की जड़ों को निरंतर पोषक तत्व और उत्तेजक प्रदान करता है, जिससे फसल का प्रदर्शन और गुणवत्ता बेहतर होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "मैक्स पावर जीआर में मौजूद नाइट्रोबेंजीन पौधों की चयापचय प्रक्रियाओं को सक्रिय करता है, एंजाइम की गतिविधि को बढ़ाता है और वृद्धि हार्मोन के संश्लेषण को प्रोत्साहित करता है। यह बेहतर जड़ और तना विकास को बढ़ावा देता है, प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल निर्माण को बढ़ाता है और निरंतर फूल और फल लगने में मदद करता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_benefit": "लक्ष्य / लाभ",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "अनाज",
  "benefit1": "विकास संवर्धन, बेहतर फूल, बेहतर फल लगना",
  "dose1": "4–5 किग्रा",
  "crop2": "दालें",
  "benefit2": "विकास संवर्धन, बेहतर फूल, बेहतर फल लगना",
  "dose2": "4–5 किग्रा",
  "crop3": "तिलहन",
  "benefit3": "विकास संवर्धन, बेहतर फूल, बेहतर फल लगना",
  "dose3": "4–5 किग्रा",
  "crop4": "सब्ज़ियां",
  "benefit4": "विकास संवर्धन, बेहतर फूल, बेहतर फल लगना",
  "dose4": "4–5 किग्रा",
  "crop5": "फल",
  "benefit5": "विकास संवर्धन, बेहतर फूल, बेहतर फल लगना",
  "dose5": "4–5 किग्रा",
  "add_info": "प्रयोग: प्रारंभिक शाकीय अवस्था और फूल आने पर खेत में समान रूप से छिड़काव करें। बेहतर परिणाम के लिए इसे अकेले या गोबर की खाद/एफवायएम के साथ मिलाकर भी डाल सकते हैं।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 1 किग्रा, 5 किग्रा और 10 किग्रा",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• लंबा असर: ग्रैन्यूल फॉर्मूलेशन लगातार फसल को उत्तेजित करता है<br>• विकास में वृद्धि: स्वस्थ पौधों के लिए जड़ और तने की शक्ति बढ़ाता है<br>• फूल और फल लगना: फूलों की तीव्रता और फल सेटिंग में सुधार करता है<br>• तनाव से उबरना: पौधों को पर्यावरणीय और शारीरिक तनाव से उबरने में मदद करता है<br>• बहुउपयोगी: विभिन्न खेत और बागवानी फसलों के लिए उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित खुराक का प्रयोग करें; अधिक मात्रा न डालें<br>• ठंडी और सूखी जगह पर नमी से दूर रखें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• जलभराव वाली मिट्टी में प्रयोग से बचें<br>• खाली बैग को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें; पुनः उपयोग न करें"
},
"ganga": {
  "breadcrumb_title": "गंगा",
  "home": "होम",
  "title": "गंगा (कृषि फैलाव एजेंट)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "गंगा एक उच्च-गुणवत्ता वाला कृषि फैलाव एजेंट है, जिसे कीटनाशक, फफूंदनाशी और शाकनाशी स्प्रे की समान कवरेज और पैठ को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। यह स्प्रे घोल के सतही तनाव को कम करके पत्तियों और तनों पर बेहतर चिपकाव सुनिश्चित करता है, जिससे रसायनों की प्रभावशीलता बढ़ती है। विभिन्न प्रकार की फसलों पर उपयोग के लिए उपयुक्त, यह सुनिश्चित करके पैदावार क्षमता को अधिकतम करने में मदद करता है कि हर बूंद मायने रखे।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "गंगा एक नॉन-आयोनिक सर्फेक्टेंट के रूप में कार्य करता है जो पौधों की सतह पर स्प्रे घोल को समान रूप से फैलाता है। सतही तनाव को तोड़कर, यह रसायनों को बड़े क्षेत्र में फैलने और पौधों के ऊतकों में अधिक प्रभावी ढंग से प्रवेश करने की अनुमति देता है, जिससे कीट, रोग और खरपतवार नियंत्रण में सुधार होता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल श्रेणी",
  "table_target": "लक्ष्य",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "अनाज (गेहूं, धान, मक्का आदि)",
  "target1": "बेहतर कीट, रोग और खरपतवार नियंत्रण के लिए स्प्रे कवरेज में सुधार",
  "dose1": "50–100 मिली, अनुशंसित स्प्रे मात्रा में",
  "crop2": "दलहन (तूर, चना, मसूर आदि)",
  "target2": "कीटनाशक/फफूंदनाशी/शाकनाशी के चिपकाव में वृद्धि",
  "dose2": "50–100 मिली, अनुशंसित स्प्रे मात्रा में",
  "crop3": "तिलहन (सोयाबीन, मूंगफली, सरसों आदि)",
  "target3": "रसायनों का समान वितरण",
  "dose3": "50–100 मिली, अनुशंसित स्प्रे मात्रा में",
  "crop4": "सब्जियां (टमाटर, बैंगन, भिंडी, पत्तागोभी आदि)",
  "target4": "पत्तियों पर बेहतर गीलापन और फैलाव",
  "dose4": "50–100 मिली, अनुशंसित स्प्रे मात्रा में",
  "crop5": "फल (आम, अंगूर, खट्टे फल आदि)",
  "target5": "पत्तियों और फलों की सतह पर बेहतर कवरेज",
  "dose5": "50–100 मिली, अनुशंसित स्प्रे मात्रा में",
  "add_info": "स्प्रे मात्रा: फसल और रसायन लेबल की अनुशंसा के अनुसार",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएँ एवं लाभ",
  "benefit": "• बेहतर कवरेज के लिए स्प्रे घोल के सतही तनाव को कम करता है<br>• पैठ और चिपकाव बढ़ाकर रसायनों की प्रभावशीलता में सुधार करता है<br>• कृषि रसायनों की बर्बादी को कम करता है<br>• अधिकांश कृषि रसायनों के साथ संगत (मिश्रण से पहले लेबल देखें)",
  "precaution_tab": "सावधानियाँ",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा में ही उपयोग करें<br>• जब तक निर्दिष्ट न हो, मजबूत अम्लीय या क्षारीय घोल के साथ मिश्रण न करें<br>• बच्चों और जानवरों से दूर ठंडी, सूखी जगह पर संग्रहित करें<br>• मिश्रण और छिड़काव के दौरान सुरक्षात्मक उपकरण पहनें"
},
"vegimax": {
  "breadcrumb_title": "वेजी मैक्स",
  "home": "होम",
  "title": "वेजी मैक्स (गिबरेलिक एसिड 0.001% एल)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "वेजी मैक्स (गिबरेलिक एसिड 0.001% एल) एक पौध वृद्धि नियामक है जिसे कोशिका लंबाई, फूलों में सुधार और विभिन्न फसलों में फल सेटिंग को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। यह पौधों को तनाव से उबरने, समान वृद्धि को बढ़ावा देने और अधिक उपज व बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादन का समर्थन करने में मदद करता है। वेजी मैक्स अनाज, दलहन, तिलहन, सब्जियों और फलों की फसलों के लिए उपयुक्त है।",
  "mode_tab": "क्रिया की विधि",
  "mode": "वेजी मैक्स में गिबरेलिक एसिड पौधों की चयापचय प्रक्रियाओं को सक्रिय करता है जो कोशिका विभाजन और लंबाई को बढ़ावा देती हैं। यह एंजाइम उत्पादन को उत्तेजित करता है, प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाता है और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करता है, जिससे जोरदार वनस्पतिक वृद्धि, जल्दी फूल आना, बेहतर फल सेट और बेहतर फसल गुणवत्ता प्राप्त होती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_benefit": "लक्ष्य / लाभ",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "अनाज",
  "benefit1": "वृद्धि को बढ़ावा देता है, टिलरिंग में सुधार, समान फूल आना",
  "dose1": "80–100 मि.ली.",
  "crop2": "दलहन",
  "benefit2": "वनस्पतिक वृद्धि और फली बनने में वृद्धि",
  "dose2": "80–100 मि.ली.",
  "crop3": "तिलहन",
  "benefit3": "फूलों और फली बनने में सुधार",
  "dose3": "80–100 मि.ली.",
  "crop4": "सब्जियां",
  "benefit4": "फल सेट में वृद्धि, आकार और गुणवत्ता में सुधार",
  "dose4": "80–100 मि.ली.",
  "crop5": "फल",
  "benefit5": "फूल, फल सेटिंग और समान पकने में वृद्धि",
  "dose5": "80–100 मि.ली.",
  "add_info": "प्रयोग: फूल आने से पहले और फल सेटिंग चरण में पर्ण स्प्रे। आवश्यकता अनुसार 15–20 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 50 मि.ली., 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली. और 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• समान फूल और फल सेट को बढ़ावा देता है<br>• फल का आकार, गुणवत्ता और उपज में सुधार करता है<br>• बीज अंकुरण और प्रारंभिक पौध शक्ति को उत्तेजित करता है<br>• पौधों को पर्यावरणीय तनाव से उबरने में मदद करता है<br>• विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित खुराक का उपयोग करें; अधिक मात्रा न दें<br>• ठंडे समय (सुबह या शाम) में स्प्रे करें<br>• अत्यधिक क्षारीय उत्पादों के साथ मिश्रण से बचें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"perfectsuper": {
  "breadcrumb_title": "परफेक्ट सुपर",
  "home": "होम",
  "title": "परफेक्ट सुपर (प्रोफेनोफोस 40% + सायपरमेथ्रिन 4% ईसी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "परफेक्ट सुपर (प्रोफेनोफोस 40% + सायपरमेथ्रिन 4% ईसी) एक व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक है जिसे चूसने वाले और चबाने वाले दोनों प्रकार के कीटों पर तेजी से प्रभाव डालने और लंबे समय तक नियंत्रण प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह कपास, सब्जियों और दलहनों में बोलवर्म, एफिड्स, जेसिड्स, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स और कैटरपिलर से प्रभावी सुरक्षा के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसकी डुअल एक्शन प्रणाली विश्वसनीय कीट प्रबंधन और उच्च पैदावार में सहायक है।",
  "mode_tab": "क्रिया की विधि",
  "mode": "• प्रोफेनोफोस एक एसीटाइलकोलिनएस्ट्रेज अवरोधक के रूप में कार्य करता है, जो कीटों की तंत्रिका प्रणाली को प्रभावित करता है, जिससे पक्षाघात और मृत्यु होती है।<br>• सायपरमेथ्रिन कीट की तंत्रिका झिल्लियों में सोडियम चैनल के कार्य को बाधित करता है, जिससे तेजी से पक्षाघात और मृत्यु होती है।<br>• यह संयोजन संपर्क, पेट और प्रणालीगत गतिविधि प्रदान करता है, जिससे तेज और लंबे समय तक कीट नियंत्रण होता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "कपास",
  "target1": "बोलवर्म (अमेरिकन, पिंक, स्पॉटेड), एफिड्स, जेसिड्स, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स, स्पोडोप्टेरा",
  "dose1": "400–600 मि.ली.",
  "crop2": "सब्जियां",
  "target2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, एफिड्स, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स, कैटरपिलर",
  "dose2": "400–600 मि.ली.",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर",
  "dose3": "400–600 मि.ली.",
  "add_info": "प्रयोग: कीट संक्रमण की शुरुआत में या एक निवारक उपाय के रूप में पर्ण स्प्रे करें। आवश्यकता होने पर 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., और 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• डुअल एक्शन मोड: चूसने और चबाने वाले कीटों को प्रभावी रूप से नियंत्रित करता है<br>• त्वरित प्रभाव: तेजी से कीट मृत्यु और फसल की रिकवरी<br>• लंबे समय तक प्रभाव: अनुप्रयोग के बाद विस्तारित सुरक्षा<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम: कई फसलों और कीट प्रकारों के लिए उपयुक्त<br>• पैदावार में वृद्धि: कीट क्षति को न्यूनतम करके स्वस्थ फसल और अधिक लाभ",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित खुराक का उपयोग करें; अधिक मात्रा न दें<br>• छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के समय छिड़काव से बचें<br>• संवेदनशील फसलों और जल स्रोतों पर स्प्रे बहाव से बचें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का स्थानीय नियमों के अनुसार सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"spinetoram": {
  "breadcrumb_title": "प्रबल-शक्ति (स्पिनेटोरम 11.7% एससी)",
  "home": "होम",
  "title": "प्रबल-शक्ति (स्पिनेटोरम 11.7% एससी)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "स्पिनेटोरम 11.7% एससी एक आधुनिक, व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक है जो प्राकृतिक किण्वन उत्पादों से प्राप्त किया गया है। यह फल छेदक, फली छेदक, पत्ती मोड़ने वाले और थ्रिप्स जैसे लेपिडोप्टेरन कीटों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है। अपनी अनोखी रसायन संरचना और अनुकूल पर्यावरण प्रोफ़ाइल के साथ, यह तेजी से प्रभाव और लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे किसानों को उच्च उपज और बेहतर गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया की विधि",
  "mode": "• स्पिनेटोरम कीट की तंत्रिका प्रणाली पर कार्य करता है, निकोटिनिक एसीटाइलकोलिन रिसेप्टर और जीएबीए रिसेप्टर से बंधकर तंत्रिका प्रणाली की अत्यधिक उत्तेजना का कारण बनता है।<br>• इससे कीट का पक्षाघात और मृत्यु होती है।<br>• इसमें संपर्क और निगलने दोनों प्रकार की क्रियाएं होती हैं, जो कई कीट जीवन चरणों पर प्रभावी होती हैं।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "सब्जियां",
  "target1": "फल छेदक, फली छेदक, थ्रिप्स",
  "dose1": "80–100 मि.ली.",
  "crop2": "दलहन",
  "target2": "फली छेदक",
  "dose2": "80–100 मि.ली.",
  "crop3": "फल",
  "target3": "थ्रिप्स, कैटरपिलर, फल छेदक",
  "dose3": "80–100 मि.ली.",
  "crop4": "कपास",
  "target4": "बॉलवर्म, थ्रिप्स",
  "dose4": "80–100 मि.ली.",
  "add_info": "प्रयोग: कीट संक्रमण की शुरुआत में पर्ण स्प्रे करें। सर्वोत्तम परिणाम के लिए फसल की छत्रक का पूरा कवरेज सुनिश्चित करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 50 मि.ली., 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., और 1 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• अनोखी रसायन संरचना: कम मात्रा में अत्यधिक प्रभावी<br>• डुअल एक्टिविटी: बेहतर कीट नियंत्रण के लिए संपर्क और निगलने की क्रिया<br>• त्वरित प्रभाव: लंबे समय तक नियंत्रण के साथ तेज कीट मृत्यु<br>• लाभकारी कीटों के लिए सुरक्षित: निर्देशानुसार उपयोग करने पर<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम: कई लेपिडोप्टेरन और चूसने वाले कीटों को नियंत्रित करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित खुराक का उपयोग करें; अधिक मात्रा न दें<br>• मिलाने और छिड़काव के दौरान सुरक्षात्मक उपकरण पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के समय छिड़काव से बचें<br>• गैर-लक्षित फसलों और जल स्रोतों पर स्प्रे बहाव से बचें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का स्थानीय नियमों के अनुसार सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"fipronil": {
  "breadcrumb_title": "फिप्रोनिल (सिंगल मॉलेक्यूल)",
  "home": "होम",
  "title": "फिप्रोनिल (सिंगल मॉलेक्यूल)",
  "desc_tab": "विवरण",
  "desc": "फिप्रोनिल एक व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक है जिसमें संपर्क और निगलने की क्रिया होती है। यह धान, गन्ना, मक्का, सब्जियां और दलहन जैसी फसलों में विभिन्न कीटों के प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह तना छेदक, जड़ छेदक, सफेद गिडार, दीमक, थ्रिप्स और कुछ रस चूसने वाले कीटों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है। फिप्रोनिल लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे फसल का स्वस्थ विकास और बेहतर उपज सुनिश्चित होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया की विधि",
  "mode": "• फिप्रोनिल कीट की तंत्रिका प्रणाली में GABA-नियंत्रित क्लोराइड चैनलों के सामान्य कार्य को बाधित करता है।<br>• इससे तंत्रिका आवेगों का अनियंत्रित संचरण होता है, जिसके कारण अति उत्तेजना, पक्षाघात और अंततः कीट की मृत्यु हो जाती है।<br>• यह मिट्टी और पर्ण दोनों प्रकार के अनुप्रयोगों में प्रभावी है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "धान",
  "target1": "तना छेदक, पत्ती मोड़क",
  "dose1": "80–100 ग्राम (जीआर) / 40–50 मि.ली. (एससी/ईसी)",
  "crop2": "गन्ना",
  "target2": "अर्ली शूट बोरर, दीमक",
  "dose2": "80–100 ग्राम (जीआर) / 40–50 मि.ली. (एससी/ईसी)",
  "crop3": "मक्का",
  "target3": "तना छेदक, जड़ छेदक",
  "dose3": "80–100 ग्राम (जीआर) / 40–50 मि.ली. (एससी/ईसी)",
  "crop4": "सब्जियां",
  "target4": "थ्रिप्स, जड़ गिडार, दीमक",
  "dose4": "80–100 ग्राम (जीआर) / 40–50 मि.ली. (एससी/ईसी)",
  "crop5": "दलहन",
  "target5": "दीमक, थ्रिप्स",
  "dose5": "80–100 ग्राम (जीआर) / 40–50 मि.ली. (एससी/ईसी)",
  "add_info": "• जीआर फॉर्मुलेशन: बुआई/रोपाई के समय या खड़ी फसल में खेत में छिड़काव करें, इसके बाद हल्की सिंचाई करें।<br>• एससी/ईसी फॉर्मुलेशन: कीट संक्रमण की शुरुआत में पर्ण स्प्रे करें और फसल की पूरी छत्रक का कवरेज सुनिश्चित करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: जीआर (1 कि.ग्रा., 5 कि.ग्रा., 10 कि.ग्रा.) / एससी और ईसी (100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., 1 लीटर)",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• व्यापक स्पेक्ट्रम नियंत्रण: मिट्टी, तना और पत्तियों के कीटों पर प्रभावी<br>• लंबी अवशिष्ट सक्रियता: छिड़काव के बाद विस्तारित सुरक्षा<br>• दोहरी क्रिया: संपर्क और निगलने की सक्रियता<br>• लचीला उपयोग: दानेदार और तरल फॉर्मुलेशन में उपलब्ध<br>• स्वस्थ फसल को समर्थन: कीट दबाव को कम करता है, जिससे बेहतर वृद्धि और उपज मिलती है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित खुराक का उपयोग करें; अधिक मात्रा न दें<br>• संभालते समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• मछली तालाबों या जल स्रोतों के पास छिड़काव न करें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का स्थानीय नियमों के अनुसार सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"eco": {
  "breadcrumb_title": "इको",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "इको (कॉपर ऑक्सी क्लोराइड 50% WP)",
  "desc": "इको (कॉपर ऑक्सी क्लोराइड 50% WP) एक व्यापक-स्पेक्ट्रम, संपर्क फफूंदनाशी और जीवाणुनाशी है जिसका उपयोग विभिन्न फसलों में कई प्रकार की फफूंद और जीवाणु जनित बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह पत्ती धब्बा, ब्लाइट, डाउनी मिल्ड्यू, एन्थ्रेक्नोज, फल सड़न और जीवाणु पत्ती रोगों के खिलाफ प्रभावी है। इको पौधों की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाकर फसलों को रोगजनकों के प्रवेश और फैलाव से बचाता है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "कॉपर ऑक्सी क्लोराइड एक बहु-स्थान संपर्क फफूंदनाशी के रूप में कार्य करता है। कॉपर आयन फफूंद और बैक्टीरिया की कोशिकाओं में एंजाइम प्रणालियों को बाधित करते हैं, जिससे उनके महत्वपूर्ण चयापचय प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप होता है और उनकी मृत्यु हो जाती है। यह बीजाणु अंकुरण को रोकता है और उपचारित पौध सतहों पर रोगजनकों की वृद्धि को सीमित करता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्ष्य रोग",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "सब्जियां",
  "target1": "पत्ती धब्बा, ब्लाइट, डाउनी मिल्ड्यू, एन्थ्रेक्नोज",
  "dose1": "500–800 ग्राम",
  "crop2": "फल",
  "target2": "एन्थ्रेक्नोज, स्कैब, पत्ती धब्बा, फल सड़न, जीवाणु रोग",
  "dose2": "500–800 ग्राम",
  "crop3": "दालें",
  "target3": "जंग, पत्ती धब्बा, एन्थ्रेक्नोज",
  "dose3": "500–800 ग्राम",
  "crop4": "अनाज",
  "target4": "पत्ती धब्बा, ब्लाइट",
  "dose4": "500–800 ग्राम",
  "crop5": "बागान फसलें",
  "target5": "पत्ती धब्बा, ब्लाइट, एन्थ्रेक्नोज",
  "dose5": "500–800 ग्राम",
  "add_info": "प्रयोग: रोग के लक्षण दिखाई देने पर पत्तियों पर छिड़काव करें। रोग की गंभीरता और मौसम के अनुसार 7–10 दिन के अंतराल पर पुनः छिड़काव करें। फसल की छत्री का पूरा कवरेज सुनिश्चित करें।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम, और 1 किलो पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit1": "व्यापक-स्पेक्ट्रम क्रिया: फफूंद और जीवाणु रोगों को नियंत्रित करता है",
  "benefit2": "सुरक्षात्मक क्रिया: पौध सतह पर रोगजनकों के खिलाफ परत बनाता है",
  "benefit3": "बहु-स्थान क्रिया: प्रतिरोध के विकास के जोखिम को कम करता है",
  "benefit4": "बहुउपयोग: विभिन्न प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त",
  "benefit5": "फसल स्वास्थ्य में सुधार: रोग से होने वाले नुकसान को कम करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution1": "केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें; अधिक मात्रा से फसल में तांबे की विषाक्तता हो सकती है",
  "precaution2": "बहुत गर्म समय में या नमी तनाव की स्थिति में छिड़काव से बचें",
  "precaution3": "छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें",
  "precaution4": "भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें",
  "precaution5": "खाली पैक को सुरक्षित रूप से निपटाएं; पुनः उपयोग न करें"
},
"pandu": {
  "breadcrumb_title": "पांडु",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "पांडु (पेंडीमेथालिन 38.7% सीएस)",
  "desc": "पांडु (पेंडीमेथालिन 38.7% सीएस) एक प्री-इमरजेंस, चयनात्मक खरपतवारनाशी है जो विभिन्न फसलों में वार्षिक घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह खरपतवार के अंकुरण और शुरुआती वृद्धि को रोकता है, फसलों को उनके महत्वपूर्ण शुरुआती चरणों में पोषक तत्वों, पानी और धूप के लिए प्रतिस्पर्धा से बचाता है। पांडु सोयाबीन, कपास, मूंगफली, दलहन, गेहूं और सब्जियों जैसी फसलों में प्रभावी है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "पेंडीमेथालिन सूक्ष्मनलिका निर्माण में हस्तक्षेप करके संवेदनशील खरपतवारों में कोशिका विभाजन और लम्बाई को रोकता है। खरपतवार उगने से पहले मिट्टी में लगाने पर यह एक सुरक्षात्मक परत बनाता है जो खरपतवार के अंकुरण और स्थापना को रोकता है, जबकि फसल को प्रभावित नहीं करता।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "सोयाबीन",
  "target1": "वार्षिक घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
  "dose1": "800–1000 मिली",
  "crop2": "कपास",
  "target2": "वार्षिक घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
  "dose2": "800–1000 मिली",
  "crop3": "मूंगफली",
  "target3": "वार्षिक घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
  "dose3": "800–1000 मिली",
  "crop4": "दलहन",
  "target4": "वार्षिक घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
  "dose4": "800–1000 मिली",
  "crop5": "गेहूं",
  "target5": "वार्षिक घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
  "dose5": "800–1000 मिली",
  "crop6": "सब्जियां",
  "target6": "वार्षिक घास और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार",
  "dose6": "800–1000 मिली",
  "add_info": "प्रयोग: बुवाई या रोपाई के 0–3 दिनों के भीतर नम मिट्टी पर प्री-इमरजेंस स्प्रे के रूप में लागू करें। समान कवरेज के लिए फ्लैट-फैन नोजल का उपयोग करें। छिड़काव के बाद कम से कम 7 दिनों तक मिट्टी को न छेड़ें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक साइज: 350 मि.ली., 700 मि.ली., 1400 मि.ली. और 3.5 लीटर",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• शुरुआती खरपतवार नियंत्रण: फसलों को सबसे संवेदनशील विकास चरण में बचाता है<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम गतिविधि: वार्षिक घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों की एक श्रृंखला को नियंत्रित करता है<br>• अवशिष्ट प्रभाव: कई सप्ताह तक खरपतवार दमन प्रदान करता है<br>• फसल सुरक्षा: चयनात्मक कार्रवाई अनुशंसित फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है<br>• उच्च उपज: खरपतवार प्रतिस्पर्धा को कम करता है, जिससे बेहतर फसल वृद्धि होती है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• सर्वोत्तम परिणाम के लिए केवल नम मिट्टी पर लगाएं<br>• अनुशंसित मात्रा का उपयोग करें; अधिक मात्रा फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है<br>• बहाव रोकने के लिए हवा वाले दिनों में छिड़काव से बचें<br>• छिड़काव करते समय सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने और मास्क पहनें<br>• बच्चों, जानवरों और भोजन/चारे से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"imidacloprid": {
  "breadcrumb_title": "इमिडाक्लोप्रिड 70% WG",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "इमिडाक्लोप्रिड 70% WG (सिस्टमिक कीटनाशक)",
  "desc": "इमिडाक्लोप्रिड 70% WG एक अत्यधिक प्रभावी सिस्टमिक कीटनाशक है, जो कपास, धान, गन्ना, सब्जियां, दलहन, फल और बागान फसलों में चूसक कीटों के व्यापक स्पेक्ट्रम को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह पौधे के अंदर सिस्टमिक रूप से संचलित होकर लम्बे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है, और एफिड्स, जेसिड्स, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स और हॉपर्स जैसे कीटों को लक्ष्य बनाकर उपज और फसल की गुणवत्ता की रक्षा करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "इमिडाक्लोप्रिड निकोटिनिक एसीटाइलकोलाइन रिसेप्टर एगोनिस्ट के रूप में कार्य करता है, जो कीटों में तंत्रिका आवेगों के संचरण में बाधा डालता है। इससे कीट का पक्षाघात और मृत्यु हो जाती है। इसकी सिस्टमिक क्रिया सुनिश्चित करती है कि सक्रिय तत्व पौधे द्वारा अवशोषित हो और पूरे ऊतकों में वितरित हो, जिससे नई और मौजूदा वृद्धि दोनों सुरक्षित रहती हैं।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "कपास",
  "target1": "एफिड्स, जेसिड्स, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose1": "20–25 ग्राम",
  "crop2": "धान",
  "target2": "ब्राउन प्लांटहॉपर, ग्रीन लीफहॉपर",
  "dose2": "20–25 ग्राम",
  "crop3": "गन्ना",
  "target3": "अर्ली शूट बोरर, व्हाइट ग्रब्स",
  "dose3": "20–25 ग्राम",
  "crop4": "सब्जियां",
  "target4": "एफिड्स, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose4": "20–25 ग्राम",
  "crop5": "फल",
  "target5": "हॉपर्स, एफिड्स, थ्रिप्स",
  "dose5": "20–25 ग्राम",
  "crop6": "दलहन",
  "target6": "एफिड्स, जेसिड्स, थ्रिप्स",
  "dose6": "20–25 ग्राम",
  "add_info": "उपयोग: आवश्यक मात्रा में इमिडाक्लोप्रिड 70% WG को पानी में घोलें और फसल पर समान रूप से छिड़काव करें। कीट संक्रमण के शुरुआती चरण में छिड़काव करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 10 ग्राम, 50 ग्राम, 100 ग्राम, और 250 ग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• अत्यधिक शक्तिशाली: बहुत कम मात्रा में प्रभावी<br>• लंबी अवधि की सुरक्षा: अवशिष्ट क्रिया लंबे समय तक फसल की रक्षा करती है<br>• सिस्टमिक क्रिया: मौजूदा और नई वृद्धि दोनों की सुरक्षा<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम: चूसक कीटों की एक विस्तृत श्रृंखला को नियंत्रित करता है<br>• बेहतर उपज और गुणवत्ता: कीट क्षति को कम करता है और उत्पादकता बढ़ाता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का उपयोग करें; अधिक मात्रा फसल को नुकसान पहुंचा सकती है<br>• उच्च तापमान या तेज हवाओं में छिड़काव से बचें<br>• छिड़काव के दौरान सुरक्षात्मक दस्ताने, मास्क और कपड़े पहनें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का स्थानीय नियमों के अनुसार सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"azoxy_thif": {
  "breadcrumb_title": "लैक्समोर (एज़ॉक्सीस्ट्रोबिन 20% + थायफ्लुज़ामाइड 15% एस-सी)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "लैक्समोर (एज़ॉक्सीस्ट्रोबिन 20% + थायफ्लुज़ामाइड 15% एस-सी)",
  "desc": "एज़ॉक्सीस्ट्रोबिन 20% + थाइफ्लूज़ामाइड 15% एससी एक शक्तिशाली व्यापक स्पेक्ट्रम फफूंदनाशी है जो फसलों में प्रमुख फफूंदजनित रोगों का निवारक और उपचारात्मक नियंत्रण प्रदान करता है। दो अत्यधिक प्रभावी सक्रिय तत्वों का संयोजन धान की शेख ब्लाइट, पत्ती के धब्बे, एनथ्रेक्नोज, जंग, पाउडरी मिल्ड्यू और अन्य फफूंद संक्रमणों से लंबे समय तक सुरक्षा सुनिश्चित करता है, जो अनाज, दलहन, तिलहन, सब्जियों और फलों की फसलों में प्रभावी है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "• एज़ॉक्सीस्ट्रोबिन: स्ट्रोबिल्यूरिन समूह का एक प्रणालीगत फफूंदनाशी जो कवक में माइटोकॉन्ड्रियल श्वसन को रोकता है, ऊर्जा उत्पादन और बीजाणु अंकुरण को रोकता है।<br>• थाइफ्लूज़ामाइड: एक प्रणालीगत फफूंदनाशी जो फफूंद रोगजनकों में सुक्सिनेट डिहाइड्रोजनेज़ को रोकता है, जिससे माइसीलियल वृद्धि और रोग का प्रसार रुक जाता है।<br>• दोहरी क्रिया बहु-स्थल सुरक्षा प्रदान करती है, प्रतिरोध के जोखिम को कम करती है और लंबे समय तक रोग नियंत्रण सुनिश्चित करती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित रोग",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "धान",
  "target1": "शेख ब्लाइट, पत्ती ब्लास्ट",
  "dose1": "200–250 मि.ली.",
  "crop2": "सब्जियां",
  "target2": "एनथ्रेक्नोज, पत्ती के धब्बे, पाउडरी मिल्ड्यू",
  "dose2": "200–250 मि.ली.",
  "crop3": "फल",
  "target3": "एनथ्रेक्नोज, पाउडरी मिल्ड्यू, जंग",
  "dose3": "200–250 मि.ली.",
  "crop4": "दलहन",
  "target4": "जंग, पत्ती के धब्बे, एनथ्रेक्नोज",
  "dose4": "200–250 मि.ली.",
  "crop5": "तिलहन",
  "target5": "जंग, पत्ती के धब्बे",
  "dose5": "200–250 मि.ली.",
  "add_info": "उपयोग: रोग के शुरुआती चरण में या निवारक छिड़काव के रूप में पत्तियों पर छिड़काव करें। रोग के दबाव के अनुसार हर 10–15 दिन में दोहराएं। पौधे की छतरी पर पूरा कवरेज सुनिश्चित करें।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., और 1 लीटर पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• दोहरी क्रिया: बेहतर रोग नियंत्रण के लिए दो प्रणालीगत फफूंदनाशियों का संयोजन<br>• लंबी अवधि की सुरक्षा: विस्तारित अवशिष्ट गतिविधि दोहराए गए छिड़काव को कम करती है<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम: कई फफूंदजनित रोगजनकों के खिलाफ प्रभावी<br>• प्रतिरोध प्रबंधन: बहु-स्थल गतिविधि प्रतिरोध विकास को धीमा करने में मदद करती है<br>• बेहतर फसल स्वास्थ्य: रोग से होने वाले उत्पादन नुकसान को कम करता है और उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें; अधिक मात्रा फसल को नुकसान पहुंचा सकती है<br>• जब तक संगतता की पुष्टि न हो, मजबूत क्षारीय या अम्लीय उत्पादों के साथ न मिलाएं<br>• छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर ठंडी, सूखी जगह पर स्टोर करें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित रूप से निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"ace_bifen": {
  "breadcrumb_title": "वज्र (एसेफेट 50% + बिफेंथ्रिन 10% डब्ल्यूडीजी)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "वज्र (एसेफेट 50% + बिफेंथ्रिन 10% डब्ल्यूडीजी)",
  "desc": "एसेफेट 50% + बिफेंथ्रिन 10% डब्ल्यूडीजी एक अत्यधिक प्रभावी व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक है जिसमें दोहरी क्रिया होती है, जो चूसने और चबाने वाले कीटों की एक विस्तृत श्रृंखला पर प्रणालीगत और संपर्क दोनों नियंत्रण प्रदान करती है। यह कपास, सब्जियां, दलहन और फलों की फसलों में बॉलवॉर्म, कैटरपिलर, एफिड्स, जेसिड्स, थ्रिप्स और व्हाइटफ्लाइज को नियंत्रित करने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह संयोजन त्वरित नॉकडाउन और लंबे समय तक अवशिष्ट सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे स्वस्थ फसलें और बेहतर उपज सुनिश्चित होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया विधि",
  "mode": "• एसेफेट: एक प्रणालीगत ऑर्गनोफॉस्फेट कीटनाशक जो एसिटाइलकोलिनेस्टरेज़ को अवरुद्ध करता है, कीटों में तंत्रिका संकेत संचरण को बाधित करता है, जिससे लकवा और मृत्यु होती है।<br>• बिफेंथ्रिन: एक पाइरेथ्रॉइड कीटनाशक जो तंत्रिका झिल्लियों में सोडियम चैनल के कार्य को प्रभावित करता है, जिससे संपर्क या निगलने पर कीड़ों का तेजी से नॉकडाउन और मृत्यु होती है।<br>• यह संयोजन कई क्रिया विधियों के माध्यम से छिपे और खुले दोनों प्रकार के कीटों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "कपास",
  "target1": "बॉलवॉर्म, एफिड्स, जेसिड्स, व्हाइटफ्लाइज, थ्रिप्स",
  "dose1": "200–300 ग्राम",
  "crop2": "सब्जियां",
  "target2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, थ्रिप्स, एफिड्स, व्हाइटफ्लाइज",
  "dose2": "200–300 ग्राम",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर, एफिड्स, थ्रिप्स",
  "dose3": "200–300 ग्राम",
  "crop4": "फल",
  "target4": "कैटरपिलर, थ्रिप्स, एफिड्स, व्हाइटफ्लाइज",
  "dose4": "200–300 ग्राम",
  "add_info": "उपयोग: आवश्यक मात्रा को पानी में घोलकर कीट संक्रमण के शुरुआती चरण में पत्तियों पर छिड़काव करें। कीट दबाव के अनुसार 10–15 दिन बाद आवश्यकता पड़ने पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम, और 1 किलोग्राम पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• दोहरी क्रिया: पूर्ण कीट नियंत्रण के लिए प्रणालीगत + संपर्क सक्रियता<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम: चूसने और चबाने वाले दोनों कीटों के खिलाफ प्रभावी<br>• तेज नॉकडाउन: छिड़काव के बाद कीटों की शीघ्र मृत्यु<br>• लंबी अवधि की सुरक्षा: विस्तारित अवशिष्ट सक्रियता बार-बार छिड़काव को कम करती है<br>• उपज में वृद्धि: स्वस्थ, उच्च गुणवत्ता वाली फसल के लिए कीट क्षति को न्यूनतम करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें; अधिक मात्रा फसल को नुकसान पहुंचा सकती है<br>• छिड़काव करते समय सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने और मास्क पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के दौरान छिड़काव न करें<br>• गैर-लक्षित पौधों और जल स्रोतों पर छिड़काव के फैलाव को रोकें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का स्थानीय नियमों के अनुसार सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"copper_oxy": {
  "breadcrumb_title": "ब्लू टॉक्स (कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% WP)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "ब्लू टॉक्स (कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% WP)",
  "desc": "कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% WP एक व्यापक स्पेक्ट्रम वाला संपर्क कवकनाशी और जीवाणुनाशी है, जिसका उपयोग विभिन्न फसलों में कई प्रकार के फफूंदी और बैक्टीरिया जनित रोगों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह लीफ स्पॉट, ब्लाइट, डाउनy मिल्ड्यू, ऐन्थ्रेक्नोज, फ्रूट रॉट और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट्स पर अत्यधिक प्रभावी है। यह पौधों की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाकर रोगजनकों के प्रवेश और प्रसार को रोकता है, जिससे स्वस्थ फसल वृद्धि और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित होता है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "कॉपर ऑक्सीक्लोराइड एक मल्टी-साइट कवकनाशी के रूप में कार्य करता है। अनुप्रयोग के बाद निकलने वाले कॉपर आयन फफूंद और बैक्टीरिया की कोशिकाओं में आवश्यक एंजाइम प्रणालियों में हस्तक्षेप करते हैं, जिससे उनका चयापचय बाधित होता है और उनकी मृत्यु हो जाती है। यह संपर्क क्रिया बीजाणु अंकुरण को रोकती है और उपचारित पौध सतहों पर रोगजनकों की वृद्धि को अवरुद्ध करती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्ष्य रोग",
  "table_dose": "खुराक प्रति एकड़",
  "crop1": "सब्जियां",
  "target1": "लीफ स्पॉट, ब्लाइट, डाउनy मिल्ड्यू, ऐन्थ्रेक्नोज",
  "dose1": "500–800 ग्राम",
  "crop2": "फल",
  "target2": "ऐन्थ्रेक्नोज, स्कैब, लीफ स्पॉट, फ्रूट रॉट, बैक्टीरियल रोग",
  "dose2": "500–800 ग्राम",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "रस्ट, लीफ स्पॉट, ऐन्थ्रेक्नोज",
  "dose3": "500–800 ग्राम",
  "crop4": "अनाज",
  "target4": "लीफ स्पॉट, ब्लाइट",
  "dose4": "500–800 ग्राम",
  "crop5": "प्लांटेशन फसलें",
  "target5": "लीफ स्पॉट, ब्लाइट, ऐन्थ्रेक्नोज",
  "dose5": "500–800 ग्राम",
  "add_info": "प्रयोग: रोग के पहले लक्षण दिखते ही पत्तों पर छिड़काव करें। रोग की गंभीरता और मौसम की स्थिति के अनुसार 7–10 दिनों के अंतराल पर दोहराएं। सर्वोत्तम परिणाम के लिए पौध सतहों पर पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करें।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम और 1 किलोग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• व्यापक स्पेक्ट्रम नियंत्रण: फफूंद और बैक्टीरिया जनित रोगों पर प्रभावी<br>• सुरक्षात्मक परत: रोगजनकों के प्रवेश और प्रसार को रोकता है<br>• मल्टी-साइट क्रिया: प्रतिरोध विकसित होने के खतरे को कम करता है<br>• बहुउपयोगी: विभिन्न प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त<br>• स्वस्थ फसल: रोगों से होने वाले उत्पादन नुकसान को कम करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित खुराक का उपयोग करें; अधिक मात्रा में कॉपर फाइटोटॉक्सिसिटी का कारण बन सकता है<br>• तेज धूप या उच्च तापमान के समय छिड़काव से बचें<br>• संभालते और छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर ठंडी, सूखी जगह पर संग्रह करें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"indox_aceta": {
  "breadcrumb_title": "इंडोक्साकार्ब 14.5% + एसिटामिप्रिड 7.7% एससी",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "इंडोक्साकार्ब 14.5% + एसिटामिप्रिड 7.7% एससी",
  "desc": "इंडोक्साकार्ब 14.5% + एसिटामिप्रिड 7.7% एससी एक व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक संयोजन है जो चबाने और चूसने वाले दोनों प्रकार के कीटों पर उत्कृष्ट नियंत्रण प्रदान करता है। इसका व्यापक रूप से कपास, सब्जियां, दलहन और फलों में उपयोग किया जाता है ताकि बॉलवर्म, कैटरपिलर, एफिड, जस्सिड, व्हाइटफ्लाई और थ्रिप्स को नियंत्रित किया जा सके। यह दोहरी रासायनिक संरचना त्वरित नॉकडाउन और लंबे समय तक अवशिष्ट नियंत्रण प्रदान करती है, जिससे फसल स्वस्थ और उपज अधिक होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "• इंडोक्साकार्ब: कीटों की तंत्रिका प्रणाली में सोडियम चैनल ब्लॉकर के रूप में कार्य करता है, जिससे तंत्रिका कार्य बाधित होता है और पक्षाघात तथा मृत्यु होती है।<br>• एसिटामिप्रिड: एक नियोनिकोटिनोइड कीटनाशक है जो निकोटिनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर से जुड़ता है, कीटों में तंत्रिका संकेत संचरण को बाधित करता है और तेजी से मृत्यु का कारण बनता है।<br>• यह संयोजन संपर्क और प्रणालीगत दोनों प्रकार की क्रिया सुनिश्चित करता है, विभिन्न फसल चरणों में कीटों से सुरक्षा प्रदान करता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्ष्य कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "कपास",
  "target1": "बॉलवर्म, एफिड, जस्सिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose1": "200–250 मिली",
  "crop2": "सब्जियां",
  "target2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, एफिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स",
  "dose2": "200–250 मिली",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर, एफिड, थ्रिप्स",
  "dose3": "200–250 मिली",
  "crop4": "फल",
  "target4": "कैटरपिलर, थ्रिप्स, एफिड, व्हाइटफ्लाई",
  "dose4": "200–250 मिली",
  "add_info": "प्रयोग: कीट संक्रमण के पहले संकेत पर पर्णीय छिड़काव के रूप में लगाएं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए फसल की छतरी को अच्छी तरह से कवर करना सुनिश्चित करें। आवश्यकता होने पर 10–15 दिनों के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., और 1 लीटर पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• दोहरी क्रिया: पूर्ण कीट नियंत्रण के लिए संपर्क और प्रणालीगत क्रिया का संयोजन<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम: चबाने और चूसने वाले दोनों प्रकार के कीटों पर प्रभावी<br>• त्वरित नॉकडाउन: छिड़काव के बाद तेजी से कीट मृत्यु<br>• लंबे समय तक सुरक्षा: विस्तारित अवशिष्ट गतिविधि से छिड़काव की आवृत्ति कम होती है<br>• बेहतर उपज: कीटजनित नुकसान को कम करता है, जिससे फसल स्वस्थ और अधिक उत्पादक होती है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का उपयोग करें; अधिक मात्रा से फसल को नुकसान हो सकता है<br>• छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के दौरान छिड़काव से बचें<br>• रसायन या कंटेनर के कचरे से जल स्रोतों को प्रदूषित न करें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर ठंडी, सूखी जगह पर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"aceta_indoxa": {
  "breadcrumb_title": "एसिटामिप्रिड + इंडोक्साकार्ब",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "एसिटामिप्रिड + इंडोक्साकार्ब",
  "desc": "एसिटामिप्रिड + इंडोक्साकार्ब एक द्वि-क्रिया कीटनाशक फॉर्मूलेशन है जो विभिन्न फसलों में चूसक और चबाने वाले दोनों प्रकार के कीटों पर प्रभावी नियंत्रण प्रदान करता है। यह कपास, सब्जियों, दलहन और फलों की फसलों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है ताकि गेंद कीट, कैटरपिलर, एफिड्स, जासिड्स, व्हाइटफ्लाइज और थ्रिप्स को नियंत्रित किया जा सके। यह संयोजन त्वरित प्रभाव, अवशिष्ट सुरक्षा और बेहतर फसल स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है जिससे उपज अधिक होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "• एसिटामिप्रिड: एक प्रणालीगत नियोनिकोटिनॉइड कीटनाशक जो कीट के तंत्रिका तंत्र में निकोटिनिक एसीटाइलकोलाइन रिसेप्टर को लक्षित करता है, जिससे लकवा और मृत्यु होती है।<br>• इंडोक्साकार्ब: एक सोडियम चैनल ब्लॉकर के रूप में कार्य करता है, कीटों में तंत्रिका संकेतों के संचरण को बाधित करता है, जिससे तेज़ गति से अचलता और मृत्यु होती है।<br>• साथ में, वे प्रणालीगत और संपर्क दोनों गतिविधियां प्रदान करते हैं, जो विभिन्न भोजन चरणों में फसलों को कीटों से बचाते हैं।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "कपास",
  "target1": "गेंद कीट, एफिड्स, जासिड्स, व्हाइटफ्लाइज, थ्रिप्स",
  "dose1": "200–250 मिली",
  "crop2": "सब्जियां",
  "target2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, एफिड्स, व्हाइटफ्लाइज, थ्रिप्स",
  "dose2": "200–250 मिली",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर, एफिड्स, थ्रिप्स",
  "dose3": "200–250 मिली",
  "crop4": "फल",
  "target4": "कैटरपिलर, थ्रिप्स, एफिड्स, व्हाइटफ्लाइज",
  "dose4": "200–250 मिली",
  "add_info": "प्रयोग: कीट संक्रमण के पहले संकेत पर पर्ण स्प्रे के रूप में लागू करें। अधिकतम प्रभावशीलता के लिए पूर्ण और समान कवरेज सुनिश्चित करें। आवश्यकता होने पर 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, और 1 लीटर पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• द्वि-क्रिया: व्यापक कीट नियंत्रण के लिए प्रणालीगत और संपर्क गुणों का संयोजन<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम: एक अनुप्रयोग में कई कीट प्रकारों को लक्षित करता है<br>• तेज़-प्रभावी: लंबे समय तक अवशिष्ट नियंत्रण के साथ तेज़ प्रभाव<br>• बहुउपयोगी: कई फसलों और वृद्धि चरणों के लिए उपयुक्त<br>• उपज और गुणवत्ता में सुधार: स्वस्थ उत्पाद के लिए कीट क्षति को न्यूनतम करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें; अधिक मात्रा से फसल को नुकसान हो सकता है<br>• मिलाने और छिड़काव के दौरान सुरक्षात्मक दस्ताने, मास्क और कपड़े पहनें<br>• तेज़ हवा या बारिश के दौरान छिड़काव न करें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का निपटान स्थानीय नियमों के अनुसार करें; पुनः उपयोग न करें"
},
"aceta77_indoxa145": {
  "breadcrumb_title": "चेतक (एसिटामिप्रिड 7.7% एससी + इंडोक्साकार्ब 14.5% एससी)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "चेतक (एसिटामिप्रिड 7.7% एससी + इंडोक्साकार्ब 14.5% एससी)",
  "desc": "एसिटामिप्रिड 7.7% एससी + इंडोक्साकार्ब 14.5% एससी एक द्वि-क्रिया कीटनाशक है जिसे चूसक और चबाने वाले दोनों प्रकार के कीटों पर व्यापक नियंत्रण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कपास, सब्जियां, दलहन और फल फसलों में गेंद कीट, कैटरपिलर, एफिड्स, जासिड्स, व्हाइटफ्लाइज और थ्रिप्स को नियंत्रित करने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह संयोजन त्वरित प्रभाव, लंबी अवशिष्ट सुरक्षा और बेहतर फसल स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है जिससे उपज अधिक होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "• एसिटामिप्रिड: एक प्रणालीगत नियोनिकोटिनॉइड कीटनाशक जो कीट के तंत्रिका तंत्र में निकोटिनिक एसीटाइलकोलाइन रिसेप्टर से बंधता है, जिससे लकवा और मृत्यु होती है।<br>• इंडोक्साकार्ब: एक सोडियम चैनल ब्लॉकर जो तंत्रिका संकेतों के संचरण को बाधित करता है, जिससे कीट तेजी से अचल हो जाते हैं और मर जाते हैं।<br>• साथ में, वे प्रणालीगत और संपर्क दोनों गतिविधियां प्रदान करते हैं, जो कई कीट जीवन चरणों में प्रभावी नियंत्रण देते हैं।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "कपास",
  "target1": "गेंद कीट, एफिड्स, जासिड्स, व्हाइटफ्लाइज, थ्रिप्स",
  "dose1": "200–250 मिली",
  "crop2": "सब्जियां",
  "target2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, एफिड्स, व्हाइटफ्लाइज, थ्रिप्स",
  "dose2": "200–250 मिली",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर, एफिड्स, थ्रिप्स",
  "dose3": "200–250 मिली",
  "crop4": "फल",
  "target4": "कैटरपिलर, थ्रिप्स, एफिड्स, व्हाइटफ्लाइज",
  "dose4": "200–250 मिली",
  "add_info": "प्रयोग: कीट संक्रमण के पहले संकेत पर पर्ण स्प्रे के रूप में लागू करें। अधिकतम प्रभाव के लिए फसल की छतरी का समान रूप से कवरेज सुनिश्चित करें। यदि कीट का दबाव जारी रहता है, तो 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, और 1 लीटर पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• द्वि-क्रिया: व्यापक कीट नियंत्रण के लिए प्रणालीगत और संपर्क गतिविधि का संयोजन<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम: एक ही छिड़काव में कई प्रकार के कीटों पर प्रभावी<br>• तेज़ प्रभाव: लंबे समय तक सुरक्षा के साथ तेजी से कीट मृत्यु<br>• बहुउपयोगी: कई फसलों और कीट प्रजातियों के लिए उपयुक्त<br>• उपज में वृद्धि: कीट से होने वाले नुकसान को कम करता है, जिससे बेहतर गुणवत्ता और अधिक उपज मिलती है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का उपयोग करें; अधिक मात्रा से फसल को नुकसान हो सकता है<br>• छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• तेज़ हवा या बारिश में छिड़काव न करें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का निपटान स्थानीय नियमों के अनुसार करें; पुनः उपयोग न करें"
},
"stamina_spinosad": {
  "breadcrumb_title": "स्टैमिना (स्पिनोसाड 45% एससी)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "स्टैमिना (स्पिनोसाड 45% एससी)",
  "desc": "स्टैमिना (स्पिनोसाड 45% एससी) एक प्राकृतिक रूप से प्राप्त, व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक है, जिसे सैक्करोपोलिसपोरा स्पिनोसा के किण्वन से विकसित किया गया है। यह सब्जियों, फलों, दलहन और कपास में कैटरपिलर, फ्रूट बोरर, थ्रिप्स और लीफ माइनर पर असाधारण नियंत्रण प्रदान करता है। स्टैमिना त्वरित प्रभाव, लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है और निर्देशानुसार उपयोग करने पर अधिकांश लाभकारी कीटों के लिए सुरक्षित है, जिससे यह एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) कार्यक्रमों के लिए उत्कृष्ट विकल्प बनता है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "स्पिनोसाड कीट के तंत्रिका तंत्र को निकोटिनिक एसीटाइलकोलाइन रिसेप्टर को सक्रिय करके लक्षित करता है, जिससे लगातार तंत्रिका उत्तेजना होती है। यह अनैच्छिक मांसपेशी संकुचन, लकवा और कीट की मृत्यु का कारण बनता है। यह निगलने और संपर्क दोनों के माध्यम से कार्य करता है, जिससे यह छिपे और खुले दोनों कीटों पर अत्यधिक प्रभावी होता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "सब्जियां",
  "target1": "फ्रूट बोरर, लीफ माइनर, थ्रिप्स",
  "dose1": "50–80 मिली",
  "crop2": "फल",
  "target2": "थ्रिप्स, फ्रूट बोरर, लीफ माइनर",
  "dose2": "50–80 मिली",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर",
  "dose3": "50–80 मिली",
  "crop4": "कपास",
  "target4": "गेंद कीट, थ्रिप्स",
  "dose4": "50–80 मिली",
  "add_info": "प्रयोग: कीट संक्रमण की शुरुआत में पर्ण स्प्रे के रूप में लागू करें। पत्तियों के निचले हिस्सों पर विशेष रूप से जहां कीट छिपते हैं, वहां अच्छी तरह से कवरेज सुनिश्चित करें। आवश्यकता होने पर 10–15 दिन के अंतराल पर दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 50 मिली, 100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, और 1 लीटर पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• प्राकृतिक उत्पत्ति: मिट्टी के सूक्ष्मजीव से प्राप्त, IPM के लिए उपयुक्त<br>• द्वि-क्रिया: तेज कीट नियंत्रण के लिए निगलने और संपर्क द्वारा कार्य करता है<br>• चयनात्मक सुरक्षा: निर्देशानुसार उपयोग करने पर लाभकारी कीटों पर न्यूनतम प्रभाव<br>• लंबे समय तक सुरक्षा: विस्तारित अवशिष्ट नियंत्रण बार-बार छिड़काव को कम करता है<br>• उच्च प्रभावशीलता: विभिन्न फसलों में कई कीट प्रजातियों पर प्रभावी",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• फसल तनाव से बचने के लिए तीव्र धूप में छिड़काव न करें<br>• छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• जल स्रोतों के पास या तेज हवा में छिड़काव से बचें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर ठंडी, सूखी जगह में रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"thia_lambda": {
  "breadcrumb_title": "लेज़ेन्ट्ट्रा (थायमेथॉक्साम 12.6% + लैम्ब्डा-साइहलोथ्रिन 9.5% ज़ेड-सी)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "लेज़ेन्ट्ट्रा (थायमेथॉक्साम 12.6% + लैम्ब्डा-साइहलोथ्रिन 9.5% ज़ेड-सी)",
  "desc": "थायमेथोक्साम 12.6% + लैम्ब्डा-सायहलोथ्रिन 9.5% जेडसी एक व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक है जो थायमेथोक्साम की प्रणालीगत क्रिया को लैम्ब्डा-सायहलोथ्रिन की शक्तिशाली संपर्क और पेट क्रिया के साथ जोड़ता है। यह अद्वितीय संयोजन तेज प्रभाव, लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है और कपास, सब्जियों, दलहन और फलों सहित कई फसलों में एफिड्स, जेसिड्स, थ्रिप्स, सफेद मक्खियों, बॉलवर्म्स और कैटरपिलर जैसे चूसने और चबाने वाले कीटों की एक विस्तृत श्रृंखला को नियंत्रित करता है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "• थायमेथोक्साम: एक प्रणालीगत नीओनिकोटिनॉइड कीटनाशक जो कीटों में निकोटिनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर से जुड़कर तंत्रिका संकेत संचरण को बाधित करता है और लकवा एवं मृत्यु का कारण बनता है।<br>• लैम्ब्डा-सायहलोथ्रिन: एक सिंथेटिक पाइरेथ्रॉइड जो कीटों की तंत्रिका झिल्लियों में सोडियम चैनलों पर कार्य करता है, जिससे तेजी से लकवा और मृत्यु होती है।<br>• यह संयोजन तेज प्रभाव और विस्तारित अवशिष्ट गतिविधि के साथ रोकथाम और उपचार दोनों प्रकार का कीट नियंत्रण सुनिश्चित करता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित कीट",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "कपास",
  "target1": "बॉलवर्म, एफिड्स, जेसिड्स, सफेद मक्खियां, थ्रिप्स",
  "dose1": "200–250 मिली",
  "crop2": "सब्जियां",
  "target2": "फ्रूट बोरर, पॉड बोरर, थ्रिप्स, एफिड्स, सफेद मक्खियां",
  "dose2": "200–250 मिली",
  "crop3": "दलहन",
  "target3": "पॉड बोरर, कैटरपिलर, एफिड्स, थ्रिप्स",
  "dose3": "200–250 मिली",
  "crop4": "फल",
  "target4": "कैटरपिलर, थ्रिप्स, एफिड्स, सफेद मक्खियां",
  "dose4": "200–250 मिली",
  "add_info": "प्रयोग: कीट संक्रमण के पहले संकेत पर पर्ण स्प्रे के रूप में लागू करें। फसल की छतरी का पूरा और समान कवरेज सुनिश्चित करें। यदि कीट का दबाव जारी रहता है तो हर 10–15 दिन में दोहराएं।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक साइज: 80 मि.ली., 100 मि.ली. और 200 मि.ली.",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• डुअल एक्शन फॉर्मूला: पूर्ण कीट नियंत्रण के लिए प्रणालीगत और संपर्क गुणों का संयोजन<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम नियंत्रण: चूसने और चबाने वाले दोनों प्रकार के कीटों पर प्रभावी<br>• तेज प्रभाव और लंबा अवशिष्ट प्रभाव: तेज कीट मृत्यु और लंबे समय तक फसल संरक्षण सुनिश्चित करता है<br>• बहुउपयोगी: कई प्रकार की फसलों और कीटों के लिए उपयुक्त<br>• बेहतर फसल स्वास्थ्य: कीट के दबाव को कम कर उपज और गुणवत्ता में वृद्धि",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें; अधिक मात्रा फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है<br>• आवेदन के दौरान दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• तेज हवा या बारिश के दौरान छिड़काव से बचें<br>• भोजन, चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"swathi": {
  "breadcrumb_title": "स्वाथी (पायराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल 70% डब्ल्यूडीजी)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "स्वाथी (पायराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल 70% डब्ल्यूडीजी)",
  "desc": "स्वाथी (पायराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल 70% डब्ल्यूडीजी) एक अत्यधिक प्रभावी, चयनात्मक पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशी है, जिसका उपयोग रोपाई और डायरेक्ट-सीडेड धान में खरपतवारों की एक विस्तृत श्रृंखला को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह विशेष रूप से सजी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर प्रभावी है, उत्कृष्ट फसल सुरक्षा और लंबे समय तक खरपतवार दमन प्रदान करता है। स्वाथी धान की शुरुआती वृद्धि के महत्वपूर्ण चरणों के दौरान खेत को खरपतवार-मुक्त बनाए रखता है, जिससे बेहतर फसल स्थापना और उच्च उपज सुनिश्चित होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "पायराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल एक एसीटोलैक्टेट सिंथेज़ (ALS) अवरोधक है। यह संवेदनशील खरपतवारों में आवश्यक अमीनो अम्लों (वेलिन, ल्यूसीन और आइसोल्यूसीन) के जैवसंश्लेषण को बाधित करता है, जिससे उनकी वृद्धि रुक जाती है और अंततः मृत्यु हो जाती है। यह जड़ों और पत्तियों दोनों द्वारा अवशोषित होता है, जिससे विश्वसनीय पोस्ट-इमर्जेंस नियंत्रण मिलता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "धान",
  "target1": "सजी खरपतवार (साइपेरस डिफॉर्मिस, फिम्ब्रिस्टिलिस मिलिएशिया), चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (एक्लिप्टा अल्बा, लुडविगिया पार्विफ्लोरा, अम्मानिया प्रजातियां)",
  "dose1": "80–100 ग्राम",
  "crop2": "बासमती धान",
  "target2": "सजी खरपतवार, चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (एक्लिप्टा अल्बा, लुडविगिया पार्विफ्लोरा, अम्मानिया प्रजातियां सहित)",
  "dose2": "80–100 ग्राम",
  "add_info": "प्रयोग: बुवाई या रोपाई के 10–20 दिन बाद तब छिड़काव करें जब खरपतवार 2–4 पत्ती अवस्था में हों। समान कवरेज के लिए प्रति एकड़ 200–300 लीटर पानी फ्लैट-फैन नोजल के साथ उपयोग करें।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 80 ग्राम, 100 ग्राम, और 500 ग्राम पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• व्यापक स्पेक्ट्रम खरपतवार नियंत्रण: धान में सजी और प्रमुख चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर प्रभावी<br>• पोस्ट-इमर्जेंस क्रिया: अंकुरण के बाद खरपतवारों को लंबे समय तक नियंत्रित करता है<br>• फसल चयनात्मकता: अनुशंसित उपयोग पर रोपाई और डायरेक्ट-सीडेड धान में सुरक्षित<br>• कम मात्रा, उच्च प्रभावशीलता: प्रति एकड़ कम मात्रा की आवश्यकता, जिससे संभालना और भंडारण आसान<br>• बेहतर उपज: शुरुआती वृद्धि के दौरान फसल को खरपतवार-मुक्त रखकर अधिकतम उत्पादकता सुनिश्चित करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल धान पर उपयोग करें; अन्य फसलों पर लागू न करें<br>• भारी वर्षा के दौरान या यदि 6 घंटे के भीतर वर्षा की संभावना हो तो छिड़काव से बचें<br>• संभालते और छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• अन्य खरपतवारनाशियों के साथ मिश्रण न करें जब तक संगतता की पुष्टि न हो<br>• बच्चों, जानवरों और भोजन/चारे से दूर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"cymo_manco": {
  "breadcrumb_title": "साइमोज़ेब अल्ट्रा (साइमोक्सानिल 8% + मैंकोजेब 64% WP)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "साइमोज़ेब अल्ट्रा (साइमोक्सानिल 8% + मैंकोजेब 64% WP)",
  "desc": "साइमोक्सानिल 8% + मैंकोजेब 64% WP एक व्यापक स्पेक्ट्रम फफूंदनाशी है जो दो शक्तिशाली सक्रिय तत्वों की प्रणालीगत और संपर्क क्रिया को संयोजित करता है। यह सब्जियों, फलों, आलू, अंगूर और अन्य फसलों में डाउनी मिल्ड्यू, लेट ब्लाइट और अन्य फफूंदी रोगों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है। यह फॉर्मूलेशन रोगों से बचाव और इलाज दोनों प्रदान करता है, जिससे स्वस्थ फसल और बेहतर उपज सुनिश्चित होती है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "•<b>साइमोक्सानिल:</b> एक प्रणालीगत फफूंदनाशी जो पौधों के ऊतकों में प्रवेश करता है, कवक माइसीलियम के विकास को रोकता है और आगे फैलने से रोकता है।<br>•<b>मैंकोजेब:</b> एक मल्टी-साइट संपर्क फफूंदनाशी जो कवक बीजाणुओं में एंजाइम गतिविधि को बाधित करता है, अंकुरण और संक्रमण को रोकता है।<br>•संयोजन त्वरित नियंत्रण, प्रतिरोध प्रबंधन और लंबे समय तक रोग सुरक्षा सुनिश्चित करता है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्ष्य रोग",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "आलू",
  "target1": "लेट ब्लाइट",
  "dose1": "400–500 ग्राम",
  "crop2": "अंगूर",
  "target2": "डाउनी मिल्ड्यू",
  "dose2": "400–500 ग्राम",
  "crop3": "टमाटर",
  "target3": "अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट",
  "dose3": "400–500 ग्राम",
  "crop4": "कुकुर्बिट्स",
  "target4": "डाउनी मिल्ड्यू",
  "dose4": "400–500 ग्राम",
  "crop5": "अन्य सब्जियां",
  "target5": "पत्ती धब्बा, एन्थ्रेक्नोज, ब्लाइट",
  "dose5": "400–500 ग्राम",
  "add_info": "प्रयोग: रोग के शुरुआती चरण में या रोकथाम के उपाय के रूप में पर्ण छिड़काव करें। रोग दबाव के अनुसार हर 7–10 दिन में दोहराएं। फसल की छतरी का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक साइज: 150 ग्राम, 300 ग्राम और 600 ग्राम",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "•दोहरी क्रिया: विश्वसनीय नियंत्रण के लिए प्रणालीगत और संपर्क क्रिया का संयोजन<br>•विस्तृत स्पेक्ट्रम सुरक्षा: विभिन्न प्रकार की फफूंद बीमारियों के खिलाफ प्रभावी<br>•प्रतिरोध प्रबंधन: प्रतिरोध विकसित होने के जोखिम को कम करता है<br>•उपचारात्मक और निवारक: मौजूदा संक्रमण को रोकता है और नए संक्रमण को रोकता है<br>•बेहतर फसल गुणवत्ता: रोग-संबंधी उपज हानि को कम करता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "•फसल को नुकसान से बचाने के लिए केवल अनुशंसित मात्रा में प्रयोग करें<br>•बहुत गर्म समय या बरसात के मौसम में छिड़काव से बचें<br>•छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>•भोजन, पशु चारा, बच्चों और जानवरों से दूर रखें<br>•खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुनः उपयोग न करें"
},
"laddu": {
  "breadcrumb_title": "लड्डू (टेम्बोट्रियोन 34.4% एससी + सर्फैक्टेंट)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "लड्डू (टेम्बोट्रियोन 34.4% एससी + सर्फैक्टेंट)",
  "desc": "लड्डू (टेम्बोट्रियोन 34.4% एससी + सर्फैक्टेंट) मक्का में चौड़ी पत्ती और घास वर्ग के खरपतवारों की एक विस्तृत श्रृंखला को नियंत्रित करने के लिए एक अत्यंत प्रभावी पोस्ट-इमर्जेंस शाकनाशी है। इसमें मौजूद सर्फैक्टेंट पत्तियों पर बेहतर कवरेज, तेज अवशोषण और बेहतर शाकनाशी प्रभाव प्रदान करता है। लड्डू तेज खरपतवार नियंत्रण और लंबे समय तक अवशिष्ट नियंत्रण प्रदान करता है, जिससे मक्का की फसल पोषक तत्वों, धूप और पानी के लिए प्रतिस्पर्धा के बिना स्वस्थ रूप से बढ़ती है।",
  "mode_tab": "क्रिया का तरीका",
  "mode": "टेम्बोट्रियोन एक चयनात्मक प्रणालीगत शाकनाशी है जो एंजाइम 4-हाइड्रॉक्सीफिनाइल-पाइरुवेट-डायऑक्सीगेनेज (HPPD) को अवरुद्ध करता है, जिससे लक्षित खरपतवारों में कैरोटिनॉइड बायोसिंथेसिस बाधित होता है। इसके परिणामस्वरूप पत्तियों का सफेद होना, वृद्धि में रुकावट और अंततः खरपतवार की मृत्यु हो जाती है। इसमें जोड़ा गया सर्फैक्टेंट खरपतवार की पत्तियों पर चिपकने और उसमें प्रवेश करने की क्षमता को बढ़ाता है, जिससे अधिकतम प्रभावशीलता मिलती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित खरपतवार",
  "table_dose": "प्रति एकड़ खुराक",
  "crop1": "मक्का",
  "target1": "चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (अमरंथस spp., पर्थेनियम हिस्टेरोफोरस), घास वर्ग के खरपतवार (इचिनोक्लोआ spp., डिगिटारिया spp.)",
  "dose1": "350–400 मि.ली.",
  "add_info": "प्रयोग: मक्का की 2–5 पत्ती अवस्था में और जब खरपतवार छोटे और सक्रिय रूप से बढ़ रहे हों तब पोस्ट-इमर्जेंस स्प्रे करें। समान कवरेज के लिए प्रति एकड़ 200–250 लीटर पानी फ्लैट-फैन नोजल से प्रयोग करें।",
  "pack_tab": "पैक आकार",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., और 1 लीटर पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• पोस्ट-इमर्जेंस क्रिया: खरपतवार के निकलने के बाद उन्हें निशाना बनाता है, जिससे फसल की प्रतिस्पर्धा कम होती है<br>• व्यापक नियंत्रण: मक्का में प्रमुख घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर प्रभावी<br>• अंतर्निर्मित सर्फैक्टेंट: स्प्रे कवरेज और अवशोषण में सुधार करता है, उच्च प्रभावशीलता के लिए<br>• तेज़ प्रभाव: कुछ ही दिनों में खरपतवार का सफेद होना और दबाव कम होना दिखाई देता है<br>• उपज संरक्षण: महत्वपूर्ण वृद्धि चरणों के दौरान मक्का के खेत को खरपतवार-मुक्त रखता है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल मक्का पर ही प्रयोग करें; अन्य फसलों पर न करें<br>• यदि 4–6 घंटे के भीतर बारिश की संभावना हो तो छिड़काव न करें<br>• फसल को नुकसान से बचाने के लिए अनुशंसित खुराक से अधिक प्रयोग न करें<br>• प्रयोग के दौरान सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने और मास्क पहनें<br>• बच्चों, पशुओं और भोजन/चारे से दूर ठंडी और सूखी जगह पर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुनः उपयोग न करें"
},
"hero_st": {
  "breadcrumb_title": "हीरो एसटी (हेक्साकोनाज़ोल 5% एससी)",
  "home": "होम",
  "desc_tab": "विवरण",
  "title": "हीरो एसटी (हेक्साकोनाज़ोल 5% एससी)",
  "desc": "हीरो एसटी (हेक्साकोनाज़ोल 5% एससी) एक प्रणालीगत ट्रायज़ोल कवकनाशी है जो फसलों में कई प्रकार की फफूंदजनित बीमारियों से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है। यह विशेष रूप से फलों, सब्जियों, अनाज और बागान फसलों में पाउडरी मिल्ड्यू, स्कैब, रस्ट और विभिन्न लीफ स्पॉट्स के खिलाफ प्रभावी है। हीरो एसटी एक निवारक और उपचारात्मक कवकनाशी दोनों के रूप में कार्य करता है, जिससे लंबे समय तक सुरक्षा और बेहतर फसल स्वास्थ्य सुनिश्चित होता है।",
  "mode_tab": "कार्रवाई का तरीका",
  "mode": "हेक्साकोनाज़ोल फफूंद में एर्गोस्टेरॉल जैवसंश्लेषण को रोकता है, जो फफूंद की कोशिका झिल्ली का एक आवश्यक घटक है। यह बाधा फफूंद की वृद्धि को रोकती है, बीजाणु अंकुरण को रोकती है और अंततः रोगजनक की मृत्यु का कारण बनती है। इसकी प्रणालीगत क्रिया सक्रिय तत्व को पौधे के भीतर स्थानांतरित करती है, जिससे उपचारित और नई वृद्धि दोनों की रक्षा होती है।",
  "info_tab": "अतिरिक्त जानकारी",
  "table_crop": "फसल",
  "table_target": "लक्षित रोग",
  "table_dose": "प्रति एकड़ मात्रा",
  "crop1": "फल",
  "target1": "पाउडरी मिल्ड्यू, स्कैब, एन्थ्रेक्नोज",
  "dose1": "100–120 मिली",
  "crop2": "सब्ज़ियां",
  "target2": "पाउडरी मिल्ड्यू, लीफ स्पॉट, एन्थ्रेक्नोज",
  "dose2": "100–120 मिली",
  "crop3": "अनाज",
  "target3": "रस्ट, लीफ स्पॉट",
  "dose3": "100–120 मिली",
  "crop4": "बागान फसलें",
  "target4": "पाउडरी मिल्ड्यू, लीफ स्पॉट, स्कैब",
  "dose4": "100–120 मिली",
  "add_info": "रोग के लक्षण दिखते ही पर्ण स्प्रे के रूप में छिड़काव करें। रोग की गंभीरता और फसल की स्थिति के अनुसार हर 10–15 दिनों में दोहराएं। सर्वोत्तम परिणाम के लिए पूर्ण और समान कवरेज सुनिश्चित करें।",
  "pack_tab": "पैक साइज",
  "pack": "उपलब्ध पैक: 100 मिली, 250 मिली, 500 मिली, और 1 लीटर पैक",
  "benefit_tab": "विशेषताएं और लाभ",
  "benefit": "• प्रणालीगत क्रिया: उपचारित और नई पौध वृद्धि दोनों की रक्षा करता है<br>• व्यापक स्पेक्ट्रम कवकनाशी: कई प्रकार की फफूंद बीमारियों पर प्रभावी<br>• निवारक और उपचारात्मक: मौजूदा संक्रमण को रोकता है और नए को रोकता है<br>• लंबे समय तक सुरक्षा: छिड़काव की आवृत्ति कम करता है<br>• बेहतर फसल स्वास्थ्य: रोग के प्रभाव को कम करता है, जिससे बेहतर उपज और गुणवत्ता मिलती है",
  "precaution_tab": "सावधानियां",
  "precaution": "• केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें; अधिक मात्रा से फाइटोटॉक्सिसिटी हो सकती है<br>• संभालने और छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें<br>• तेज धूप या तेज हवाओं में छिड़काव से बचें<br>• भोजन, पशु आहार, बच्चों और जानवरों से दूर ठंडी, सूखी जगह पर रखें<br>• खाली कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें; पुन: उपयोग न करें"
},
"vision": {
  "sub_title": "हमारा वादा",
  "title": "स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य के लिए हमारा दृष्टिकोण",
  "tab_label": "हमारे बारे में",
  "tab_title": "हमारा दृष्टिकोण",
  "heading": "हर परिवार के लिए स्वच्छ भोजन को रोज़मर्रा की हकीकत बनाना।",
  "description": "हम लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि एक सरल मानवीय वादा निभाने के लिए यहां हैं: यदि किसान हमारे उत्पादों का उपयोग करते हैं, तो वे उत्पाद शुद्ध, ईमानदार और जिम्मेदारी से बनाए जाने चाहिए। स्वच्छ इनपुट से स्वच्छ फसलें उगती हैं। जब भोजन सुरक्षित होता है, तो लोग बीमारियों पर कम और अपने जीवन को बेहतर बनाने पर अधिक खर्च करते हैं। यही वह भविष्य है जिसके लिए हम हर मौसम में काम करते हैं।",
  "point1": "समझौता रहित शुद्धता: कोई शॉर्टकट नहीं, कोई मिलावट नहीं—हर उत्पाद 'कुछ भी मिलाया नहीं गया' मानक पर खरा उतरता है।",
  "point2": "सुरक्षा को प्राथमिकता: जिम्मेदार रसायन, स्पष्ट लेबल और सही व प्रभावी उपयोग के लिए किसान शिक्षा।",
  "point3": "मानवता के प्रति ईमानदारी: लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता—लाभ तब मिलता है जब हम सही करते हैं।",
  "point4": "किसान-प्रथम प्रभाव: फसल सुरक्षा जो आय बढ़ाती है और समुदायों को मजबूत करती है।",
  "point5": "धरती के प्रति सम्मान: ऐसी प्रथाएं जो मिट्टी, पानी और जैव विविधता की रक्षा करती हैं।"
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"breadcrumb_about": {
  "title": "हमारे बारे में",
  "home": "मुखपृष्ठ",
  "current": "हमारे बारे में"
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"contact_annapurna": {
  "breadcrumb_title": "संपर्क करें - अन्नपूर्णा",
  "home": "मुखपृष्ठ",
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"career": {
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  "heading": "पद के लिए आवेदन करें",
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